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Deoria News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु
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तरकुलवा। मातृ मंदिर सामाजिक सेवा केंद्र सोहनरिया के परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन बृहस्पतिवार को कथा वाचक आचार्य शशिकांत महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई।
जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का विवाह किसी साधारण वर-कन्या का विवाह नहीं है। यह जीव और ईश्वर का विवाह है। कथा को आगे बढ़ाते हुए शशिकांत जी ने कहा कि श्री शुकदेव जी ने भागवत कथा को विश्राम देने से कुछ ही समय पूर्व परीक्षित को रुक्मिणी-श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाया था।
इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ.अजय मणि त्रिपाठी, आयोजक रामपूजन राव, सीमा सिंह, प्रभावती देवी, कन्हैया प्रसाद राव, शशिकांत राव, दुर्गेश तिवारी, सतीश पटेल, सुधीर पांडेय, विजय राव आदि मौजूद रहे।
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जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का विवाह किसी साधारण वर-कन्या का विवाह नहीं है। यह जीव और ईश्वर का विवाह है। कथा को आगे बढ़ाते हुए शशिकांत जी ने कहा कि श्री शुकदेव जी ने भागवत कथा को विश्राम देने से कुछ ही समय पूर्व परीक्षित को रुक्मिणी-श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाया था।
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इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ.अजय मणि त्रिपाठी, आयोजक रामपूजन राव, सीमा सिंह, प्रभावती देवी, कन्हैया प्रसाद राव, शशिकांत राव, दुर्गेश तिवारी, सतीश पटेल, सुधीर पांडेय, विजय राव आदि मौजूद रहे।
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