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शाम को ‘बार’ बन जाती है कचहरी
देवरिया
Updated Wed, 28 Sep 2016 10:52 PM IST
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अधिवक्ताओं के बैठक स्थलों पर बोतल और गिलास छोड़ गए।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। तहसील परिसर रुद्रपुर पीने पिलाने का महफूज ठिकाना बन गया है। शाम ढलने के बाद वकीलों के बैठक स्थलों पर दारूबाजों की महफिल सजती है। अलग-अलग तख्त पर दारू का दौर देर रात तक चलता है। ऐसे में पूरा परिसर बार में तब्दील हो जाता है। मंगलवार की रात में जश्न मनाने के बाद दारूबाज अधिवक्ताओं के बैठक स्थलों पर बोतल और गिलास छोड़ गए। इस बात को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी है।
उन्होंने सीओ से मिलकर नाराजगी जताई।
तहसील के अधिवक्ता अशफाक अहमद सुबह जब अपनी चौकी पर पहुंचे तो वहां शराब की बोतलें बिखरी मिली। नमकीन के खाली पैकेट और गिलास देख कर उन्होंने अधिवक्ता संघ में शिकायत की। उन्होंने कहा कि वकीलों के कचहरी समाप्त कर जाने के बाद उनकी चौकियों पर पीने पिलाने का कार्यक्रम रोज चलता है। शराबियों के इस कृत्य से अधिवक्ता आजिज आ चुके हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस कचहरी में रात को गश्त नहीं करती। अधिवक्ता संघ की ओर से अध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय, अनिल पांडेय, फणिंद्र नाथ पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, डॉ रामाश्रय पांडेय, सुधांशु मौलि ओझा, आनंद शंकर मणि, बलवंत सिंह आदि ने सीओ से मिलकर नाराजगी जताई।
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उन्होंने इस तरह का कृत्य दोबारा होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित ने मामले की जांच कर परिसर में शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ ने कोतवाली प्रभारी को तहसील परिसर में शाम ढलने के बाद गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया।
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उन्होंने सीओ से मिलकर नाराजगी जताई।
तहसील के अधिवक्ता अशफाक अहमद सुबह जब अपनी चौकी पर पहुंचे तो वहां शराब की बोतलें बिखरी मिली। नमकीन के खाली पैकेट और गिलास देख कर उन्होंने अधिवक्ता संघ में शिकायत की। उन्होंने कहा कि वकीलों के कचहरी समाप्त कर जाने के बाद उनकी चौकियों पर पीने पिलाने का कार्यक्रम रोज चलता है। शराबियों के इस कृत्य से अधिवक्ता आजिज आ चुके हैं।
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कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस कचहरी में रात को गश्त नहीं करती। अधिवक्ता संघ की ओर से अध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय, अनिल पांडेय, फणिंद्र नाथ पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, डॉ रामाश्रय पांडेय, सुधांशु मौलि ओझा, आनंद शंकर मणि, बलवंत सिंह आदि ने सीओ से मिलकर नाराजगी जताई।
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उन्होंने इस तरह का कृत्य दोबारा होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित ने मामले की जांच कर परिसर में शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ ने कोतवाली प्रभारी को तहसील परिसर में शाम ढलने के बाद गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया।