{"_id":"69f24e8ab823bd864c052bec","slug":"dm-strict-in-the-meeting-of-flood-steering-group-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-180605-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में डीएम सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में डीएम सख्त
Thu, 30 Apr 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। विकास भवन स्थित गांधी सभागार में बुधवार को बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक हुई। इसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने तटबंधों की सतत निगरानी, रेनकट एवं क्षतिग्रस्त स्थानों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं को निर्धारित समय से पहले पूरा करने और आवश्यक सामग्री जैसे बोल्डर, जियोबैग आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
विज्ञापन
डीएम ने नाव, नाविकों और गोताखोरों का चिन्हांकन कर उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रखने तथा उनके भुगतान में किसी प्रकार की देरी न होने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों और तटबंधों का निरीक्षण करने को कहा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने तटबंधों की सतत निगरानी, रेनकट एवं क्षतिग्रस्त स्थानों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं को निर्धारित समय से पहले पूरा करने और आवश्यक सामग्री जैसे बोल्डर, जियोबैग आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
विज्ञापन
डीएम ने नाव, नाविकों और गोताखोरों का चिन्हांकन कर उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रखने तथा उनके भुगतान में किसी प्रकार की देरी न होने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों और तटबंधों का निरीक्षण करने को कहा।