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ट्रेन के चपेट में आने से शिक्षक की मौत
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:15 PM IST
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accident
- फोटो : stluciatimes.com
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सलेमपुर। ट्रेन की चपेट में आने से कोचिंग सेंटर के संचालक की मौत हो गई। वह शुक्रवार भोर में रोज की तरह अपने कोचिंग सेंटर पर जा रहा था। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर सुन घर में कोहराम मच गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहरा बभनौली गांव निवासी 20 वर्षीय अर्पित कुमार धनगढ़ा चौराहे पर कोचिंग सेंटर चलाता था। रोज की तरह वह भोर में करीब चार बजे पैदल कोचिंग सेंटर पर जा रहा था। चकियां गांव के समीप रेलवे लाइन पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोचिंग सेंटर से घर का चलाता था खर्च
सलेमपुर। सात वर्ष पूर्व बीमारी के चलते पिता सुरेश प्रसाद की मौत के बाद अर्पित कुमार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। माता पुष्पा देवी दिव्यांग हैं। एक छोटा भाई अजीत कुमार पढ़ाई कर रहा है। दोनों के पोषण का भार उसके कंधे पर था। दो वर्ष पहले उसने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास किया था। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह दाखिला नहीं करा सका। धनगढ़ा चौराहे पर कोचिंग सेंटर खोलकर अपनी जीविका चलाता था। बेटे के मौत की खबर मिलते ही मां पुष्पा देवी व भाई अजीत कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था।
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कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहरा बभनौली गांव निवासी 20 वर्षीय अर्पित कुमार धनगढ़ा चौराहे पर कोचिंग सेंटर चलाता था। रोज की तरह वह भोर में करीब चार बजे पैदल कोचिंग सेंटर पर जा रहा था। चकियां गांव के समीप रेलवे लाइन पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोचिंग सेंटर से घर का चलाता था खर्च
सलेमपुर। सात वर्ष पूर्व बीमारी के चलते पिता सुरेश प्रसाद की मौत के बाद अर्पित कुमार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। माता पुष्पा देवी दिव्यांग हैं। एक छोटा भाई अजीत कुमार पढ़ाई कर रहा है। दोनों के पोषण का भार उसके कंधे पर था। दो वर्ष पहले उसने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास किया था। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह दाखिला नहीं करा सका। धनगढ़ा चौराहे पर कोचिंग सेंटर खोलकर अपनी जीविका चलाता था। बेटे के मौत की खबर मिलते ही मां पुष्पा देवी व भाई अजीत कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था।
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