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नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मारपीट
देवरिया
Updated Fri, 23 Dec 2016 10:53 PM IST
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दो माह तक फ्री में लोगों ने काम किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम बेरोजगार युवक के साथ ठगी का मामला प्रकाश में आया है। दस हजार रुपये लेकर 17 लोगों को कंपनी में रखा गया। दो माह तक फ्री में लोगों ने काम किया। वेतन मांगने पर कंपनी के कर्मचारी बेरोजगारों को धमकी देने लगे। शुक्रवार को युवकों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने परमार्थी पोखरे के पास कंपनी के संचालक की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मौके से लैपटॉप, कागजात बरामद हुए। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। महिला सहयोगी भागने में सफल हो गई। कुशीनगर, नेबुआ नौरंगिया पिपरा बाजार मीठामाफी गांव निवासी बृजेश यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले एक हर्बल कंपनी का विज्ञापन निकला था। संपर्क करने पर गोरखपुर, ट्रांसपोर्ट नगर बुलाया गया। ट्रेनिंग के नाम पर 1350 रुपये जमा कराया गया और देवरिया परमार्थी पोखरा सन स्टार कंपनी के पास भेज दिया गया।
वहीं कुशीनगर के नितेश गुप्ता, जितेन्द्र मिश्रा, आरिफ, राज अभिषेक, विक्की, अंजली गुप्ता, अंजना सिंह, प्रियंका, गायत्री, रोमा, जेके सोनी, शकुंतला सहित 17 लोग पहले से सुपरवाइजर पद के लिए लाइन में लगे थे। कई लोगों ने दस-दस हजार रुपये ट्रेनिंग के नाम पर दे रखे थे। योग्यता के अनुसार कंपनी ने वेतन देने की बात कही थी। दो महीने तक सभी लोगों ने बिना वेतन के काम किया।
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आरोप है कि कंपनी की तरफ से जो सामान मार्केट में बेचा जा रहा था, वह एक्सपायरी हो गया था। खासकर गांव में इस तरह के उत्पात को बेचना था। कई लोगों ने बीच में नौकरी छोड़ दी। पीड़ितों ने बताया कि देवरिया ब्रांच पर विकास और सोनी सिंह बैठते थे। उन्होंने धोखा दिया। वेतन मांगने पर धमकी देने लगे। शुक्रवार को बेरोजगार युवकों का गुस्सा फूट गया।
उन्होंने परमार्थी पोखरे पर विकास की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। भलुअनी इलाके की रहने वाली सोनी सिंह मौके से भाग गईं। पीड़ित पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मौके से लैपटॉप, कागजात बरामद हुए। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। महिला सहयोगी भागने में सफल हो गई। कुशीनगर, नेबुआ नौरंगिया पिपरा बाजार मीठामाफी गांव निवासी बृजेश यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले एक हर्बल कंपनी का विज्ञापन निकला था। संपर्क करने पर गोरखपुर, ट्रांसपोर्ट नगर बुलाया गया। ट्रेनिंग के नाम पर 1350 रुपये जमा कराया गया और देवरिया परमार्थी पोखरा सन स्टार कंपनी के पास भेज दिया गया।
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वहीं कुशीनगर के नितेश गुप्ता, जितेन्द्र मिश्रा, आरिफ, राज अभिषेक, विक्की, अंजली गुप्ता, अंजना सिंह, प्रियंका, गायत्री, रोमा, जेके सोनी, शकुंतला सहित 17 लोग पहले से सुपरवाइजर पद के लिए लाइन में लगे थे। कई लोगों ने दस-दस हजार रुपये ट्रेनिंग के नाम पर दे रखे थे। योग्यता के अनुसार कंपनी ने वेतन देने की बात कही थी। दो महीने तक सभी लोगों ने बिना वेतन के काम किया।
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आरोप है कि कंपनी की तरफ से जो सामान मार्केट में बेचा जा रहा था, वह एक्सपायरी हो गया था। खासकर गांव में इस तरह के उत्पात को बेचना था। कई लोगों ने बीच में नौकरी छोड़ दी। पीड़ितों ने बताया कि देवरिया ब्रांच पर विकास और सोनी सिंह बैठते थे। उन्होंने धोखा दिया। वेतन मांगने पर धमकी देने लगे। शुक्रवार को बेरोजगार युवकों का गुस्सा फूट गया।
उन्होंने परमार्थी पोखरे पर विकास की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। भलुअनी इलाके की रहने वाली सोनी सिंह मौके से भाग गईं। पीड़ित पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।