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रेप मामले में थाने में पंचायत
देवरिया
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:01 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : social media
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देवरिया। रेप पीड़ित नाबालिग को न्याय दिलाने की जगह गौरीबाजार पुलिस थाने में पंचायत करा रही है। बताया जा रहा है कि नाबालिग पांच माह की गर्भवती है। थाना परिसर में शुक्रवार को हुई पंचायत में दोनों पक्ष के लोग जुटे। पीड़ित पक्ष पर पुलिस की मौजूदगी में मामला सुलझा लेने का दबाव डाला गया। लेकिन पिता ने साफ कह दिया कि न्याय मिलने तक लड़ता रहेगा।
मामला नहीं बनता देख लड़की को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेज दिया गया। इसके बाद उसे बालगृह बालिका भेजा जाएगा। उधर, जिस सपा नेता के ईंट-भट्ठे पर दुष्कर्म की बात कही जा रही है, उसके मालिक का कहना है कि निर्दोषों को नहीं फंसाया जाए। डीएनए टेस्ट कराकर ही जेल भेजा जाए। मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना गौरीबाजार के एक ईंट-भट्ठे की है। साढ़े पांच माह पहले नाबालिग को तीन दरिंदों ने हवस का शिकार बना लिया था। आरोप है कि मनबढ़ों ने पीड़ित की मां को केस दर्ज नहीं कराने के लिए डराया धमकाया, बल्कि पिटाई कर दी।
एक प्रभावशाली नेता ने भी दबाव डाला। पंचायत कर आरोपियों पर बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। एक सप्ताह पहले मामला तब बिगड़ा जब नाबालिग की गर्भवती हो गई। इसके बाद पिता ने एफआईआर दर्ज कराने गौरीबाजार थाने पहुंचा। पिता का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की तो उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
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बृहस्पतिवार की रात को तहरीर ली गई। इस मामले में चंदन चौरसिया और विनोद गुप्ता के खिलाफ रेप, पास्को एक्ट और धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर डीपी सिंह का कहना है कि थाने में पंचायत नहीं बुलाई गई थी। दोनों पक्षों को इसलिए बुलाया गया था कि मामले की हकीकत पता चल सके। उन्होंने बताया कि लड़की को डॉक्टरी और कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। इसके बाद पीड़ित ने बाल गृह में भेजा जाएगा।
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मामला नहीं बनता देख लड़की को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेज दिया गया। इसके बाद उसे बालगृह बालिका भेजा जाएगा। उधर, जिस सपा नेता के ईंट-भट्ठे पर दुष्कर्म की बात कही जा रही है, उसके मालिक का कहना है कि निर्दोषों को नहीं फंसाया जाए। डीएनए टेस्ट कराकर ही जेल भेजा जाए। मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना गौरीबाजार के एक ईंट-भट्ठे की है। साढ़े पांच माह पहले नाबालिग को तीन दरिंदों ने हवस का शिकार बना लिया था। आरोप है कि मनबढ़ों ने पीड़ित की मां को केस दर्ज नहीं कराने के लिए डराया धमकाया, बल्कि पिटाई कर दी।
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एक प्रभावशाली नेता ने भी दबाव डाला। पंचायत कर आरोपियों पर बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। एक सप्ताह पहले मामला तब बिगड़ा जब नाबालिग की गर्भवती हो गई। इसके बाद पिता ने एफआईआर दर्ज कराने गौरीबाजार थाने पहुंचा। पिता का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की तो उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
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बृहस्पतिवार की रात को तहरीर ली गई। इस मामले में चंदन चौरसिया और विनोद गुप्ता के खिलाफ रेप, पास्को एक्ट और धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर डीपी सिंह का कहना है कि थाने में पंचायत नहीं बुलाई गई थी। दोनों पक्षों को इसलिए बुलाया गया था कि मामले की हकीकत पता चल सके। उन्होंने बताया कि लड़की को डॉक्टरी और कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। इसके बाद पीड़ित ने बाल गृह में भेजा जाएगा।