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ट्रेन की चपेट में आने से ईंट कारोबारी की मौत.....
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:43 PM IST
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accident
- फोटो : graphic
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देवरिया। सदर कोतवाली इलाके के नगरवा धूस के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय एक ईंट कारोबारी ट्रेन की चपेट में आ गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिहार के विजयीपुर के बनौरा गांव के मूल निवासी सुमंत पुत्र लक्ष्मीकांत पिपरपाती में परिवार सहित रहते थे। नगरवा धूस गांव में सीमेंट के ईंट का कारोबार करते हैं। इसी से वह परिवार की जीविका चलाते थे। बुधवार की भोर में वह रेलवे लाइन पार कर रहे थे। इसी दौरान वह किसी ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे उन्हें गंभीर चोट लगी। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे लाइन के किनारे गए कुछ लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिवारवालों को सूचना दी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सदर कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे लाइन पार करते समय सुमंत ट्रेन की चपेट में आ गया था। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है।
परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य थे सुमंत
ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाला सुमंत परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। सीमेंट ईंट से वह परिवार की माली हालत ठीक करने में लगे थे, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। सूचना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी मोनिका, बेटे किशन और अंशु, मां सुभावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। सभी का कहना था कि उनका सहारा ही भगवान ने छीन लिया है। सुभावती चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि उनके बुढ़ापे की लाठी कौन बनेगा। पत्नी मोनिका कह रही थी कि उसका सुहाग छीन गया और बच्चे अनाथ हो गए। आखिर ईश्वर ने इस तरह क्रूर मजाक क्यों किया है। परिवारवालों के करुण-क्रंदन से मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
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बिहार के विजयीपुर के बनौरा गांव के मूल निवासी सुमंत पुत्र लक्ष्मीकांत पिपरपाती में परिवार सहित रहते थे। नगरवा धूस गांव में सीमेंट के ईंट का कारोबार करते हैं। इसी से वह परिवार की जीविका चलाते थे। बुधवार की भोर में वह रेलवे लाइन पार कर रहे थे। इसी दौरान वह किसी ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे उन्हें गंभीर चोट लगी। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे लाइन के किनारे गए कुछ लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिवारवालों को सूचना दी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सदर कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे लाइन पार करते समय सुमंत ट्रेन की चपेट में आ गया था। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है।
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परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य थे सुमंत
ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाला सुमंत परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। सीमेंट ईंट से वह परिवार की माली हालत ठीक करने में लगे थे, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। सूचना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी मोनिका, बेटे किशन और अंशु, मां सुभावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। सभी का कहना था कि उनका सहारा ही भगवान ने छीन लिया है। सुभावती चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि उनके बुढ़ापे की लाठी कौन बनेगा। पत्नी मोनिका कह रही थी कि उसका सुहाग छीन गया और बच्चे अनाथ हो गए। आखिर ईश्वर ने इस तरह क्रूर मजाक क्यों किया है। परिवारवालों के करुण-क्रंदन से मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
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