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कोरोना पॉजिटिव अस्पताल में नहीं होना चाहते भर्ती

Sun, 29 Nov 2020 11:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Nov 2020 11:06 PM IST
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Do not want admitted to corona positive hospital
कोरोना पॉजिटिव अस्पताल में नहीं होना चाहते भर्ती
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देवरिया। कोरोना के संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्पताल में जाने की बजाय होम आइसोलेशन में रहना पसंद कर रहे हैं। वहीं दिक्कत होने पर मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
शुरुआती दौर में पॉजिटिव केस मिलने पर हड़कंप मच जाता था। स्वास्थ्य विभाग की टीम आनन-फानन में पहुंच कर एंबुलेंस से मरीज को कोविड अस्पताल में लाकर भर्ती करती थी। वहीं निजी अस्पताल मरीजों को लेने से मना दे रहे थे। अब पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद अधिकांश लोग होम आइसोलेशन में रहना पसंद कर रहे हैं और ठीक भी हो रहे हैं। दूसरी तरफ अधिक परेशानी होने पर लोग निजी अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। हालांकि जनपद में कोरोना का संक्रमण कम हुआ है। रिकवरी रेट भी बढ़ा है और लोग ठीक हो रहे हैं। 6518 मरीजों में 4518 स्वस्थ हो चुके हैं। एक्टिव केस 119 हैं। होम आइसोलेशन में अब 58 मरीज हैं।
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ऐसे मरीजों को दी जाती है अनुमति
होम आइसोलेशन में वही मरीज रह सकते हैं, जो पॉजिटिव हैं, लेकिन कोई खास लक्षण नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा शासन की गाइडलाइन का पालन करने वालों को ही होम आइसोलेशन की अनुमति मिल रही है। ऐसे मरीज के लिए घर में अलग कमरा, अलग बाथरूम होना चाहिए। इसके अलावा आइसोलेशन किट हो। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज को ट्रिपल लेयर का मॉस्क पहनना होगा। समय-समय पर पानी और साबुन से हाथ धोना होगा। शरीर का तापमान दिन में दो बार, अन्य जांच की जानकारी भी डॉक्टर को देनी होगी।
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कोरोना मरीजों के लिए जिला चिकित्सालय परिसर में अलग से व्यवस्था की गई है। मरीजों को एमसीएच, एल 1, 2 अस्पताल बनाए गए हैं। इसमें मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है और वे स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। यहां आक्सीजन, वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाएं हैं। होम आइसोलेशन में मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने व सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती किया जाता है।

डॉ. संजय चंद, एसीएमओ
कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज से संपर्क कर जांच करती है। इसके बाद मरीज को होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति दी जाती है। इसके बावजूद टीम समय-समय मरीज का परीक्षण करती है और सलाह देने के साथ ही दवा भी उपलब्ध कराया जाता है। जनपद में अब केस कम है। रिकवरी रेट बढ़ी है। टेस्ट भी अधिक कराए जा रहे हैं। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। रेलवे स्टेशन पर टीम लगाई गई है, जो बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच कर रही है। कोविड अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को दी जा रही हैं। प्राइवेट में इलाज कराने के लिए शहर में एक निजी अस्पताल को अनुमति दी गई है। इस समय निजी अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं है। जिला अस्पताल के कोविड अस्पताल में चार मरीज थे। इसमें रविवार को तीन मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए। अब मात्र एक मरीज है।
डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ
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