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Deoria News: आठ लाख खर्च, अमृत सरोवर में जमा हो रहा ‘जहर’
Wed, 03 Dec 2025 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Dec 2025 11:39 PM IST
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रतनपुर गांव में बदहाल पड़ा निर्माणाधीन अमृत सरोवर।फोटो संवाद
एकौना। जल संरक्षण और गांव के भव्यता बढ़ाने को लेकर रुद्रपुर ब्लाॅक में बनाए जाने वाला अमृत सरोवर रतनपुर में कचरा पेटी बन गया है। यहां गांव के नालियों का गंदा पानी निर्माणाधीन सरोवर में जमा हो रहा है।
तीन साल से निर्माणाधीन रतनपुर गांव के अमृत सरोवर से सड़न की बदबू उठ रही है, जबकि करीब तीस लाख रुपये से बनने वाले अमृत सरोवर में पंचायत विभाग आठ लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुका है। लेकिन धरातल पर पोखरे के किनारे खुदाई और दो पंक्ति सीढ़ी के अलावा कोई काम नहीं दिख रहा।
विभाग के जिम्मेदार ही इस योजना को पलीता लगा रहे है। बीडीओ बिना किसी के लिखित शिकायत के अमृत सरोवर का निरीक्षण करने को तैयार नहीं हैं। वर्ष 2022 में गांव के एक एकड़ के रकबे में फैले पोखरी को अमृत सरोवर बनाकर जल संचयन कर भूजल स्तर को बढ़ाने के साथ गांव के भव्यता बढ़ाने का उद्देश्य बताया गया। सरोवर में पानी के प्रवेश और निकास द्वार के अलावा टहलने और राष्ट्रीय पर्व मनाए जाने हेतु स्थल पर भी बनाए जाने का प्रोजेक्ट तय है।
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रतनपुर गांव में अमृत सरोवर के निर्माण के तीन मानसून बीत जाने के बाद भी अब तक जल संचयन के इनलेट और ऑउटलेट का इंतजाम तक नहीं हो पाया। पोखरी का किनारा झाड़ झंखाड़ से पटा है। पोखरे में बारिश से लेकर लोगों के घरों के नाली का कचरा पहुंच रहा है। पोखरे के किनारे बसने वाले परिवारों में जल संक्रमित बीमारी फैलने की संभावना बनी रहती है। पंचायत विभाग तीन साल में पोखरी पर कागज में 8.29 लाख रुपये अब तक खर्च कर चुका है।
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तीन साल से निर्माणाधीन रतनपुर गांव के अमृत सरोवर से सड़न की बदबू उठ रही है, जबकि करीब तीस लाख रुपये से बनने वाले अमृत सरोवर में पंचायत विभाग आठ लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुका है। लेकिन धरातल पर पोखरे के किनारे खुदाई और दो पंक्ति सीढ़ी के अलावा कोई काम नहीं दिख रहा।
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विभाग के जिम्मेदार ही इस योजना को पलीता लगा रहे है। बीडीओ बिना किसी के लिखित शिकायत के अमृत सरोवर का निरीक्षण करने को तैयार नहीं हैं। वर्ष 2022 में गांव के एक एकड़ के रकबे में फैले पोखरी को अमृत सरोवर बनाकर जल संचयन कर भूजल स्तर को बढ़ाने के साथ गांव के भव्यता बढ़ाने का उद्देश्य बताया गया। सरोवर में पानी के प्रवेश और निकास द्वार के अलावा टहलने और राष्ट्रीय पर्व मनाए जाने हेतु स्थल पर भी बनाए जाने का प्रोजेक्ट तय है।
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रतनपुर गांव में अमृत सरोवर के निर्माण के तीन मानसून बीत जाने के बाद भी अब तक जल संचयन के इनलेट और ऑउटलेट का इंतजाम तक नहीं हो पाया। पोखरी का किनारा झाड़ झंखाड़ से पटा है। पोखरे में बारिश से लेकर लोगों के घरों के नाली का कचरा पहुंच रहा है। पोखरे के किनारे बसने वाले परिवारों में जल संक्रमित बीमारी फैलने की संभावना बनी रहती है। पंचायत विभाग तीन साल में पोखरी पर कागज में 8.29 लाख रुपये अब तक खर्च कर चुका है।