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Deoria News: बीन-फटक कर खाएं, हर चीज में हो रही मिलावट
Mon, 07 Aug 2023 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 07 Aug 2023 11:32 PM IST
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देवरिया। दूध, बेसन, छेना जैसे खाद्य पदार्थों में लगातार आ रही मिलावट की शिकायतों के बाद लोग खुद और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित हैं। मिलावट घर की रसोई तक पहुंच गई है। ऐसे में लोग परेशान हैं कि कहां से खरीदें और क्या खाएं। सावन के समाप्त होने के बाद रक्षाबंधन से त्योहारों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में लोग मिलावटखोरी की आशंका से और परेशान हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की यही राय है कि स्वयं ही बीन-फटककर खाएं। जहां तक हो सके मसाले घर में ही सुखा कर पीसें।
बीते सत्र में खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग की ओर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में से 178 जांच में फेल मिले थे। इनपर अभी कार्रवाई चल रही थी तभी हाल के दो महीनों में लिए गए नमूनों में नौ की रिपोर्ट भी नकारात्मक आई है। इसमें दूध, बेसन, मैक्रोनी जैसे खाद्य पदार्थ अधोमानक या मिलावटी मिले हैं। मिलावटखोंरों पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन व न्याय निर्णायक अधिकारी न्यायालय ने 2.50 लाख का अर्थदंड भी लगाया है।
गुर्दे, तिल्ली और लीवर को नुकसान पहुंचाता है खाद्य पदार्थों में मिलाया गया रंग
डॉ. एचके मिश्रा के मुताबिक मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। लेकिन इन रंगों का खाद्य पदार्थों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली और लीवर को क्षति पहुंचती है। रक्तचाप, पाचनतंत्र, प्रतिरोधक क्षमता व अन्य अंग पर प्रभाव पड़ता है। गैस बनती है। वहीं इससे पथरी, ट्यूमर, एनीमिया, लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
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बीते साल 106 लोगों पर लगा था जुर्माना
पिछले सत्र खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले 106 व्यवसायियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग ने जुर्माना लगाया है। इसमें खोवा, पनीर, घी, दूध के उत्पाद, तेल, दाल, बेकरी, नमकीन व नमक विक्रेता शामिल हैं। कुल 34 लाख रुपये जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया चल रही है।
ग्राहक हमारे परिवार जैसे होते हैं। उनकी सेहत का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। जांच परखकर ही कोई सामान बेचना चाहिए। ज्यादातर व्यवसायी इस मामले में सावधानी बरतते हैं।
- कुबेर बरनवाल, किराना व्यवसायी।
कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को खराब सामान नहीं देना चाहता। कभी-कभी बाहर से आयात हुए सामान की गुणवत्ता खराब निकल जाती है। जिसे वह भी पहचान नहीं पाते।
- विश्वजीत मद्धेशिया, मिष्ठान विक्रेता
ज्यादातर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है। दूधिया भी आजकल दूध बढि़या नहीं दे रहे। दूध का स्वाद बदलता जा रहा है। समझ में नहीं आ रहा क्या खाएं, क्या नहीं खाएं।
सत्येंद्र सिंह, ग्राहक
हल्दी का रंग वास्तविकता से अधिक पीला आ रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। प्रशासन को सक्रिय होना पड़ेगा वर्ना लोग मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण बीमार पड़ते रहेंगे।
- विवके तिवारी, ग्राहक
घर पर ऐसे करें मिलावट की पहचान
- आटा में चाक पाउडर, रेत, अन्य आटा, मैदा की मिलावट की जाती है। गूंथने पर पानी अधिक लगने, रोटी बेलने में समय लगता है, रोटी का आकार नहीं बढ़ता है, रोटी का न फूलना, स्वाद अजीब आने से मिलावट की पहचान की जा सकती है।
- दूध में पानी, यूरिया, फेविकाॅल और कास्टिक सोडा की मिलावट की जाती है। इसकी पहचान टिंचर आयोडीन की बूंद डालने पर रंग नीला हो जाता है। वहीं नींबू डालने पर बुलबुले उठने लगते हैं।
- अरहर दाल में खेसारी दाल, कंकड़, रंग मिलाया जाता है। दाल के रंग, आकार, प्रकार में अंतर से पहचान की जा सकती है।
- मिर्च पाउडर में लाल रंग, ईंट का चूरा, बालू, रोडामाइन की मिलावट की जाती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर मिलाने पर अगर पानी का रंग लाल जाए तो उसमें मिलावट होती है। ईंट व बालू होने पर वह सतह में इकट्ठा हो जाता है।
- पिसे मसाले में बुरादा, रंग, कंकड़, पत्थर, रेत मिट्टी की मिलावट की जाती है। पानी में घोलने पर रंग और अवांछित तत्व अलग हो जाने से पहचान होती है।
- खाद्य पदार्थों में अपमिश्रण की रोकथाम के लिए नमूने लिए जाते हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। रिपोर्ट में पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाती है।
