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मेडिकल कॉलेज में भीड़, बुखार के बढ़े मरीज
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : DEORIA
मेडिकल कॉलेज में भीड़, बुखार के बढ़े मरीज
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। छठ पर्व के बाद से बुखार, सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुखार पीड़ित, डेंगू की आशंका से परेशान हैं। मेडिसिन विभाग में दिखाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। चेस्ट विभाग में भी सर्दी, खांसी, सांस के मरीज बढ़ गए हैं। उधर एंटीबायोटिक, दर्द व एलर्जी से राहत के लिए दवाओं की खपत बढ़ गई है।
बरसात के बाद ठंड शुरू होने से मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। छठ पर्व के बाद से लोग बीमार पड़ रहे हैं। एलर्जी, सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। लोग बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। साथ ही सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं, बुखार के मरीजों को डेंगू होने का भय भी सता रहा है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीज सुबह से ही पहुंचने लगे। सुबह ग्यारह बजे तक मरीजों की कतार लग गई। घंटों इंतजार के बाद लोगों की बारी आई और चिकित्सक के पास पहुंचे। चिकित्सक कक्ष में पहुंचने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, बगल से पहले कुछ लोगों के जाने पर हल्ला भी हुआ। यहां दो कमरे में दो-दो चिकित्सक मरीजों का इलाज किया। एक कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिराजुद्दीन व सीनियर रेजिडेंट गौरव सिंह तथा दूसरे कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत जायसवाल व जूनियर रेजिडेंट डॉ. पीयूष ने तकरीबन ढाई सौ मरीजों का इलाज किया। इसमें 140 से अधिक मरीज बुखार व सांस से पीड़ित थे। इनमें से कुछ मरीजों में डेंगू का भी लक्षण मिला, जिन्हें परीक्षण के बाद वार्ड में भर्ती होने को कहा गया।
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दूसरी तरफ टीबी व चेस्ट विभाग में भी सर्दी, खांसी, एलर्जी, सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों की लाइन लगी थी। यहां डॉ. प्रतीक केजरीवाल, जूनियर रेजिडेंट डॉ. शशांक ने तकरीबन सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। आधे से अधिक सर्दी खांसी व सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज शामिल रहे। इन दिनों अस्पताल में एंटीबायोटिक, एलर्जी, सर्दी खांसी के दवा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है। इसकी खपत दोगुनी हो गई है।
डॉक्टर बोले, सतर्क रहने की जरूरत
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन से नमी के कारण वायरस व बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसके चलते संक्रमण फैलता है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, वे संक्रमित हो जाते हैं। लापरवाही के कारण सर्द गर्म, दूषित भोज्य पदार्थ के सेवन, तला खाद्य पदार्थ खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इस समय एलर्जी, सांस, अस्थमा के मरीज चपेट में आते हैं, जिससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है। इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही डेंगू के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है। इस समय बचाव ही इलाज है। बुखार, शरीर में दर्द, सांस में दिक्कत होने पर लापरवाही न बरती जाए। चिकित्सक से शीघ्र संपर्क कर दवा लेनी चाहिए।
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। छठ पर्व के बाद से बुखार, सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुखार पीड़ित, डेंगू की आशंका से परेशान हैं। मेडिसिन विभाग में दिखाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। चेस्ट विभाग में भी सर्दी, खांसी, सांस के मरीज बढ़ गए हैं। उधर एंटीबायोटिक, दर्द व एलर्जी से राहत के लिए दवाओं की खपत बढ़ गई है।
बरसात के बाद ठंड शुरू होने से मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। छठ पर्व के बाद से लोग बीमार पड़ रहे हैं। एलर्जी, सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। लोग बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। साथ ही सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं, बुखार के मरीजों को डेंगू होने का भय भी सता रहा है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है।
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बृहस्पतिवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीज सुबह से ही पहुंचने लगे। सुबह ग्यारह बजे तक मरीजों की कतार लग गई। घंटों इंतजार के बाद लोगों की बारी आई और चिकित्सक के पास पहुंचे। चिकित्सक कक्ष में पहुंचने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, बगल से पहले कुछ लोगों के जाने पर हल्ला भी हुआ। यहां दो कमरे में दो-दो चिकित्सक मरीजों का इलाज किया। एक कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिराजुद्दीन व सीनियर रेजिडेंट गौरव सिंह तथा दूसरे कमरे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत जायसवाल व जूनियर रेजिडेंट डॉ. पीयूष ने तकरीबन ढाई सौ मरीजों का इलाज किया। इसमें 140 से अधिक मरीज बुखार व सांस से पीड़ित थे। इनमें से कुछ मरीजों में डेंगू का भी लक्षण मिला, जिन्हें परीक्षण के बाद वार्ड में भर्ती होने को कहा गया।
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दूसरी तरफ टीबी व चेस्ट विभाग में भी सर्दी, खांसी, एलर्जी, सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों की लाइन लगी थी। यहां डॉ. प्रतीक केजरीवाल, जूनियर रेजिडेंट डॉ. शशांक ने तकरीबन सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। आधे से अधिक सर्दी खांसी व सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज शामिल रहे। इन दिनों अस्पताल में एंटीबायोटिक, एलर्जी, सर्दी खांसी के दवा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है। इसकी खपत दोगुनी हो गई है।
डॉक्टर बोले, सतर्क रहने की जरूरत
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन से नमी के कारण वायरस व बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसके चलते संक्रमण फैलता है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, वे संक्रमित हो जाते हैं। लापरवाही के कारण सर्द गर्म, दूषित भोज्य पदार्थ के सेवन, तला खाद्य पदार्थ खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इस समय एलर्जी, सांस, अस्थमा के मरीज चपेट में आते हैं, जिससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है। इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही डेंगू के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है। इस समय बचाव ही इलाज है। बुखार, शरीर में दर्द, सांस में दिक्कत होने पर लापरवाही न बरती जाए। चिकित्सक से शीघ्र संपर्क कर दवा लेनी चाहिए।