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विसर्जन में गए तीन डूबे, दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बरहज
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:56 PM IST
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कपरवार में उग्रसेन सेतु से मूर्ति विसर्जन के दौरान पुल से मूर्तियों के साथ राप्ती नदी में गिरने से दो युवक की डूबने से मौत हो गयी।
एक युवक की जान नदी में मौजूद गांव के युवकों ने बचा ली। हादसा होते ही मेले में शोक की लहर दौड़ गई।
बरहज के युवक का शव कुछ देर बाद पुल से थोड़ी दूर मिला, जबकि गायघाट के युवक का शव शुक्रवार को परिवार के लोगों की तलाश के दौरान संगम तट से मिला।
पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि अजयपुरा गांव के युवक के गिरने के साथ ही नदी में मूर्तियों में लगी लकड़ी निकाल रहे युवकों ने बचा लिया।
कपरवार राप्ती नदी पर उग्रसेन सिंह सेतु बना है। यहां क्षेत्र के गांवों, कस्बों की सैकड़ों मूर्तियां विसर्जन के लिए लाई जाती हैं।
गुुरुवार के दिन पहली घटना एक बजे हुई। पुल से नदी में मूर्तियों के विसर्जन के दौरान बरहज के पटेल नगर पूर्वी निवासी जोगेश पासवान पुत्र रामभरोसा मूर्ति के साथ पुल से नदी में गिर गया।
युवक कुछ दूर तक हाथ पैर चलाता हुआ गया, उसके बाद वह डूब गया। इसकी सूचना अपराध निरोधक कमेटी के राकेश श्रीवास्तव, श्याम बिहारी मिश्र ने सीओ को दी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने गोताखोरों के माध्यम शव की तलाश कर नदी से बाहर निकाला। अभी लोग इससे उबर कर मेले में पहुंचे ही थे की करीब पांच बजे अजयपुरा गांव निवासी प्रभु चौरसिया मूर्ति के साथ पुल से नदी में गिर गया।
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मूर्ति विसर्जन करने आए लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रभु को नदी में लकड़ी निकाल रहे युवकों ने बचा लिया। साथ आए लोग उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
शाम करीब सात बजे गायघाट निवासी व्यास यादव पुत्र नगीना यादव खिरिया गांव की मूर्ति के साथ विसर्जन के लिए आया था। नदी में गिर गया, जिससे वह डूब गया।
रात होने के कारण नदी में उसकी तलाश नहीं हो सकी। शुक्रवार की सुबह परिवार के लोग नाव से खुद शव की तलाश में जुटे थे।
संगम तट पर किनारे उसका शव मिला। शव मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
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एक युवक की जान नदी में मौजूद गांव के युवकों ने बचा ली। हादसा होते ही मेले में शोक की लहर दौड़ गई।
बरहज के युवक का शव कुछ देर बाद पुल से थोड़ी दूर मिला, जबकि गायघाट के युवक का शव शुक्रवार को परिवार के लोगों की तलाश के दौरान संगम तट से मिला।
पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि अजयपुरा गांव के युवक के गिरने के साथ ही नदी में मूर्तियों में लगी लकड़ी निकाल रहे युवकों ने बचा लिया।
कपरवार राप्ती नदी पर उग्रसेन सिंह सेतु बना है। यहां क्षेत्र के गांवों, कस्बों की सैकड़ों मूर्तियां विसर्जन के लिए लाई जाती हैं।
गुुरुवार के दिन पहली घटना एक बजे हुई। पुल से नदी में मूर्तियों के विसर्जन के दौरान बरहज के पटेल नगर पूर्वी निवासी जोगेश पासवान पुत्र रामभरोसा मूर्ति के साथ पुल से नदी में गिर गया।
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युवक कुछ दूर तक हाथ पैर चलाता हुआ गया, उसके बाद वह डूब गया। इसकी सूचना अपराध निरोधक कमेटी के राकेश श्रीवास्तव, श्याम बिहारी मिश्र ने सीओ को दी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने गोताखोरों के माध्यम शव की तलाश कर नदी से बाहर निकाला। अभी लोग इससे उबर कर मेले में पहुंचे ही थे की करीब पांच बजे अजयपुरा गांव निवासी प्रभु चौरसिया मूर्ति के साथ पुल से नदी में गिर गया।
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मूर्ति विसर्जन करने आए लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रभु को नदी में लकड़ी निकाल रहे युवकों ने बचा लिया। साथ आए लोग उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
शाम करीब सात बजे गायघाट निवासी व्यास यादव पुत्र नगीना यादव खिरिया गांव की मूर्ति के साथ विसर्जन के लिए आया था। नदी में गिर गया, जिससे वह डूब गया।
रात होने के कारण नदी में उसकी तलाश नहीं हो सकी। शुक्रवार की सुबह परिवार के लोग नाव से खुद शव की तलाश में जुटे थे।
संगम तट पर किनारे उसका शव मिला। शव मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।