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आईएसआई और घर के भेदिए पर शक
देवरिया
Updated Fri, 28 Oct 2016 10:21 PM IST
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आरके तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। एयरफोर्स के विंग कमांडर आरके तिवारी के मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। दिल्ली में भारतीय वायुसेना के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से परिवारवालों की गुरुवार को बातचीत हुई। परिवारवालों का कहना है कि उनके पास जो भी सूचनाएं थीं, उसे अफसरों से साझा की। अधिकारी इस बात से सहमत हुए कि आत्महत्या का पक्ष संदेहास्पद है।
तर्क है कि आत्महत्या करने वाला सुबह नहा धोकर पूजा करके पूरे एयरबेस के सिक्योरिटी का निरीक्षण करके अपनी जिप्सी में खुद को गोली नहीं मार सकता। सीसीटीवी फुटेज में वह अच्छी बॉडी लैंग्वेज के साथ अपनी सरकारी जिप्सी से निकलते देखे जा सकते हैं। उसके बाद सीसीटीवी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। परिवारवालों का कहना है कि उसके आगे का रिकॉर्ड मौजूद न होना संदेह पैदा करता है।
परिवारवालों को शक है कि अचानक जिप्सी में डेड बॉडी मिली। आशंका जाहिर की है कि उन्हें प्वाइंट ब्लैंक रेंज के सामने से किसी ने शूट किया है। हालांकि पुलिस की जांच जारी है। दिल्ली स्थित वायुसेना कार्यालय से एयर मार्शल एसबी देव ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का ऑर्डर दिया है। उन्होंने परिवारवालों को विश्वास दिलाया है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। आरके तिवारी एयर फोर्स के खुफिया विभाग के सम्मानित अधिकारियों में से एक थे।
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कारगिल युद्ध से लेकर बांग्लादेश तक एयरफोर्स को अपनी सेवाएं दी। परिवारवालों का कहना है कि भारतीय वायु सेना बेस दिल्ली के अधिकारियों के अनुरोध पर अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ किये जाने को स्वीकार किया गया। उनके भतीजे आशुतोष तिवारी का कहना है कि चाचा आरके तिवारी ने फोन पर बात करते समय एयरबेस के खतरों की ओर संकेत किया था। उनका आरोप है कि मामले में लीपापोती की जा रही है।
उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए बताया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और तस्करी गैंग के गठजोड़ ने अपना काम किया है। बिसरा रिपोर्ट और कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की प्रोसिडिंग्स के बाद इस केस की सीबीआई जांच के लिए मैं कोर्ट और मंत्रालय का दरवाजा खटखटाऊंगा।
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तर्क है कि आत्महत्या करने वाला सुबह नहा धोकर पूजा करके पूरे एयरबेस के सिक्योरिटी का निरीक्षण करके अपनी जिप्सी में खुद को गोली नहीं मार सकता। सीसीटीवी फुटेज में वह अच्छी बॉडी लैंग्वेज के साथ अपनी सरकारी जिप्सी से निकलते देखे जा सकते हैं। उसके बाद सीसीटीवी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। परिवारवालों का कहना है कि उसके आगे का रिकॉर्ड मौजूद न होना संदेह पैदा करता है।
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परिवारवालों को शक है कि अचानक जिप्सी में डेड बॉडी मिली। आशंका जाहिर की है कि उन्हें प्वाइंट ब्लैंक रेंज के सामने से किसी ने शूट किया है। हालांकि पुलिस की जांच जारी है। दिल्ली स्थित वायुसेना कार्यालय से एयर मार्शल एसबी देव ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का ऑर्डर दिया है। उन्होंने परिवारवालों को विश्वास दिलाया है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। आरके तिवारी एयर फोर्स के खुफिया विभाग के सम्मानित अधिकारियों में से एक थे।
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कारगिल युद्ध से लेकर बांग्लादेश तक एयरफोर्स को अपनी सेवाएं दी। परिवारवालों का कहना है कि भारतीय वायु सेना बेस दिल्ली के अधिकारियों के अनुरोध पर अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ किये जाने को स्वीकार किया गया। उनके भतीजे आशुतोष तिवारी का कहना है कि चाचा आरके तिवारी ने फोन पर बात करते समय एयरबेस के खतरों की ओर संकेत किया था। उनका आरोप है कि मामले में लीपापोती की जा रही है।
उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए बताया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और तस्करी गैंग के गठजोड़ ने अपना काम किया है। बिसरा रिपोर्ट और कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की प्रोसिडिंग्स के बाद इस केस की सीबीआई जांच के लिए मैं कोर्ट और मंत्रालय का दरवाजा खटखटाऊंगा।