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हत्यारोपी ने जिला जेल में लगाई फांसी
देवरिया
Updated Mon, 09 Jan 2017 10:55 PM IST
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बुद्धू प्रसाद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। पत्नी की हत्या में जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन बंदी ने बाथरूम में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना सोमवार शाम साढ़े तीन बजे की है। घटना के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों को जेल पहुंचने में तीन घंटे का समय लग गया। शव कई घंटे तक बाथरूम में लटकता रहा। सीओ, तहसीलदार और कोतवाल की मौजूदगी में शव को उतारा गया।
पूरे घटना की वीडियोग्राफी कराई गई। बताया जाता है कि जेल में उससे कोई मिलने भी नहीं आता था। 12 नवंबर-2016 को भटनी के रायबारी गांव निवासी 50 वर्षीय बुद्धू प्रसाद ने नशे की हालत में दिव्यांग पत्नी गुलइचा देवी को फावड़े से काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भाई सिद्धू की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
बुद्धू और गुलइचा को कोई संतान नहीं है। बुद्धू बैरक नंबर आठ में बंद था। सोमवार को दिन में तीन बजे के करीब वह बैरक से बाथरूम गया और गमछे से फंदा बनाकर कुंडे से लटक गया। साथी बंदियों को जब घटना की जानकारी हुई तो सूचना जेल प्रशासन को दी। जेल के भीतर खुदकुशी की खबर से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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जेलर ने घटना की सूचना जेल अधीक्षक रंगबहादुर पटेल को दी। साढ़े तीन बजे के करीब बंदी के मौत की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को मिली लेकिन शव को कब्जे में लेने के लिए कई घंटे लग गए। मौके पर सीओ सिटी अजय सिंह, तहसीलदार, कोतवाल विजय सिंह गौर, जेल चौकी प्रभारी संतोष सिंह यादव पहुंचे। कागजी कार्रवाई पूरा करने के बाद शव को कब्जे में लिया गया। जेल अधीक्षक रंगबहादुर पटेल ने बताया कि विचाराधीन वंदी ने फंदा लगाया है, जांच कराई जाएगी।
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पूरे घटना की वीडियोग्राफी कराई गई। बताया जाता है कि जेल में उससे कोई मिलने भी नहीं आता था। 12 नवंबर-2016 को भटनी के रायबारी गांव निवासी 50 वर्षीय बुद्धू प्रसाद ने नशे की हालत में दिव्यांग पत्नी गुलइचा देवी को फावड़े से काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भाई सिद्धू की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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बुद्धू और गुलइचा को कोई संतान नहीं है। बुद्धू बैरक नंबर आठ में बंद था। सोमवार को दिन में तीन बजे के करीब वह बैरक से बाथरूम गया और गमछे से फंदा बनाकर कुंडे से लटक गया। साथी बंदियों को जब घटना की जानकारी हुई तो सूचना जेल प्रशासन को दी। जेल के भीतर खुदकुशी की खबर से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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जेलर ने घटना की सूचना जेल अधीक्षक रंगबहादुर पटेल को दी। साढ़े तीन बजे के करीब बंदी के मौत की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को मिली लेकिन शव को कब्जे में लेने के लिए कई घंटे लग गए। मौके पर सीओ सिटी अजय सिंह, तहसीलदार, कोतवाल विजय सिंह गौर, जेल चौकी प्रभारी संतोष सिंह यादव पहुंचे। कागजी कार्रवाई पूरा करने के बाद शव को कब्जे में लिया गया। जेल अधीक्षक रंगबहादुर पटेल ने बताया कि विचाराधीन वंदी ने फंदा लगाया है, जांच कराई जाएगी।