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Deoria News: डायलिसिस के लिए घंटों नहीं करना पड़ेगा इंतजार, बढ़ेंगे बेड
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मेडिकल कॉलेज स्थित डायलिसिस सेंटर। संवाद
- फोटो : DEORIA
डायलिसिस के लिए घंटों नहीं करना पड़ेगा इंतजार, बढ़ेंगे बेड
वेटिंग लिस्ट घटेगी, डायलिसिस के मरीजों को नहीं करना होगा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस के लिए अब मरीजों को घंटों इंतजार करने से राहत की उम्मीद जगी है। इसके मद्देनजर बेड बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। आठ बेड बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक मात्र 10 बेड ही हैं। बेड बढ़ने से वेटिंग लिस्ट कम होगी, जिससे लोगों को डायलिसिस कराने में सहूलियत होगी।
जनपद और आसपास के इलाकों के किडनी के मरीजों को डायलिसिस के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। पहले यहां के मरीजों को डायलिसिस के लिए महानगरों तथा निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता था, जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती थी। उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी और समय भी बर्बाद होता है। इस समस्या को देेखते हुए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 26 जनवरी 2021 में डायलिसिस सेंटर की स्थापना की गई। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में निशुल्क यह सुविधा शुरू गई है।
इसके लिए शासन ने दिल्ली की कंपनी डीसीडीसी हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है। यहां कंपनी के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं और वार्ड को अत्याधुनिक मशीनों व उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। डायलिसिस सेंटर में दस बेड हैं। इसमें नौ बेड पर सामान्य मरीज की डायलिसिस होती है, जबकि एक बेड पर हेपेटाइटिस सी के मरीज की डायलिसिस होती है। इसके लिए अलग से आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है।
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स्थापना से अब तक 202 मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर सुविधा का लाभ दिया गया है। वेटिंग लिस्ट को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आठ बेड बढ़ाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें छह बेड सामान्य तथा दो बेड हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए होंगे। शासन से हरी झंडी मिलते ही कंपनी की ओर से बेड बढ़ाने पर मरीजों को सुविधा मिलेगी। अभी वेटिंग लिस्ट के कारण कुछ मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां ढाई से तीन हजार रुपये खर्च करना पड़ता है, जिससे उन्हें दिक्कत होती है।
तीन शिफ्ट में होती है डायलिसिस
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में हर रोज तीन शिफ्ट में डायलिसिस होती है। अस्सी मरीजों की सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस होती है। वेटिंग लिस्ट में सामान्य 36 तथा हेपेटाइटिस सी के पंद्रह मरीज हैं।
यह है स्टाफ
देवरिया। डायलिसिस सेंटर में चिकित्सक सहित दस स्टाफ की तैनाती की गई है। इसमें सेंटर मैनेजर, एक चिकित्सक, दो सीनियर टेक्नीशियन, चार जूनियर टेक्नीशियन व दो हाउस कीपिंग स्टाफ शामिल हैं।
कोट
अस्पताल में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा निशुल्क है। यहां सेंटर में 10 बेड हैं। वेटिंग लिस्ट को देखते हुए आठ बेड बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके। आने वाले दिनों में बेड बढ़ जाएंगे, जिससे लोगों को डायलिसिस के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. एचके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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वेटिंग लिस्ट घटेगी, डायलिसिस के मरीजों को नहीं करना होगा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस के लिए अब मरीजों को घंटों इंतजार करने से राहत की उम्मीद जगी है। इसके मद्देनजर बेड बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। आठ बेड बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक मात्र 10 बेड ही हैं। बेड बढ़ने से वेटिंग लिस्ट कम होगी, जिससे लोगों को डायलिसिस कराने में सहूलियत होगी।
जनपद और आसपास के इलाकों के किडनी के मरीजों को डायलिसिस के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। पहले यहां के मरीजों को डायलिसिस के लिए महानगरों तथा निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता था, जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती थी। उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी और समय भी बर्बाद होता है। इस समस्या को देेखते हुए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 26 जनवरी 2021 में डायलिसिस सेंटर की स्थापना की गई। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में निशुल्क यह सुविधा शुरू गई है।
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इसके लिए शासन ने दिल्ली की कंपनी डीसीडीसी हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है। यहां कंपनी के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं और वार्ड को अत्याधुनिक मशीनों व उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। डायलिसिस सेंटर में दस बेड हैं। इसमें नौ बेड पर सामान्य मरीज की डायलिसिस होती है, जबकि एक बेड पर हेपेटाइटिस सी के मरीज की डायलिसिस होती है। इसके लिए अलग से आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है।
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स्थापना से अब तक 202 मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर सुविधा का लाभ दिया गया है। वेटिंग लिस्ट को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आठ बेड बढ़ाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें छह बेड सामान्य तथा दो बेड हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए होंगे। शासन से हरी झंडी मिलते ही कंपनी की ओर से बेड बढ़ाने पर मरीजों को सुविधा मिलेगी। अभी वेटिंग लिस्ट के कारण कुछ मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां ढाई से तीन हजार रुपये खर्च करना पड़ता है, जिससे उन्हें दिक्कत होती है।
तीन शिफ्ट में होती है डायलिसिस
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में हर रोज तीन शिफ्ट में डायलिसिस होती है। अस्सी मरीजों की सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस होती है। वेटिंग लिस्ट में सामान्य 36 तथा हेपेटाइटिस सी के पंद्रह मरीज हैं।
यह है स्टाफ
देवरिया। डायलिसिस सेंटर में चिकित्सक सहित दस स्टाफ की तैनाती की गई है। इसमें सेंटर मैनेजर, एक चिकित्सक, दो सीनियर टेक्नीशियन, चार जूनियर टेक्नीशियन व दो हाउस कीपिंग स्टाफ शामिल हैं।
कोट
अस्पताल में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा निशुल्क है। यहां सेंटर में 10 बेड हैं। वेटिंग लिस्ट को देखते हुए आठ बेड बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके। आने वाले दिनों में बेड बढ़ जाएंगे, जिससे लोगों को डायलिसिस के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. एचके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक