{"_id":"65b7eea3c35c6678d9056d19","slug":"discussion-on-leprocy-deoria-news-c-208-1-sgkp1014-118307-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: छुआछूत, आनुवांशिक नहीं जीवाणु से होने वाली संक्रामक बीमारी है कुष्ठ रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: छुआछूत, आनुवांशिक नहीं जीवाणु से होने वाली संक्रामक बीमारी है कुष्ठ रोग
Mon, 29 Jan 2024 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 29 Jan 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
समय से इलाज करने पर ठीक हो सकती है बीमारी
कुष्ठ रोग को लेकर घर-घर पहुंच किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कुष्ठ रोग छुआछूत और आनुवांशिक नहीं होता है। यह जीवाणु से होने वाली संक्रामक बीमारी है। समय से इलाज कराने पर यह रोग ठीक हो सकता है। इसे लेकर समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां हैं, जिसे दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व कुष्ठ निवारण दिवस पर मंगलवार से अभियान चलाया जाएगा। घर-घर जाकर विभाग के कर्मी व आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि रोग का उन्मूलन हो सके।
कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होता है। इसके उन्मूलन को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए वर्ष 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है। इस बीमारी में दो तरह के मरीज होते हैं। एक पासीवैसीलरी (पीबी) होती है, जो प्राथमिक होती है। यह संक्रामक नहीं होता है। जबकि दूसरा मल्टी वैसीलरी (एमबी) होती है, इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। सीएमओ डॉ. राजेश कुमार झा ने बताया कि कुष्ठ रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसमें कुष्ठ रोग विभाग के कर्मचारी और आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और लोगों को पंफलेट वितरित करेंगे। कुष्ठ रोग के मरीजों से भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसे लेकर भ्रांतियों से दूर रहें। यह इलाज से ठीक हो सकती है।
विज्ञापन
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि कुष्ठ रोग को लेकर अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियान का शुभारंभ मंगलवार को सुबह 11 बजे सीएमओ कार्यालय में होगा। इसमें कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा मरीजों को चिह्नित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। रोगी मिलने पर बचाव के लिए रिफामपीसीन नामक दवा आसपास के लोगों को खिलाई जाती है, ताकि अन्य किसी में जीवाणु हों तो नष्ट हो जाएं।
जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. इरशाद अहमद खां ने बताया कि कुष्ठ रोग का लक्षण मिलने पर तत्काल दवा शुरू करें। देर से इलाज कराने पर हाथ, पैर व आंख में विकृति आ सकती है। बताया कि पीबी बीमारी के लिए छह माह दवा खानी होती है, जबकि एमबी में 12 माह लगातार दवा करने पर बीमारी ठीक हो जाती है। एमबी संक्रामक होता है। इसके मरीज के छींकने, खांसने पर निकालने वाले जीवाणु से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। अप्रैल से अब तक 255 रोगी मिले हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
चमड़ी पर दाग, चकत्ते, सुन्नपन
दाग चकत्ता, जिसमें पसीना न आता हो
हाथ, पैर की नसों में मोटापन, सूजन व झनझनाहट
हाथ व पैर के तलवे में सूनापन
हाथ व पैर से पूरी क्षमता से काम न हो पाना
चेहरा, शरीर व कान पर गांठ
हाथ, पैर की अंगुली में टेढ़ापन
पांच वर्षों में मिले कुष्ठ रोगी
2019-20 333
2020-21 133
2021-22 195
2022-23 274
2023-24 दिसंबर तक 182
21 दिसंबर से 4 जनवरी तक चले अभियान में 73 नए रोगी मिले।
विज्ञापन
कुष्ठ रोग को लेकर घर-घर पहुंच किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कुष्ठ रोग छुआछूत और आनुवांशिक नहीं होता है। यह जीवाणु से होने वाली संक्रामक बीमारी है। समय से इलाज कराने पर यह रोग ठीक हो सकता है। इसे लेकर समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां हैं, जिसे दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व कुष्ठ निवारण दिवस पर मंगलवार से अभियान चलाया जाएगा। घर-घर जाकर विभाग के कर्मी व आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि रोग का उन्मूलन हो सके।
कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होता है। इसके उन्मूलन को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए वर्ष 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है। इस बीमारी में दो तरह के मरीज होते हैं। एक पासीवैसीलरी (पीबी) होती है, जो प्राथमिक होती है। यह संक्रामक नहीं होता है। जबकि दूसरा मल्टी वैसीलरी (एमबी) होती है, इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। सीएमओ डॉ. राजेश कुमार झा ने बताया कि कुष्ठ रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
इसमें कुष्ठ रोग विभाग के कर्मचारी और आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और लोगों को पंफलेट वितरित करेंगे। कुष्ठ रोग के मरीजों से भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसे लेकर भ्रांतियों से दूर रहें। यह इलाज से ठीक हो सकती है।
विज्ञापन
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि कुष्ठ रोग को लेकर अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियान का शुभारंभ मंगलवार को सुबह 11 बजे सीएमओ कार्यालय में होगा। इसमें कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा मरीजों को चिह्नित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। रोगी मिलने पर बचाव के लिए रिफामपीसीन नामक दवा आसपास के लोगों को खिलाई जाती है, ताकि अन्य किसी में जीवाणु हों तो नष्ट हो जाएं।
जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. इरशाद अहमद खां ने बताया कि कुष्ठ रोग का लक्षण मिलने पर तत्काल दवा शुरू करें। देर से इलाज कराने पर हाथ, पैर व आंख में विकृति आ सकती है। बताया कि पीबी बीमारी के लिए छह माह दवा खानी होती है, जबकि एमबी में 12 माह लगातार दवा करने पर बीमारी ठीक हो जाती है। एमबी संक्रामक होता है। इसके मरीज के छींकने, खांसने पर निकालने वाले जीवाणु से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। अप्रैल से अब तक 255 रोगी मिले हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
चमड़ी पर दाग, चकत्ते, सुन्नपन
दाग चकत्ता, जिसमें पसीना न आता हो
हाथ, पैर की नसों में मोटापन, सूजन व झनझनाहट
हाथ व पैर के तलवे में सूनापन
हाथ व पैर से पूरी क्षमता से काम न हो पाना
चेहरा, शरीर व कान पर गांठ
हाथ, पैर की अंगुली में टेढ़ापन
पांच वर्षों में मिले कुष्ठ रोगी
2019-20 333
2020-21 133
2021-22 195
2022-23 274
2023-24 दिसंबर तक 182
21 दिसंबर से 4 जनवरी तक चले अभियान में 73 नए रोगी मिले।