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बलिया का है ठेका डेन्जर जोन देवरिया मे हो रहा खनन
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फोटो समाचार...
रोक के बावजूद देवरिया की सीमा में बालू खनन
राजस्व टीम ने नाव के सहयोग से नदी में की पैमाइश
अमर उजाला ब्यूरो
मईल। बालू खनन को लेकर दो जिलों में उलझे सीमा विवाद का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बरहज तहसील प्रशासन ने पैमाइश कर खनन स्थल देवरिया जिले में होने का फिर दावा किया और खनन पर रोक लगाने के निर्देेश दिए।
देवरिया के कपरवार से तकिया धरहरा तक सरयू नदी का किनारा डेंजर जोन घोषित किया गया है। इसकी वजह से बालू का खनन नहीं होता है, लेकिन बलिया के खैराघाट गांव के समीप बलिया जिला प्रशासन ने बालू का ठेका दे रखा है। ठेका तो गोंडा के एक व्यक्ति के नाम से है, लेकिन खनन देवरिया का एक व्यक्ति करा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व में जब पैमाइश हुई तो खनन स्थल देवरिया जिले में पड़ा। प्रभावशाली ठेकेदार ने रोक के बावजूद पुन: खनन शुरू करा दिया। दो किसानों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए बरहज तहसील के राजस्व कर्मचारियों ने नदी में नाव के सहयोग से पैमाइश की और खनन स्थल को देवरिया जिले में होने की बात कही। राजस्व टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक दिनेश कुमार मिश्र, लेखपाल रोशन मिश्रा, गणेश तिवारी, धर्मेंद्र, उमाशंकर विश्वकर्मा, चंद्रशेखर, आशुतोष ने बताया कि इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई वह करेंगे। इसके पहले ठेकेदार भागलपुर इलाके में खनन करा रहा था, तो रोका गया था।
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रोक के बावजूद देवरिया की सीमा में बालू खनन
राजस्व टीम ने नाव के सहयोग से नदी में की पैमाइश
अमर उजाला ब्यूरो
मईल। बालू खनन को लेकर दो जिलों में उलझे सीमा विवाद का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बरहज तहसील प्रशासन ने पैमाइश कर खनन स्थल देवरिया जिले में होने का फिर दावा किया और खनन पर रोक लगाने के निर्देेश दिए।
देवरिया के कपरवार से तकिया धरहरा तक सरयू नदी का किनारा डेंजर जोन घोषित किया गया है। इसकी वजह से बालू का खनन नहीं होता है, लेकिन बलिया के खैराघाट गांव के समीप बलिया जिला प्रशासन ने बालू का ठेका दे रखा है। ठेका तो गोंडा के एक व्यक्ति के नाम से है, लेकिन खनन देवरिया का एक व्यक्ति करा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व में जब पैमाइश हुई तो खनन स्थल देवरिया जिले में पड़ा। प्रभावशाली ठेकेदार ने रोक के बावजूद पुन: खनन शुरू करा दिया। दो किसानों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए बरहज तहसील के राजस्व कर्मचारियों ने नदी में नाव के सहयोग से पैमाइश की और खनन स्थल को देवरिया जिले में होने की बात कही। राजस्व टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक दिनेश कुमार मिश्र, लेखपाल रोशन मिश्रा, गणेश तिवारी, धर्मेंद्र, उमाशंकर विश्वकर्मा, चंद्रशेखर, आशुतोष ने बताया कि इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई वह करेंगे। इसके पहले ठेकेदार भागलपुर इलाके में खनन करा रहा था, तो रोका गया था।
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