{"_id":"580a4a774f1c1b726b705f0a","slug":"the-man-and-woman-were-killed-by","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक और युवती ने दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवक और युवती ने दी जान
देवरिया
Updated Fri, 21 Oct 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
railway track
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया/भाटपाररानी। जिले में अलग-अलग जगहों पर युवक और युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पहली घटना भाटपाररानी-नोनापार रेलवे स्टेशन के बीच दनउर गांव के सामने हुई। एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। युवक की पहचान नहीं हो पाई है।
दूसरी घटना अहिल्यापुर मंदिर के सामने की है। सुकरौली की रहने वाली एक युवती छोटी बहन के साथ अहिल्यापुर मंदिर गई थी। सवा ग्यारह बजे के करीब गोरखपुर-सिवान सवारी गाड़ी अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन से करीब 100 मीटर आगे अहिल्यापुर मंदिर के सामने पहुंची थी कि एक युवती ट्रेन के सामने आकर खड़ी हो गई। चालक ने युवती को देखकर ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन स्पीड अधिक होने के कारण ट्रेन की चपेट में गई।
किनारे वाले ट्रैक पर युवती की छोटी बहन खड़ी थी, वह बहन की मौत देखकर चिल्लाने लगी। ट्रेन रुकते ही यात्री कूद पड़े और युवती को बचाने के लिए बढ़े, लेकिन उसकी मौत देखकर कदम ठहर रह गए।
विज्ञापन
कुछ यात्रियों ने बच्ची को संभालने की कोशिश की और मोबाइल से इसकी जानकारी घरवालों को दी। करीब 15 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। घरवाले पहुंच गए। आरपीएफ और पुलिस के लोग पहुंचे और जांच में जुट गए। परिवारवालों ने पीएम कराने से मना कर दिया।
विज्ञापन
दूसरी घटना अहिल्यापुर मंदिर के सामने की है। सुकरौली की रहने वाली एक युवती छोटी बहन के साथ अहिल्यापुर मंदिर गई थी। सवा ग्यारह बजे के करीब गोरखपुर-सिवान सवारी गाड़ी अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन से करीब 100 मीटर आगे अहिल्यापुर मंदिर के सामने पहुंची थी कि एक युवती ट्रेन के सामने आकर खड़ी हो गई। चालक ने युवती को देखकर ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन स्पीड अधिक होने के कारण ट्रेन की चपेट में गई।
विज्ञापन
किनारे वाले ट्रैक पर युवती की छोटी बहन खड़ी थी, वह बहन की मौत देखकर चिल्लाने लगी। ट्रेन रुकते ही यात्री कूद पड़े और युवती को बचाने के लिए बढ़े, लेकिन उसकी मौत देखकर कदम ठहर रह गए।
विज्ञापन
कुछ यात्रियों ने बच्ची को संभालने की कोशिश की और मोबाइल से इसकी जानकारी घरवालों को दी। करीब 15 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। घरवाले पहुंच गए। आरपीएफ और पुलिस के लोग पहुंचे और जांच में जुट गए। परिवारवालों ने पीएम कराने से मना कर दिया।