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रुद्रपुर में अर्थशास्त्र का पेपर लीक
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:08 AM IST
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रुद्रपुर में अर्थशास्त्र का पेपर लीक
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विश्वविद्यालय परीक्षा में पेपर लीक होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को रामजी सहाय पीजी कॉलेज के परीक्षा संचालकों ने अर्थशास्त्र प्रथम वर्ष की परीक्षा एक दिन पहले करा दी। परीक्षा शुरू होने के एक घंटा बाद परीक्षा तिथि की जानकारी होने पर केंद्राध्यक्ष सकते में आ गए। उन्होंने अर्थशास्त्र द्घितीय प्रश्न पत्र का परीक्षा दे रहे छात्रों से पेपर कॉपी वापस ले लिया। अगले दिन मंगलवार को वहीं परीक्षा कराई गई। विश्वविद्यालय परीक्षा में कार्यक्रम को लेकर परीक्षकों की अनभिज्ञता से परीक्षा की पवित्रता तार तार हो रही है।
रामजी सहाय पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 56 छात्र छात्राओं का नामांकन हुआ है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अर्थशास्त्र द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा पांच अप्रैल मंगलवार को होनी थी। लेकिन परीक्षा संचालकों ने अर्थशास्त्र की परीक्षा एक दिन पहले चार अप्रैल को शुरू करा दी। हुआ यह कि सोमवार को अर्थशास्त्र के 41 बच्चें परीक्षा देने केंद्र पर पहुंच गए। केंद्राध्यक्ष ने बिना परीक्षा कार्यक्रम का अवलोकन किए अर्थशास्त्र द्वितीय प्रश्न पत्र की कापी और पेपर वितरित करा दिया। करीब एक घंटे तक परीक्षार्थी पश्व पत्रों को हल करते रहें।
परीक्षा संचालक मंडल के एक सदस्य को पता चला कि यह परीक्षा दूसरे दिन होनी है तो संचालक मंडल में खलबली मच गई। उन्होंने आनन फानन में परीक्षा दे रहे बच्चों से पेपर कॉपी ले ली। गलती छुपाने के लिए कापी को नष्ट कर दिया गया। दूसरे दिन उसी प्रश्न पत्र से परीक्षा दोबारा कराई गई। पहले दिन बटी 41 कॉपियों की स्टाक में कमी को लेकर परीक्षा संचालक मंडल की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परीक्षा की पवित्रता पर सवालियां निशान लग गया है।
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रामजी सहाय पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 56 छात्र छात्राओं का नामांकन हुआ है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अर्थशास्त्र द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा पांच अप्रैल मंगलवार को होनी थी। लेकिन परीक्षा संचालकों ने अर्थशास्त्र की परीक्षा एक दिन पहले चार अप्रैल को शुरू करा दी। हुआ यह कि सोमवार को अर्थशास्त्र के 41 बच्चें परीक्षा देने केंद्र पर पहुंच गए। केंद्राध्यक्ष ने बिना परीक्षा कार्यक्रम का अवलोकन किए अर्थशास्त्र द्वितीय प्रश्न पत्र की कापी और पेपर वितरित करा दिया। करीब एक घंटे तक परीक्षार्थी पश्व पत्रों को हल करते रहें।
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परीक्षा संचालक मंडल के एक सदस्य को पता चला कि यह परीक्षा दूसरे दिन होनी है तो संचालक मंडल में खलबली मच गई। उन्होंने आनन फानन में परीक्षा दे रहे बच्चों से पेपर कॉपी ले ली। गलती छुपाने के लिए कापी को नष्ट कर दिया गया। दूसरे दिन उसी प्रश्न पत्र से परीक्षा दोबारा कराई गई। पहले दिन बटी 41 कॉपियों की स्टाक में कमी को लेकर परीक्षा संचालक मंडल की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परीक्षा की पवित्रता पर सवालियां निशान लग गया है।
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