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Deoria News: द्रौपदी ने पांडवों को संकट से मुक्ति के लिए किया था करवा चौथ व्रत
Wed, 01 Nov 2023 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:33 AM IST
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सलेमपुर। सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य का प्रमुख पर्व करवा चौथ व्रत इस बार एक नवंबर को रखा जाएगा। इस पर्व के बारे में प्रचलित है कि महाभारत काल में जब पांडवों पर संकट पड़ा था तो उनकी पत्नी द्रौपदी ने उनको संकट से मुक्ति के लिए करवा चौथ व्रत रखा था।
ज्योतिषाचार्य आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार मां पार्वती ने भी करवा चौथ व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। इस व्रत के करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली व समृद्धि आती है, पति दीर्घायु होता है। इस वर्ष करवा चौथ व्रत एक नवंबर को मनाया जाएगा। चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अक्तूबर को रात में 9 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर एक नवंबर को रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि एक नवंबर को है, इसलिए करवा चौथ व्रत इसी दिन रखा जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इसके लिए शुभ मुहूर्त तीन बन रहे हैं। सुबह पूजन के लिए एक नवंबर को 7 बजकर 55 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं अमृत चौघड़िया में सुबह की पूजा कर सकती हैं। इसके बाद 10 बजकर 41 मिनट से लेकर 12 बजकर 4 मिनट तक शुभ मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। शाम की पूजा 5 बजकर 36 मिनट से शाम 6 बजकर 54 मिनट तक करना है। रात में चंद्र उदय का समय 8 बजकर 15 मिनट पर होगा। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान आदि करने के बाद पवित्र होकर निर्जला उपवास रखने के बाद चंद्र उदय के बाद पति को चलनी में देखकर आरती उतारने के बाद पति के हाथ जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण करती हैं।
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ज्योतिषाचार्य आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार मां पार्वती ने भी करवा चौथ व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। इस व्रत के करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली व समृद्धि आती है, पति दीर्घायु होता है। इस वर्ष करवा चौथ व्रत एक नवंबर को मनाया जाएगा। चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अक्तूबर को रात में 9 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर एक नवंबर को रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि एक नवंबर को है, इसलिए करवा चौथ व्रत इसी दिन रखा जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इसके लिए शुभ मुहूर्त तीन बन रहे हैं। सुबह पूजन के लिए एक नवंबर को 7 बजकर 55 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं अमृत चौघड़िया में सुबह की पूजा कर सकती हैं। इसके बाद 10 बजकर 41 मिनट से लेकर 12 बजकर 4 मिनट तक शुभ मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। शाम की पूजा 5 बजकर 36 मिनट से शाम 6 बजकर 54 मिनट तक करना है। रात में चंद्र उदय का समय 8 बजकर 15 मिनट पर होगा। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान आदि करने के बाद पवित्र होकर निर्जला उपवास रखने के बाद चंद्र उदय के बाद पति को चलनी में देखकर आरती उतारने के बाद पति के हाथ जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण करती हैं।
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