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Deoria News: राप्ती नदी के कटान से एकौना में दशहत
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फोटो समाचार
-तिघरा मराछी बांध पर एकौना गांव के पास हो रहा कटान
-रिटायर बांध के करीब हो रहा कटान, पीपल का पेड़ कटकर नदी में गिरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। खतरे के निशान को छूने के बाद नीचे उतर रही नदियां अपना रौद्र रूप दिखाने लगी हैं। राप्ती नदीं का कटान तेज होने से तिघरा मराछी बांध पर दो जगह खतरा बना है। भेड़ी में तटबंध पर बैक रोल कर रही राप्ती नदी अब मराछी टोला और एकौना के बीच बंधे को नुकसान पहुंचा रही है। यहां दो दिन में करीब दस मीटर रिटायर बांध को काट कर नदी तेजी से आगे बढ़ रही है।
नई जगह पर राप्ती के कटान करने से एकौना के लोगों में दहशत है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कटान के भयावहता की सूचना सिंचाई विभाग को दी। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर 70 मीटर से नीचे पहुंच गया है, लेकिन कटान तेज हो जाने से तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। एकौना के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सिकंदर यादव ने कहा कि राप्ती नदी 24 घंटे में रिटायर बांध को काट कर तेजी से बढ़ रही है। यहां 10 मीटर कटान हो चुका है। एक पीपल का पेड़ कट कर नदी में विलीन हो गया। कटान रोकने को विभाग कोई ठोस प्रयास नही कर रहा है।
गांव के चंद्रिका ने कहा कि बंधा कटा तो दोआबा के 52 गांवों में कोहराम मचना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान एकौना गांव का होगा। कटान इतना खतरनाक जगह पर हो रहा है, कि गांव की पूरी आबादी सैलाब के जद में आ जाएगी। यदि समय रहते कटान पर काबू नहीं पाया गया तो प्रलय मच सकता है। राधेश्याम और विजयमल यादव ने कहा कि जलस्तर घटने के दौरान बांध पर खतरा बना रहता है। दो दिन से कटान हो रहा है लेकिन अब तक कटान पर काबू नहीं पाया गया। यही हाल रहा तो गांव बर्बाद हो जाएगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रविशंकर यादव ने कहा कि कटान निरोधी कार्य तेजी से हो रहा है। नदी का जलस्तर भी नीचे जा रहा है। अभी नदी बांध तक नहीं पहुंची है।
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-तिघरा मराछी बांध पर एकौना गांव के पास हो रहा कटान
-रिटायर बांध के करीब हो रहा कटान, पीपल का पेड़ कटकर नदी में गिरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। खतरे के निशान को छूने के बाद नीचे उतर रही नदियां अपना रौद्र रूप दिखाने लगी हैं। राप्ती नदीं का कटान तेज होने से तिघरा मराछी बांध पर दो जगह खतरा बना है। भेड़ी में तटबंध पर बैक रोल कर रही राप्ती नदी अब मराछी टोला और एकौना के बीच बंधे को नुकसान पहुंचा रही है। यहां दो दिन में करीब दस मीटर रिटायर बांध को काट कर नदी तेजी से आगे बढ़ रही है।
नई जगह पर राप्ती के कटान करने से एकौना के लोगों में दहशत है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कटान के भयावहता की सूचना सिंचाई विभाग को दी। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर 70 मीटर से नीचे पहुंच गया है, लेकिन कटान तेज हो जाने से तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। एकौना के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सिकंदर यादव ने कहा कि राप्ती नदी 24 घंटे में रिटायर बांध को काट कर तेजी से बढ़ रही है। यहां 10 मीटर कटान हो चुका है। एक पीपल का पेड़ कट कर नदी में विलीन हो गया। कटान रोकने को विभाग कोई ठोस प्रयास नही कर रहा है।
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गांव के चंद्रिका ने कहा कि बंधा कटा तो दोआबा के 52 गांवों में कोहराम मचना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान एकौना गांव का होगा। कटान इतना खतरनाक जगह पर हो रहा है, कि गांव की पूरी आबादी सैलाब के जद में आ जाएगी। यदि समय रहते कटान पर काबू नहीं पाया गया तो प्रलय मच सकता है। राधेश्याम और विजयमल यादव ने कहा कि जलस्तर घटने के दौरान बांध पर खतरा बना रहता है। दो दिन से कटान हो रहा है लेकिन अब तक कटान पर काबू नहीं पाया गया। यही हाल रहा तो गांव बर्बाद हो जाएगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रविशंकर यादव ने कहा कि कटान निरोधी कार्य तेजी से हो रहा है। नदी का जलस्तर भी नीचे जा रहा है। अभी नदी बांध तक नहीं पहुंची है।
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