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हत्या में मिले सुराग, सात हिरासत में
deoria
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:36 PM IST
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हत्या
- फोटो : anoop tiwari
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देवरिया। पवहारी महराज की पैकौली कुटी के पुजारी की हत्या में दो महिला समेत सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मंगलवार की रात सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसमें पुलिस को अहम जानकारी मिली। हत्या रंजिश की ओर इशारा कर रही है, जबकि मूर्ति चोरी में गैंग के शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं। पुलिस नेपाल से लेकर बिहार तक फैले संदिग्धों के नेटवर्कों की तलाश में जुटी है। मंदिर के संपत्ति विवाद को भी पुलिस ने जांच के घेरे में रखा है।
सोमवार की रात पवहारी महराज की कुटी के पुजारी प्रयाग दास की हत्या कर बदमाश करोड़ों रुपये की अष्टधातु की मूर्ति और मुकुट चुरा ले गए थे। एसपी प्रभाकर चौधरी ने मंदिर से जुड़े दर्जन भर लोगों से पूछताछ की। जनसूचनाओं और प्रारंभिक पड़ताल के बाद पुलिस की नजर स्थानीय बदमाशों पर टिक गई। कुछ इस तरह का इशारा प्रयाग दास के मोबाइल नंबर और अन्य लोगों से बातचीत के रिकॉर्ड में मिल गया। रात 10 बजे करीब पुलिस अगया गांव दबिश देने पहुंची। खोजी कुत्ता की मदद से पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया। उसका मंदिर पर आना-जाना था। फिर कुत्ता थोड़ी दूर जाने के बाद छत पर पहुंचा और सो रहे युवक पर टूट पड़ा। युवक छत से नीचे कुद कर भाग निकला। पुलिस ने भी छत से कू दकर भाग रहे युवक को दबोच लिया।
वहीं, कुटी से सटे नगऊर गांव के एक को युवक भी हिरासत में लिया गया, जो दोनों के संपर्क में था। तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस फिर अगया गांव आई और संदिग्ध युवक के घर की तलाशी ली। जूता, कपड़े और मोबाइल पुलिस साथ ले गई। बुधवार की सुबह फिर पुलिस गांव आई और मंदिर में दावत का आयोजन करने वाले संदिग्ध को पकड़ लिया। भलुअनी और बरहज थाने में सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई। शाम को पुलिस ने संदिग्ध युवक की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया।
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हत्या के बाद भीड़ में शामिल दो अन्य संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। एसपी प्रभाकर चौधरी ने संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान मिले अहम सुराग के बाद पुलिस नेपाल और बिहार के उन नेटवर्कों की तलाश में जुटी है जो संदिग्धों के संपर्क में रहे हैं। हत्या रंजिश की ओर इशारा कर रही है, सूत्रों की मानें तो मूर्ति चोरी करने वाले किसी बड़े नेटवर्क के संपर्क में रहे। पुलिस की नजर ऐसे बदमाशों पर है जो मूर्ति चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस की टीम कई जगहों पर दबिश दे रही है। हालांकि, मूर्ति बरामदगी के लिए पोखरे से लेकर अन्य जगहों पर तलाशी अभियान चला लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पुलिस घटना का पर्दाफाश कर देगी। पुलिस अधिकांश कड़ियों को जोड़ने में सफल रही है।
शक के घेर में आई महिला
देवरिया। पुजारी प्रयाग दास हत्याकांड में पुलिस एक महिला को संदेह में रखे हुए है। पुलिस का कहना है कि महिला का मंदिर में आना-जाना था। उसका पति भी बागीचे में रहता था। चर्चा है कि पुजारी ने महिला को करीब चालीस हजार रुपये हथफेर दे रखा था। पुजारी के मां की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्होंने महिला से रुपये की मांग शुरू कर दी। महिला ने जब रुपये देने में विलम्ब किया तो, उन्होंने कर्मचारियों से दबाव बनवाना शुरू कर दिया। यह बात महिला और उसके पति को नागवार लगी।
महिला मूल रूप से नेपाल की रहने वाली बताई जा रही है। उसका गांव में एक संदिग्ध युवक से संपर्क था। वह भी मंदिर में अक्सर आता-जाता था। पुलिस को आशंका है कि हत्या के तार इन लोगों से जुड़े हो सकते हैं। अगर पुलिस का संदेह सही निकला तो लूटपाट मंदिर में क्यों की गई। आखिर संदिग्ध युवक के साथ कातिल और कौन थे, चोरी गई मूर्ति कहां है। पुलिस को अभी इन बिंदुओं पर तलाश है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि संदिग्ध युवक संविदा पर कर्मचारी है। उसका पहले नेपाल आना-जाना था। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि हत्या में प्रयोग चाकू नेपाली है। गांव में चर्चा है कि वह चोरी की कई वारदात कर चुका है। लखनऊ में स्पोर्ट्स कॉलेज में चोरी का आरोप था और विद्यालय से निकाल दिया गया था। सूत्रों की मानें तो संदिग्ध युवक नेपाल से नकली नोट के कारोबार से जुड़ा है। वह रुपये दोगुना करने का काम करता था। इस धंधे में वह कई बार पकड़ा गया। पुलिस की पड़ताल अगर सही दिशा में जा रही है तो कातिलों की तलाश के साथ मूर्ति बरामदगी शेष बची है। हालांकि, पुलिस मूर्ति चोरी के इंटरनेशनल बदमाशों की तलाश में भी है।
सरयू में प्रयाग दास को दी गई जल समाधि
बरहज। पवहारी कुटी के पैकौली कुटी के मुख्य पुजारी रहे प्रयाग दास का बुधवार की दोपहर नगर के सरयू नदी में जल समाधि दी गई। इस अवसर पर मंदिर के अनुयायियों के अलावा सैकड़ाें लोग सरयू तट पर जमा रहे। प्रयाग दास की हत्या सोमवार की रात पैकौली कुटी में कर दी गई थी। जल समाधि पुजारी के पिता रहिश्वर सिंह एवं परिवार के सुरेश सिंह, अंशू सिंह, अशोक सिंह, अरविंद सिंह और दिनेश सिंह की मौजूदगी में हुई। पुजारी बिहार प्रांत के गया जिले के रहने वाले थे। वहीं, इस अवसर पर पैकौली कुटी से संबंधित बारीपुर मंदिर के महंत शिवचरण दास, अजय कुमार सिंह, अंगद तिवारी, छोटक सिंह, मुन्ना उपाध्याय, प्रशांत मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सोमवार की रात पवहारी महराज की कुटी के पुजारी प्रयाग दास की हत्या कर बदमाश करोड़ों रुपये की अष्टधातु की मूर्ति और मुकुट चुरा ले गए थे। एसपी प्रभाकर चौधरी ने मंदिर से जुड़े दर्जन भर लोगों से पूछताछ की। जनसूचनाओं और प्रारंभिक पड़ताल के बाद पुलिस की नजर स्थानीय बदमाशों पर टिक गई। कुछ इस तरह का इशारा प्रयाग दास के मोबाइल नंबर और अन्य लोगों से बातचीत के रिकॉर्ड में मिल गया। रात 10 बजे करीब पुलिस अगया गांव दबिश देने पहुंची। खोजी कुत्ता की मदद से पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया। उसका मंदिर पर आना-जाना था। फिर कुत्ता थोड़ी दूर जाने के बाद छत पर पहुंचा और सो रहे युवक पर टूट पड़ा। युवक छत से नीचे कुद कर भाग निकला। पुलिस ने भी छत से कू दकर भाग रहे युवक को दबोच लिया।
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वहीं, कुटी से सटे नगऊर गांव के एक को युवक भी हिरासत में लिया गया, जो दोनों के संपर्क में था। तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस फिर अगया गांव आई और संदिग्ध युवक के घर की तलाशी ली। जूता, कपड़े और मोबाइल पुलिस साथ ले गई। बुधवार की सुबह फिर पुलिस गांव आई और मंदिर में दावत का आयोजन करने वाले संदिग्ध को पकड़ लिया। भलुअनी और बरहज थाने में सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई। शाम को पुलिस ने संदिग्ध युवक की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया।
