{"_id":"5c2b9ccbbdec2256a8715194","slug":"81546362059-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में मौज खत्म, खास से आम हो गए कई बंदी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जेल में मौज खत्म, खास से आम हो गए कई बंदी
विज्ञापन
अतीक अहमद
- फोटो : self
देवरिया। पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद की सरपरस्ती में पौने दो साल से जिला जेल में मौज काट रहे बंदी उसके जाने के बाद मायूस हैं। आम से ‘खास’ बने ये बंदी फिर से ‘आम’ हो गए हैं। उन्हें अब न कोई काजू-बादाम खिलाने वाला है और न ही झट से बाहर का काम कराने वाला। लंबे समय से आरामतलबी के आदी हो चुके इन बंदियों को अब जेल प्रशासन की कड़ाई भी सालने लगी है। यही नहीं, शहर में रहने वाले अतीक के करीबी भी मायूस हैं।
अप्रैल 2017 में अतीक अहमद को नैनी जेल से देवरिया लाया गया था। उसके आने के बाद यह जेल अति संवेदनशील हो गई। बाद में कई अन्य जेलों में बंद अतीक के खास गुर्गे स्थानांतरण कराके देवरिया की जेल में शिफ्ट हो गए। इनके अलावा जरायम की दुनिया में नाम कमाने की चाहत रखने वाले भी अतीक के करीब आ गए। जेल सूत्रों की मानें तो 50 से अधिक बंदी अतीक के अति करीबी थे। उसी के चलते जेल में उन्हें वह सुविधा मिल जाती थी, जिसकी वे चाह रखते थे। जेल में रहते हुए अतीक ने कइयों की जमानत कराई तो कई को अन्य प्रकार से मदद पहुंचाकर अपना मुरीद बना लिया। जेल में बंद अपने संबंधी को मिल रही सहूलियत के कारण ही उनके घर वाले भी बाहर से अतीक की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
लखनऊ के रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर जेल में पिटाई और 45 करोड़ की प्रापर्टी पर हस्ताक्षर कराने का मामला उजागर होने के बाद शासन ने अतीक का तबादला बरेली जेल कर दिया। सोमवार की शाम उसके जाने के बाद जिला और जेल प्रशासन ने जेल में सख्ती शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने भी सख्ती की बात स्वीकार की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अप्रैल 2017 में अतीक अहमद को नैनी जेल से देवरिया लाया गया था। उसके आने के बाद यह जेल अति संवेदनशील हो गई। बाद में कई अन्य जेलों में बंद अतीक के खास गुर्गे स्थानांतरण कराके देवरिया की जेल में शिफ्ट हो गए। इनके अलावा जरायम की दुनिया में नाम कमाने की चाहत रखने वाले भी अतीक के करीब आ गए। जेल सूत्रों की मानें तो 50 से अधिक बंदी अतीक के अति करीबी थे। उसी के चलते जेल में उन्हें वह सुविधा मिल जाती थी, जिसकी वे चाह रखते थे। जेल में रहते हुए अतीक ने कइयों की जमानत कराई तो कई को अन्य प्रकार से मदद पहुंचाकर अपना मुरीद बना लिया। जेल में बंद अपने संबंधी को मिल रही सहूलियत के कारण ही उनके घर वाले भी बाहर से अतीक की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
विज्ञापन
लखनऊ के रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर जेल में पिटाई और 45 करोड़ की प्रापर्टी पर हस्ताक्षर कराने का मामला उजागर होने के बाद शासन ने अतीक का तबादला बरेली जेल कर दिया। सोमवार की शाम उसके जाने के बाद जिला और जेल प्रशासन ने जेल में सख्ती शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने भी सख्ती की बात स्वीकार की।
विज्ञापन