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UP: 592 करोड़ का बाईपास कानूनी दांवपेच में फंसा, ग्रामीण बोले - बाजार दर से कम मिला मुआवजा
Sun, 05 Jul 2026 05:11 PM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Published by: Rohit Singh
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:11 PM IST
सार
बाईपास का असर सबसे अधिक भीमपुर गौरा, परसिया मल्ल, परसियां भंडारी, धनौती खुर्द, बरारी तृतीय, पडरी, पगरा और अहिलवार समेत कई गांवों पर पड़ रहा है। देवरिया-कसया मार्ग स्थित बरारी मच्छरगांव और भगवतीपुर में स्थिति सबसे अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
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देवरिया बाईपास का रुका काम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
देवरिया शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए 592 करोड़ रुपये से बन रहे फोरलेन बाईपास का काम कानूनी विवाद और किसानों के विरोध के बीच फंस गया है। मुआवजे की दर को लेकर किसान अदालत पहुंचे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-727 ए के तहत प्रस्तावित करीब 22 किमी लंबा फोरलेन बाईपास देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर सिरजम से शुरू होगा।
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यइ बाईपास इटवा, गुड़री, बैतालपुर, सझवां, बरारी प्रथम, बांसपार बुजुर्ग, मुंडेरा, बरारी गौरा, भीमपुर गौरा में देवरिया-कसया फोरलेन को पार करते हुए सलेमपुर हाईवे में मिल जाएगा।
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परियोजना की सबसे बड़ी बाधा भूमि अधिग्रहण विवाद है। प्रशासन की तरफ से तय मुआवजा किसानों को स्वीकार नहीं है। किसानों का आरोप है कि भूमि का मूल्यांकन वास्तविक बाजार दर से काफी कम किया गया है।
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अब तक 644 किसानों ने न्यायालय में याचिका दाखिल की है। इनमें 33 मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट, जबकि 611 मामले देवरिया न्यायालय एवं अन्य अदालतों में लंबित हैं।
हाईकोर्ट में बरारी प्रथम, भीमपुर गौरा, चकरवा धुस, घटैला चेती, पोखारभिंडा और मुंडेरा बुजुर्ग के किसानों ने मुआवजा बढ़ाने और अधिग्रहण प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दे रखी है।
कुछ गांवों में घर टूटने की आशंका से परेशान हैं लोग : बाईपास का असर सबसे अधिक भीमपुर गौरा, परसिया मल्ल, परसियां भंडारी, धनौती खुर्द, बरारी तृतीय, पडरी, पगरा और अहिलवार समेत कई गांवों पर पड़ रहा है। देवरिया-कसया मार्ग स्थित बरारी मच्छरगांव और भगवतीपुर में स्थिति सबसे अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
यहां 53 मकान प्रस्तावित निर्माण के दायरे में आएंगे। ग्रामीणों का दावा है कि संशोधित नक्शे में 356 घरों को प्रभावित दिखाया गया है।
ग्रामीण राजेश यादव, अशोक कुमार गुप्ता, मुन्ना यादव, गोविंद यादव, शैलेश यादव, अनिल यादव, जयप्रकाश यादव, मधुसूदन यादव, कमलावती देवी, दारा राजभर, नगीना चौहान, रमेश चौहान, नंदकिशोर पाल, कैलाश वर्मा और अशोक बरनवाल के मकान प्रभावित बता रहे हैं।