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Deoria News: खसरा-खतौनी, जाति-आय प्रमाण पत्र के लिए हर रोज परेशान हो रहे 15 हजार लोग
Sun, 27 Aug 2023 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 27 Aug 2023 12:50 AM IST
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देवरिया। जनपद की पांच तहसीलों में हर रोज पहुंचने वाले 10 से 15 हजार लोग खसरा, खतौनी, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, वरासत सहित अन्य कार्यों के लिए परेशान हो रहे हैं। लेखपालों के मोबाइल फोन बंद कर जमा कर देने के बाद लोगों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे लोग निराश होकर लौट रहे हैं। शनिवार को आय प्रमाण पत्र के लिए रामपुर निवासी गौतम कुमार तहसील कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि लेखपाल से मुलाकात करने के लिए सुबह से परेशान हैं। उनका मोबाइल बंद बता रहा है। कार्यालय में लोग बता रहे हैं कि लेखपाल लोग बिना मोबाइल के हो गए हैं। इससे परेशानी हो रही है।
देवरिया जिले के विभिन्न हल्कों में कुल 540 लेखपाल तैनात हैं। इन्हें वर्ष 2018 में सरकार की तरफ से मोबाइल फोन दिए गए थे, ताकि आय, जाति, निवास, वरासत आदि कार्य लेखपाल ऑनलाइन निस्तारित कर सकें। लेखपालों का कहना है कि जो मोबाइल फोन मिले थे उसे कंपनी ने काफी पहले ही बंद कर दिया था। चलन से बाहर हुए सेट हम उपलब्ध करा दिए गए थे। ज्यादातर छह महीने चलने के बाद ही मोबाइल फोन खराब होने लगे थे। हैंडसेट थ्रीजी होने के चलते इंटनेट भी धीमी गति से चलता था। व्हाट्सएप या जूम एप डाउनलोड नहीं हो रहा था। हमेशा कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती थी। आनलाइन आए आवेदनों को निस्तारित करने में कठिनाई हो रही थी। निस्तारण में देरी होने पर अधिकारी दबाव बना रहे थे। ऐसे में प्रदेश संगठन के आह्वान पर मोबाइल फोन जमा किए जा रहे हैं। निजी मोबाइल से ही ऑनलाइन काम किए जा रहे हैं।
एग्री एप खोलते ही हैंग हो रहा था मोबाइल
सदर तहसील के लेखपालों ने बताया कि एग्री एप के जरिए क्रॉप कटिंग का भी काम करना था। एप खोलते ही मोबाइल हैंग करने लगता था। इसमें उच्च क्षमता के कैमरे की जरूरत है। सरकारी मोबाइल के कैमरे से फोटो धुंधली आ रही थी।
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तीन साल थी वैधता, पांच साल चलाया
लेखपाल संघ के पूर्व जिला मंत्री संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में मोबाइल विभाग की ओर से मुहैया कराए गए थे। उस दौरान मोबाइल की वैधता तीन साल बताई गई थी। ये मोबाइल सालभर में ही दगा देने लगे थे। फिर भी लेखापालों ने लगभग पांच साल इससे किसी तरह काम चलाया।
एक माह पहले भाई ने आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। अबतक बन नहीं पाया है। लेखपाल को फोन कर रहा हूं तो उनका मोबाइल बंद बता रहा है। ऑफिस गया तो पता चला कि लेखपाल की रिपोर्ट बाकी है।
- गुड्डू, भीमपुर
आय और जाति प्रमाणपत्र बनवाना है। कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं। ऑफिस के कर्मचारी कह रहे हैं कि लेखपाल से रिपोर्ट लगवाइए। लेखपाल मोबाइल फोन न होने की बात कह टालमटोल कर रहे हैं।
- दिव्या, सोनूघाट
भाई का आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र बनवाना है। सहज जन सेवा केंद्र पर गया तो बताया गया कि लेखपालों का सरकारी मोबाइल जमा हो गया है। वह रिपोर्ट नहीं लगा पा रहे। पहले उनसे मिल लीजिए, फिर ऑनलाइन आवेदन कीजिएगा।
- अभिषेक चौरसिया, कुशहरी।
मोबाइल फोन के ठीक से कार्य न करने से सभी लेखपाल परेशान थे। संघ के निर्देश पर सभी मोबाइल फोन रजिस्टर कानूनगो कार्यालय में जमा कर दिए गए हैं। मोबाइल फोन पुराने थे। उसमें नया वर्जन और नया सॉफ्टवेयर लोड करने में दिक्कत हो रही थी।