- विनय कुमार सहाय, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय
लोगों को मिलावट रहित सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम समय-समय पर छापे की कार्रवाई करती है। मिलावटखोरों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीम प्रशासन
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बीते सत्र में खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग की ओर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में से 178 जांच में फेल मिले थे। इनपर अभी कार्रवाई चल रही थी तभी हाल के दो महीनों में लिए गए नमूनों में नौ की रिपोर्ट भी नकारात्मक आई है। इसमें दूध, बेसन, मैक्रोनी जैसे खाद्य पदार्थ अधोमानक या मिलावटी मिले हैं। मिलावटखोंरों पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन व न्याय निर्णायक अधिकारी न्यायालय ने 2.50 लाख का अर्थदंड भी लगाया है।
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गुर्दे, तिल्ली और लीवर को नुकसान पहुंचाता है खाद्य पदार्थों में मिलाया गया रंग
डॉ. एचके मिश्रा के मुताबिक मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। लेकिन इन रंगों का खाद्य पदार्थों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली और लीवर को क्षति पहुंचती है। रक्तचाप, पाचनतंत्र, प्रतिरोधक क्षमता व अन्य अंग पर प्रभाव पड़ता है। गैस बनती है। वहीं इससे पथरी, ट्यूमर, एनीमिया, लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
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बीते साल 106 लोगों पर लगा था जुर्माना
पिछले सत्र खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले 106 व्यवसायियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग ने जुर्माना लगाया है। इसमें खोवा, पनीर, घी, दूध के उत्पाद, तेल, दाल, बेकरी, नमकीन व नमक विक्रेता शामिल हैं। कुल 34 लाख रुपये जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया चल रही है।
ग्राहक हमारे परिवार जैसे होते हैं। उनकी सेहत का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। जांच परखकर ही कोई सामान बेचना चाहिए। ज्यादातर व्यवसायी इस मामले में सावधानी बरतते हैं।
- कुबेर बरनवाल, किराना व्यवसायी।
कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को खराब सामान नहीं देना चाहता। कभी-कभी बाहर से आयात हुए सामान की गुणवत्ता खराब निकल जाती है। जिसे वह भी पहचान नहीं पाते।
- विश्वजीत मद्धेशिया, मिष्ठान विक्रेता
ज्यादातर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है। दूधिया भी आजकल दूध बढि़या नहीं दे रहे। दूध का स्वाद बदलता जा रहा है। समझ में नहीं आ रहा क्या खाएं, क्या नहीं खाएं।
सत्येंद्र सिंह, ग्राहक
हल्दी का रंग वास्तविकता से अधिक पीला आ रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। प्रशासन को सक्रिय होना पड़ेगा वर्ना लोग मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण बीमार पड़ते रहेंगे।
- विवके तिवारी, ग्राहक
घर पर ऐसे करें मिलावट की पहचान
- आटा में चाक पाउडर, रेत, अन्य आटा, मैदा की मिलावट की जाती है। गूंथने पर पानी अधिक लगने, रोटी बेलने में समय लगता है, रोटी का आकार नहीं बढ़ता है, रोटी का न फूलना, स्वाद अजीब आने से मिलावट की पहचान की जा सकती है।
- दूध में पानी, यूरिया, फेविकाॅल और कास्टिक सोडा की मिलावट की जाती है। इसकी पहचान टिंचर आयोडीन की बूंद डालने पर रंग नीला हो जाता है। वहीं नींबू डालने पर बुलबुले उठने लगते हैं।
- अरहर दाल में खेसारी दाल, कंकड़, रंग मिलाया जाता है। दाल के रंग, आकार, प्रकार में अंतर से पहचान की जा सकती है।
- मिर्च पाउडर में लाल रंग, ईंट का चूरा, बालू, रोडामाइन की मिलावट की जाती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर मिलाने पर अगर पानी का रंग लाल जाए तो उसमें मिलावट होती है। ईंट व बालू होने पर वह सतह में इकट्ठा हो जाता है।
- पिसे मसाले में बुरादा, रंग, कंकड़, पत्थर, रेत मिट्टी की मिलावट की जाती है। पानी में घोलने पर रंग और अवांछित तत्व अलग हो जाने से पहचान होती है।
- खाद्य पदार्थों में अपमिश्रण की रोकथाम के लिए नमूने लिए जाते हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। रिपोर्ट में पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाती है।
- विनय कुमार सहाय, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय
लोगों को मिलावट रहित सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम समय-समय पर छापे की कार्रवाई करती है। मिलावटखोरों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीम प्रशासन