{"_id":"5741f4744f1c1b7818690ae5","slug":"doctor-seeking-protection-money-caught","type":"story","status":"publish","title_hn":" डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले पकड़े गए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले पकड़े गए
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sun, 22 May 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
डाक्टर से रंगदारी मांगने वाले दो बदमाश गिरफ्तार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवरिया शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर गिरीश नारायण गुप्ता से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने गोरखपुर के खोराबार में ट्रेजरी अधिकारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने, महुआडीह में युवक पर जानलेवा हमले की बात स्वीकार की है। गैंग में शामिल बिहार का बर्खास्त सिपाही और एक अन्य बदमाश फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
शुक्रवार को तीनों घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि 19 मई को पुरवां चौराहा निवासी डॉक्टर गिरीश नारायण गुप्ता के मोबाइल पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम की मांग नेपाल के नंबर से की जा रही थी। जबकि एसएमएस यूपी के नंबर से किया जा रहा था। केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई।
शनिवार को मुखबिर की सूचना पर प्रभारी कोतवाल अनिल पांडेय, एसओ रामपुर कारखाना मृत्युंजय पाठक, उप निरीक्षक विकास यादव की टीम ने पांडेय चक में घेराबंदी की। इसी दौरान चार पहिया गाड़ी के साथ दो लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान भलुअनी, सोनाड़ी निवासी चंदू यादव, रामपुर कारखाना के महुआडीह बरवां निवासी राधेश्याम यादव के रूप में हुई। इनके पास से सात सिमकार्ड, कट्टा, कारतूस और घटना में प्रयोग मोबाइल और सिम बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने डॉक्टर गिरीश नारायण गुप्ता से रंगदारी मांगने की बात कबूल की और बताया कि गैंग में कुशीनगर का विकास उर्फ विक्की और बनकटा, छितौना का देवेन्द्र उर्फ पहलवान यादव शामिल हैं। पहलवान बिहार का बर्खास्त सिपाही है।
विज्ञापन
एसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि इन्हीं बदमाशों ने गोरखपुर, खोराबार निवासी आजमगढ़ में तैनात ट्रेजरी अधिकारी रामानंद पासवान से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। वहीं तीन अप्रैल को महुआडीह के पास बरवां निवासी श्रीराम यादव को गोली मारी गई थी। श्रीराम ट्रेजरी अधिकारी रामानंद पासवान का करीबी है। उसके ऊपर चंदू यादव, विकास ने गोली चलाई थी। जबकि मुखबिरी बरवां के आरोपी राधेश्याम यादव ने की थी।
शुक्रवार को तीनों घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि 19 मई को पुरवां चौराहा निवासी डॉक्टर गिरीश नारायण गुप्ता के मोबाइल पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम की मांग नेपाल के नंबर से की जा रही थी। जबकि एसएमएस यूपी के नंबर से किया जा रहा था। केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई।
विज्ञापन
शनिवार को मुखबिर की सूचना पर प्रभारी कोतवाल अनिल पांडेय, एसओ रामपुर कारखाना मृत्युंजय पाठक, उप निरीक्षक विकास यादव की टीम ने पांडेय चक में घेराबंदी की। इसी दौरान चार पहिया गाड़ी के साथ दो लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान भलुअनी, सोनाड़ी निवासी चंदू यादव, रामपुर कारखाना के महुआडीह बरवां निवासी राधेश्याम यादव के रूप में हुई। इनके पास से सात सिमकार्ड, कट्टा, कारतूस और घटना में प्रयोग मोबाइल और सिम बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने डॉक्टर गिरीश नारायण गुप्ता से रंगदारी मांगने की बात कबूल की और बताया कि गैंग में कुशीनगर का विकास उर्फ विक्की और बनकटा, छितौना का देवेन्द्र उर्फ पहलवान यादव शामिल हैं। पहलवान बिहार का बर्खास्त सिपाही है।
विज्ञापन
एसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि इन्हीं बदमाशों ने गोरखपुर, खोराबार निवासी आजमगढ़ में तैनात ट्रेजरी अधिकारी रामानंद पासवान से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। वहीं तीन अप्रैल को महुआडीह के पास बरवां निवासी श्रीराम यादव को गोली मारी गई थी। श्रीराम ट्रेजरी अधिकारी रामानंद पासवान का करीबी है। उसके ऊपर चंदू यादव, विकास ने गोली चलाई थी। जबकि मुखबिरी बरवां के आरोपी राधेश्याम यादव ने की थी।