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मालखाना की स्थिति देख नाराज हुए डीआईजी
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:58 PM IST
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देवरिया। सदर कोतवाली थाने का मुआयना करने पहुंचे डीआईजी नीलाब्जा चौधरी व्यवस्था देखकर बिफर पड़े। सबसे खराब स्थिति मालखाने की थी। उन्होंने दो दिन में सारी व्यवस्था ठीक करने को कहा। साथ ही कहा कि वह सोमवार को फिर कोतवाली आएंगे।
शुक्रवार को अपराह्न 3.10 बजे डीआईजी गोरखपुर नीलाब्जा चौधरी कोतवाली थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहने उन्हें गारद की सलामी दी गई। इसके बाद वह सीधे आगंतुक कक्ष में पहुंचे। वहां महिला कांस्टेबल और सदर कोतवाल से जानकारी ली। थाना परिसर में खड़े वाहनों के बारे में पूछा। लावारिस में दाखिल एक बुलेट के बारे में जानकारी ली। चेचिस और इंजन नंबर के बारे में कोतवाल और अन्य पुलिसवालों से पूछा। परिसर स्थित पुलिस आवास को देखा। बैरक में भी वह अंदर जाकर देखे। मालगोदाम से निकालकर कर मुआयना के लिए रखे गए रायफल और अन्य हथियारों को देखा। उन्होंने कहा कि इसमें से कई रायफल चलाने लायक नहीं हैं। आर्मोरर को बुलाकर दिखा लें। यहां गोली नहीं रखे जाने से वह नाराज हुए। दीवान और एसएसआई से पूछा कभी मुआयना कराए हो? दीवान ने कहा कि अभी वह प्रमोशन होकर आया है। मालखाना की स्थिति खराब देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। दूसरे दरवाजे से देखा तो बॉडी प्रोटेक्शन ठीक ढंग से नहीं रखा गया था। उन्होंने कहा कि इसे बाहर निकालकर धूप दिखा लें। फिर उन्होंने कैंटीन का मुआयना किया। यहां दीवार पर प्रतिदिन बनने वाले भोजन का मेन्यू चस्पा किया गया था। उन्होंने फॉलोअर से सीजन के हिसाब से सब्जी बनाने को कहा। इसका जिक्र मेन्यू में कर लेने को कहा। वहां से कोतवाल के बैठक कक्ष में जाते समय वह कुछ गोलियां उठा ले गए। पूछा कि बताओ कितनी गोलियां थी, इस पर दीवान और अन्य बगले झांकने लगे। एसपी राजीव मल्होत्रा, एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा, सीओ सिटी डॉ. अजय कुमार सिंह, शहर कोतवाल नीतीश कुमार सिंह के साथ मीटिंग की। उन्होंने एसपी से कहा कि वह मातहतों की क्लास लेते रहें।
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शुक्रवार को अपराह्न 3.10 बजे डीआईजी गोरखपुर नीलाब्जा चौधरी कोतवाली थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहने उन्हें गारद की सलामी दी गई। इसके बाद वह सीधे आगंतुक कक्ष में पहुंचे। वहां महिला कांस्टेबल और सदर कोतवाल से जानकारी ली। थाना परिसर में खड़े वाहनों के बारे में पूछा। लावारिस में दाखिल एक बुलेट के बारे में जानकारी ली। चेचिस और इंजन नंबर के बारे में कोतवाल और अन्य पुलिसवालों से पूछा। परिसर स्थित पुलिस आवास को देखा। बैरक में भी वह अंदर जाकर देखे। मालगोदाम से निकालकर कर मुआयना के लिए रखे गए रायफल और अन्य हथियारों को देखा। उन्होंने कहा कि इसमें से कई रायफल चलाने लायक नहीं हैं। आर्मोरर को बुलाकर दिखा लें। यहां गोली नहीं रखे जाने से वह नाराज हुए। दीवान और एसएसआई से पूछा कभी मुआयना कराए हो? दीवान ने कहा कि अभी वह प्रमोशन होकर आया है। मालखाना की स्थिति खराब देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। दूसरे दरवाजे से देखा तो बॉडी प्रोटेक्शन ठीक ढंग से नहीं रखा गया था। उन्होंने कहा कि इसे बाहर निकालकर धूप दिखा लें। फिर उन्होंने कैंटीन का मुआयना किया। यहां दीवार पर प्रतिदिन बनने वाले भोजन का मेन्यू चस्पा किया गया था। उन्होंने फॉलोअर से सीजन के हिसाब से सब्जी बनाने को कहा। इसका जिक्र मेन्यू में कर लेने को कहा। वहां से कोतवाल के बैठक कक्ष में जाते समय वह कुछ गोलियां उठा ले गए। पूछा कि बताओ कितनी गोलियां थी, इस पर दीवान और अन्य बगले झांकने लगे। एसपी राजीव मल्होत्रा, एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा, सीओ सिटी डॉ. अजय कुमार सिंह, शहर कोतवाल नीतीश कुमार सिंह के साथ मीटिंग की। उन्होंने एसपी से कहा कि वह मातहतों की क्लास लेते रहें।
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