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हत्या के बाद भीड़ में शामिल दो अन्य संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। एसपी प्रभाकर चौधरी ने संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान मिले अहम सुराग के बाद पुलिस नेपाल और बिहार के उन नेटवर्कों की तलाश में जुटी है जो संदिग्धों के संपर्क में रहे हैं। हत्या रंजिश की ओर इशारा कर रही है, सूत्रों की मानें तो मूर्ति चोरी करने वाले किसी बड़े नेटवर्क के संपर्क में रहे। पुलिस की नजर ऐसे बदमाशों पर है जो मूर्ति चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस की टीम कई जगहों पर दबिश दे रही है। हालांकि, मूर्ति बरामदगी के लिए पोखरे से लेकर अन्य जगहों पर तलाशी अभियान चला लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पुलिस घटना का पर्दाफाश कर देगी। पुलिस अधिकांश कड़ियों को जोड़ने में सफल रही है।
शक के घेर में आई महिला
देवरिया। पुजारी प्रयाग दास हत्याकांड में पुलिस एक महिला को संदेह में रखे हुए है। पुलिस का कहना है कि महिला का मंदिर में आना-जाना था। उसका पति भी बागीचे में रहता था। चर्चा है कि पुजारी ने महिला को करीब चालीस हजार रुपये हथफेर दे रखा था। पुजारी के मां की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्होंने महिला से रुपये की मांग शुरू कर दी। महिला ने जब रुपये देने में विलम्ब किया तो, उन्होंने कर्मचारियों से दबाव बनवाना शुरू कर दिया। यह बात महिला और उसके पति को नागवार लगी।
महिला मूल रूप से नेपाल की रहने वाली बताई जा रही है। उसका गांव में एक संदिग्ध युवक से संपर्क था। वह भी मंदिर में अक्सर आता-जाता था। पुलिस को आशंका है कि हत्या के तार इन लोगों से जुड़े हो सकते हैं। अगर पुलिस का संदेह सही निकला तो लूटपाट मंदिर में क्यों की गई। आखिर संदिग्ध युवक के साथ कातिल और कौन थे, चोरी गई मूर्ति कहां है। पुलिस को अभी इन बिंदुओं पर तलाश है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि संदिग्ध युवक संविदा पर कर्मचारी है। उसका पहले नेपाल आना-जाना था। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि हत्या में प्रयोग चाकू नेपाली है। गांव में चर्चा है कि वह चोरी की कई वारदात कर चुका है। लखनऊ में स्पोर्ट्स कॉलेज में चोरी का आरोप था और विद्यालय से निकाल दिया गया था। सूत्रों की मानें तो संदिग्ध युवक नेपाल से नकली नोट के कारोबार से जुड़ा है। वह रुपये दोगुना करने का काम करता था। इस धंधे में वह कई बार पकड़ा गया। पुलिस की पड़ताल अगर सही दिशा में जा रही है तो कातिलों की तलाश के साथ मूर्ति बरामदगी शेष बची है। हालांकि, पुलिस मूर्ति चोरी के इंटरनेशनल बदमाशों की तलाश में भी है।
सरयू में प्रयाग दास को दी गई जल समाधि
बरहज। पवहारी कुटी के पैकौली कुटी के मुख्य पुजारी रहे प्रयाग दास का बुधवार की दोपहर नगर के सरयू नदी में जल समाधि दी गई। इस अवसर पर मंदिर के अनुयायियों के अलावा सैकड़ाें लोग सरयू तट पर जमा रहे। प्रयाग दास की हत्या सोमवार की रात पैकौली कुटी में कर दी गई थी। जल समाधि पुजारी के पिता रहिश्वर सिंह एवं परिवार के सुरेश सिंह, अंशू सिंह, अशोक सिंह, अरविंद सिंह और दिनेश सिंह की मौजूदगी में हुई। पुजारी बिहार प्रांत के गया जिले के रहने वाले थे। वहीं, इस अवसर पर पैकौली कुटी से संबंधित बारीपुर मंदिर के महंत शिवचरण दास, अजय कुमार सिंह, अंगद तिवारी, छोटक सिंह, मुन्ना उपाध्याय, प्रशांत मिश्रा आदि मौजूद रहे।