{"_id":"5af1dd834f1c1b350b8b8da3","slug":"sub-nibandhak-and-2-clerk-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप निबंधक और दो लिपिक निलंबित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उप निबंधक और दो लिपिक निलंबित
deoria
Updated Tue, 08 May 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में दीपक मणि की जांच करते डॉक्टर।
- फोटो : amar ujala
देवरिया। जेल भेजे गए उप निबंधक (सब रजिस्ट्रार) फूलचंद्र यादव समेत रजिस्ट्री कार्यालय के तीनों कर्मचारियों को मंगलवार की देर शाम निलंबित कर दिया गया। एआईजी की रिपोर्ट के बाद आईजी स्टांप सीताराम यादव ने आरोपी कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी किया। एआईजी स्टांप ने दोपहर में ही प्रमुख सचिव स्टांप पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी थी। उधर, सब रजिस्ट्रार और लिपिकों की गिरफ्तारी के बाद तीसरे दिन रजिस्ट्री कार्यालय में रौनक लौटी। दो कर्मचारियों के सहारे ही कार्यालय का कामकाज हुआ।
सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव की मिलीभगत से दीपक मणि का अपहरण कर जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने करोड़ों की जमीन का बैनामा करा लिया। इसमें रजिस्ट्री कार्यालय में तैनात दो वरिष्ठ लिपिकों सोमनाथ राव और रामशरण सिंह की संलिप्तता की भी पुष्टि हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों समेत कंप्यूटर ऑपरेटर को रविवार को जेल भेज दिया था। इसे गंभीरता से लेते हुए स्टांप विभाग के प्रमुख सचिव ने आरोपी कर्मचारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और इनकी संलिप्तता से जुड़ी जानकारी तलब की थी। एआईजी स्टांप ने इसकी रिपोर्ट मंगलवार की दोपहर ही भेज दी।
इसके आधार पर देर शाम सब रजिस्ट्रार समेत तीनों कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी हो गया। आईजी स्टांप सीताराम यादव ने अपने आदेश में कहा है कि सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव, कनिष्ठ लिपिक सोमनाथ राव व रामशरण सिंह को छह मई से ही निलंबित माना जाएगा। निलंबन की अवधि में उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। इसका भुगतान भी तब होगा, जब वे इस आशय का प्रमाणपत्र देंगे कि वे किसी अन्य व्यवसाय या सेवा में नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
वहीं, उप निबंधन कार्यालय में मंगलवार को दो कर्मचारियों के भरोसे जमीन की रजिस्ट्री का काम हुआ। एआईजी स्टांप डॉ. राधाकृष्ण मिश्र ने बताया कि जेल जाने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई थी। सलेमपुर और रुद्रपुर उप निबंधन कार्यालय के एक-एक कर्मचारी को दस दिन के लिए देवरिया कार्यालय से संबद्ध किया जाएगा ताकि सुचारु रूप से कार्यालय का कामकाज हो सके।
एक करोड़ के राजस्व का नुकसान
सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव और तीन अन्य कर्मचारियों के जेल जाने के बाद से शनिवार और सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन का बैनामा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक इससे एक करोड़ के सरकारी राजस्व का नुकसान हुआ है। कार्यालय से एक दिन में लगभग 50 लाख का राजस्व आता है।
प्रभावशाली लिपिक के घर लिखा गया स्टांप
करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के बैनामे में कम स्टांप लगाने का मामला यदा-कदा आता है। दीपक मणि के मामले में चार माह पुराने स्टांप पर जमीन का बैनामा किया गया है। विभागीय जांच में मालूम हुआ है कि प्रभावशाली आरोपी वरिष्ठ लिपिक रामशरण के घर स्टांप लिखा गया, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष ने सब रजिस्ट्रार की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया है। रजिस्ट्री कार्यालय में कर्मचारियों के बीच इसकी चर्चा है।
स्टांप मंत्री को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने मंगलवार को सूबे के स्टांप, पंजीयन और न्यायालय शुल्क मंत्री नंद गोपाल नंदी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार देवरिया के सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र और उनके सहयोगियों को निलंबित कर विजिलेंस जांच कराने की मांग की। साथ ही, दीपक मणि को अपहरण कर कराया गया बैनामा भी रद्द कराने की मांग की। स्टांप मंत्री ने पूरी मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव की मिलीभगत से दीपक मणि का अपहरण कर जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने करोड़ों की जमीन का बैनामा करा लिया। इसमें रजिस्ट्री कार्यालय में तैनात दो वरिष्ठ लिपिकों सोमनाथ राव और रामशरण सिंह की संलिप्तता की भी पुष्टि हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों समेत कंप्यूटर ऑपरेटर को रविवार को जेल भेज दिया था। इसे गंभीरता से लेते हुए स्टांप विभाग के प्रमुख सचिव ने आरोपी कर्मचारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और इनकी संलिप्तता से जुड़ी जानकारी तलब की थी। एआईजी स्टांप ने इसकी रिपोर्ट मंगलवार की दोपहर ही भेज दी।
विज्ञापन
इसके आधार पर देर शाम सब रजिस्ट्रार समेत तीनों कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी हो गया। आईजी स्टांप सीताराम यादव ने अपने आदेश में कहा है कि सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव, कनिष्ठ लिपिक सोमनाथ राव व रामशरण सिंह को छह मई से ही निलंबित माना जाएगा। निलंबन की अवधि में उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। इसका भुगतान भी तब होगा, जब वे इस आशय का प्रमाणपत्र देंगे कि वे किसी अन्य व्यवसाय या सेवा में नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
वहीं, उप निबंधन कार्यालय में मंगलवार को दो कर्मचारियों के भरोसे जमीन की रजिस्ट्री का काम हुआ। एआईजी स्टांप डॉ. राधाकृष्ण मिश्र ने बताया कि जेल जाने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई थी। सलेमपुर और रुद्रपुर उप निबंधन कार्यालय के एक-एक कर्मचारी को दस दिन के लिए देवरिया कार्यालय से संबद्ध किया जाएगा ताकि सुचारु रूप से कार्यालय का कामकाज हो सके।
एक करोड़ के राजस्व का नुकसान
सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र यादव और तीन अन्य कर्मचारियों के जेल जाने के बाद से शनिवार और सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन का बैनामा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक इससे एक करोड़ के सरकारी राजस्व का नुकसान हुआ है। कार्यालय से एक दिन में लगभग 50 लाख का राजस्व आता है।
प्रभावशाली लिपिक के घर लिखा गया स्टांप
करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के बैनामे में कम स्टांप लगाने का मामला यदा-कदा आता है। दीपक मणि के मामले में चार माह पुराने स्टांप पर जमीन का बैनामा किया गया है। विभागीय जांच में मालूम हुआ है कि प्रभावशाली आरोपी वरिष्ठ लिपिक रामशरण के घर स्टांप लिखा गया, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष ने सब रजिस्ट्रार की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया है। रजिस्ट्री कार्यालय में कर्मचारियों के बीच इसकी चर्चा है।
स्टांप मंत्री को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने मंगलवार को सूबे के स्टांप, पंजीयन और न्यायालय शुल्क मंत्री नंद गोपाल नंदी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार देवरिया के सब रजिस्ट्रार फूलचंद्र और उनके सहयोगियों को निलंबित कर विजिलेंस जांच कराने की मांग की। साथ ही, दीपक मणि को अपहरण कर कराया गया बैनामा भी रद्द कराने की मांग की। स्टांप मंत्री ने पूरी मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।