फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   duplicate khova and paneer in market

Deoria News: नकली खोवा व सिंथेटिक पनीर से पटा बाजार, जांच-परख करें खरीदारी

Sun, 24 Mar 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 24 Mar 2024 01:26 AM IST
विज्ञापन
duplicate khova and paneer in market
फोटो समाचार.......
विज्ञापन

मिलावटी खोवा-पनीर के बाजार में अलग-अलग कीमत, गुझिया की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। होली के पर्व पर जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्रों में नकली खोवा व पनीर की बड़ी खेप रोजाना पहुंच रही है। शहर में नकली खोवा की आपूर्ति जहां कानपुर से हो रही है, वहीं, सिंथेटिक पनीर की आपूर्ति दूसरे प्रदेशों से हो रही है।
होली में मिठाई, गुझिया और पुआ बनाने में इस्तेमाल होने वाला खोवा खरीदने में सावधानी बरतनी होगी। यह आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इधर, मिलावट पर नकेल को लेकर चल रहे अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी केवल लाइसेंस और साफ-सफाई ही देख रहे हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ के सैंपल बहुत कम लिए गए हैं। बीते चार दिन से चल रहे अभियान में अभी 22 मिठाई, खोवा, पनीर की जांच हुई है।
विज्ञापन

दुकानों से मिले आंकड़ों के अनुसार, यहां होली और दिवाली में करोड़ों के मिठाई का कारोबार होता है। अधिकतर दुकानदार न तो पक्का बिल देते हैं और न ही उनके पैकेट पर कोई एक्सपायरी डेट लिखा होता है। दुकानदार लगातार केमिकल रंग का उपयोग कर रहे हैं, जो कैंसर का कारक भी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुंदिया, लड्डू, जलेबी, इमरती आदि में इस तरह के रंगों का काफी इस्तेमाल होता है। बता दें कि शहर में कई ऐसे डेयरी और मिठाई वर्कशॉप हैं, जो बाहर से नकली खोवा और पनीर मंगवाकर खपा रहे हैं।

बाजार में खोवा-पनीर की अधिक मांग
देवरिया। अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि बाजार में मिलावटी खोवा और पनीर की भरमार है। ऐसे में बाजार जाएं तो खरीदारी सतर्क रहकर करें और जांच-परखकर ही खरीदें। वरना बीमार पड़ सकते हैं।
इधर, मिठाई व गुझिया बनाने के लिए खोवा की जबरदस्त मांग है। बाजार में मांग से भी अधिक खोवा मौजूद है। दुकान भी ग्राहक के इंतजार में हैं। जैसा ग्राहक देखा वैसा रेट लगाकर धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। वैसे बाजार में साढ़े पांच सौ रुपये किलो से लेकर 220 रुपये किलो तक के भाव हैं। पनीर भी 300 से लेकर 160 रुपये किलो तक बिक रहा है। बीते दो दिनों में बाजार में करीब आठ हजार रुपये का खोवा व मिठाई पकड़ कर नष्ट किया जा चुका है। वहीं, 58 हजार रुपये की कचरी को खाने योग्य नहीं पाए जाने पर जब्त कर लिया गया है।

गुझिया की मांग सबसे अधिक

शहर की एक दुकान पर मिठाई बनाने का काम करने वाले एक कारीगर ने बताया कि होली पर्व पर एक सप्ताह पहले से ही गुझिया बनाने के लिए खोवा की मांग शुरू हो जाती है। यह मांग होली के एक दिन पहले तक रहती है। असली खोवा का रेट 500 रुपये प्रति किलो से ऊपर है। जितनी उससे मिठाई या गुझिया बनाने में लागत आएगी, उस हिसाब से बिक्री मूल्य नहीं मिलेगा।


आसान तरीके से पहचानें असली-नकली

-खोवा खरीदते समय चुटकीभर हथेलियों के बीच रगड़ें। असली खोवा थोड़ा चिपचिपा और दानेदार होता है। उसके बाद उसमें से घी की महक आती है। अगर हथेली से गंध आए तो यह मिलावट वाला हो सकता है।
- थोड़ा-सा खोवा गर्म पानी में डालें और उसमें आयोडीन लोशन की कुछ बूंदें डालें। मावा नीला हो जाता है, तो यह मिलावटी है।
- खोवा की गोली बनाएं, अगर गोली फटने लगे तो वह मिलावटी है।
- असली खोवा का टेस्ट कच्चे दूध जैसा होता है।

ऐसे बनता है मिलावटी खोवा
- सस्ते मिल्क पाउडर, रिफाइंड और चीनी के बताशे मिलाकर मिलावटी खोवा तैयार किया जाता है।
- सबसे घटिया खोवा में मिल्क पाउडर के साथ टेलकम पाउडर, चूना, चॉक आदि मिलाया जाता है।

- भैंस के एक किलो दूध में 240-250 ग्राम खोवा निकलता है। देसी गाय के एक किलो दूध से 200 ग्राम तक ही खोवा निकलता है।
- इसके अलावा खोवा और पनीर में अरारोट और मैदा भी मिलाया जाता है, जिससे यह कड़ा और हल्का मटमैला हो जाता है।


ऐसे भी कर सकते हैं पनीर, खोवा व घी की पहचान

थोड़े से पनीर और खोवा को अलग-अलग कांच के बर्तन में डालकर स्वच्छ पानी में घोल लें। इनमें दो-तीन ड्रॉप टिंचर आयोडीन मिलाएं। अगर इनका रंग नीला हो जाता है तो समझ लीजिए ये मिलावटी हैं। खोवा व पनीर में स्टार्च मिलाया जाता है। देसी घी में आलू, मीठे आलू व स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए आधा चम्मच हो और मक्खन को शीशे के गिलास में डालें। इसमें दो तीन ड्रॉप टिंचर आयोडीन की डालें। अगर इसका रंग नीला हो जाए तो इसमें मिलावट होने की पुष्टि है।


खाद्य सुरक्षा व औषधि विभाग की टीम ने बताया शुद्ध खोवा की पहचान का तरीका

देवरिया। होली पर्व पर जिलेवासियों को स्वस्थ व सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पांचवें दिन भी जांच अभियान चला रहा है। अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय विनय कुमार सहाय और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवेंद्र गुप्ता ने किया। पांचवें दिन टीम के सदस्यों ने खोवा की गुणवत्ता के संबंध में लोगों को जानकारी दी। इसके बाद शहर के प्रमुख मोहन बाजार में जांच के तहत जीरा व सरसों तेल का नमूना लेकर जांच को भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article