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भटनी के युवक की हादसे में मौत
देवरिया
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:02 PM IST
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Accident
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भटनी। सूरत में भटनी के युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार की रात को दरवाजे पर लाश पहुंची तो घरवालों में कोहराम मच गया और गांववालों की भीड़ जुट गई। महिलाएं व बहनों की दहाड़े देख लोगों की आंखों में आंसू भर आए।
मिश्रौली कोइलार गांव निवासी विशुनदयाल का इकलौता बेटा शिवप्रसाद राजभर सूरत में किसी ठेकेदार की जेसीबी चलाता था। रक्षाबंधन के त्योहार पर घर आने के लिए 16 अगस्त को वह सूरत से निकला। सूरत में ही हाइवे पार करते वक्त वह एक मालवाहन की चपेट में आ गया।
गंभीर हालत में लोगों ने एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। खबर मिलते ही घरवाले बदहवास हो गए। एंबुलेंस से शिवप्रसाद की लाश जब घर पहुंची, तो गांव में मातम छा गया। घर का इकलौता चिराग बुझने से परिवार वाले बदहवास हो गए। युवक घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। इसके कंधे पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी।
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भाई की लाश देख बदहवास हुई बहनें
शिवप्रसाद राजभर दो बहनों में इकलौता भाई था। रक्षाबंधन त्योहार पर वह बहनों से घर आने के लिए वादा किया था। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। घर के लिए निकला शिवप्रसाद सूरत में ही काल के गाल में समा गया। इधर भाई के आने का इंतजार कर रही बहन बिंदू और सुंदरी को दुर्घटना की जानकारी हुई तो दोनों सन्न रह गई। वहीं मां वेदांती देवी का रो रोकर बुरा हाल है।
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मिश्रौली कोइलार गांव निवासी विशुनदयाल का इकलौता बेटा शिवप्रसाद राजभर सूरत में किसी ठेकेदार की जेसीबी चलाता था। रक्षाबंधन के त्योहार पर घर आने के लिए 16 अगस्त को वह सूरत से निकला। सूरत में ही हाइवे पार करते वक्त वह एक मालवाहन की चपेट में आ गया।
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गंभीर हालत में लोगों ने एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। खबर मिलते ही घरवाले बदहवास हो गए। एंबुलेंस से शिवप्रसाद की लाश जब घर पहुंची, तो गांव में मातम छा गया। घर का इकलौता चिराग बुझने से परिवार वाले बदहवास हो गए। युवक घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। इसके कंधे पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी।
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भाई की लाश देख बदहवास हुई बहनें
शिवप्रसाद राजभर दो बहनों में इकलौता भाई था। रक्षाबंधन त्योहार पर वह बहनों से घर आने के लिए वादा किया था। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। घर के लिए निकला शिवप्रसाद सूरत में ही काल के गाल में समा गया। इधर भाई के आने का इंतजार कर रही बहन बिंदू और सुंदरी को दुर्घटना की जानकारी हुई तो दोनों सन्न रह गई। वहीं मां वेदांती देवी का रो रोकर बुरा हाल है।