- सुकेश तिवारी, लेखपाल संघ अध्यक्ष, बरहज तहसील
मोबाइल फोन जमा कराने के लिए लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन दिया है। सदर तहसील में अभी मोबाइल जमा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में एसडीएम बातचीत कर हल निकाला जाएगा। - अरुण कुमार, तहसीलदार देवरिया सदर।
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देवरिया जिले के विभिन्न हल्कों में कुल 540 लेखपाल तैनात हैं। इन्हें वर्ष 2018 में सरकार की तरफ से मोबाइल फोन दिए गए थे, ताकि आय, जाति, निवास, वरासत आदि कार्य लेखपाल ऑनलाइन निस्तारित कर सकें। लेखपालों का कहना है कि जो मोबाइल फोन मिले थे उसे कंपनी ने काफी पहले ही बंद कर दिया था। चलन से बाहर हुए सेट हम उपलब्ध करा दिए गए थे। ज्यादातर छह महीने चलने के बाद ही मोबाइल फोन खराब होने लगे थे। हैंडसेट थ्रीजी होने के चलते इंटनेट भी धीमी गति से चलता था। व्हाट्सएप या जूम एप डाउनलोड नहीं हो रहा था। हमेशा कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती थी। आनलाइन आए आवेदनों को निस्तारित करने में कठिनाई हो रही थी। निस्तारण में देरी होने पर अधिकारी दबाव बना रहे थे। ऐसे में प्रदेश संगठन के आह्वान पर मोबाइल फोन जमा किए जा रहे हैं। निजी मोबाइल से ही ऑनलाइन काम किए जा रहे हैं।
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एग्री एप खोलते ही हैंग हो रहा था मोबाइल
सदर तहसील के लेखपालों ने बताया कि एग्री एप के जरिए क्रॉप कटिंग का भी काम करना था। एप खोलते ही मोबाइल हैंग करने लगता था। इसमें उच्च क्षमता के कैमरे की जरूरत है। सरकारी मोबाइल के कैमरे से फोटो धुंधली आ रही थी।
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तीन साल थी वैधता, पांच साल चलाया
लेखपाल संघ के पूर्व जिला मंत्री संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में मोबाइल विभाग की ओर से मुहैया कराए गए थे। उस दौरान मोबाइल की वैधता तीन साल बताई गई थी। ये मोबाइल सालभर में ही दगा देने लगे थे। फिर भी लेखापालों ने लगभग पांच साल इससे किसी तरह काम चलाया।
एक माह पहले भाई ने आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। अबतक बन नहीं पाया है। लेखपाल को फोन कर रहा हूं तो उनका मोबाइल बंद बता रहा है। ऑफिस गया तो पता चला कि लेखपाल की रिपोर्ट बाकी है।
- गुड्डू, भीमपुर
आय और जाति प्रमाणपत्र बनवाना है। कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं। ऑफिस के कर्मचारी कह रहे हैं कि लेखपाल से रिपोर्ट लगवाइए। लेखपाल मोबाइल फोन न होने की बात कह टालमटोल कर रहे हैं।
- दिव्या, सोनूघाट
भाई का आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र बनवाना है। सहज जन सेवा केंद्र पर गया तो बताया गया कि लेखपालों का सरकारी मोबाइल जमा हो गया है। वह रिपोर्ट नहीं लगा पा रहे। पहले उनसे मिल लीजिए, फिर ऑनलाइन आवेदन कीजिएगा।
- अभिषेक चौरसिया, कुशहरी।
मोबाइल फोन के ठीक से कार्य न करने से सभी लेखपाल परेशान थे। संघ के निर्देश पर सभी मोबाइल फोन रजिस्टर कानूनगो कार्यालय में जमा कर दिए गए हैं। मोबाइल फोन पुराने थे। उसमें नया वर्जन और नया सॉफ्टवेयर लोड करने में दिक्कत हो रही थी।
- सुकेश तिवारी, लेखपाल संघ अध्यक्ष, बरहज तहसील
मोबाइल फोन जमा कराने के लिए लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन दिया है। सदर तहसील में अभी मोबाइल जमा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में एसडीएम बातचीत कर हल निकाला जाएगा। - अरुण कुमार, तहसीलदार देवरिया सदर।