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जांच के लिए लखनऊ से आई डिप्टी डायरेक्टरों की टीम
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:27 PM IST
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देवरिया बालिकागृह कांड की जांच करने जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पहुंची दो सदस्यीय टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। महिला कल्याण विभाग के उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारियों की दो सदस्यीय टीम रविवार को देवरिया पहुंची। पूरे दिन टीम जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमी रही और विभागीय अभिलेखों का अवलोकन किया। जरूरी अभिलेख अपने साथ भी ले गई।
बालगृह बालिका कांड की चल रही जांच में कई खामियां सामने आ रही हैं। जांच टीमें पुराने अभिलेख भी खंगाल रही हैं। जिला प्रोबेशन कार्यालय रविवार को पूरे दिन खुला रहा। दोपहर में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी लखनऊ सर्वेश पांडेय और फैजाबाद की आकांक्षा अग्रवाल पहुंचीं। दोनों अफसर कार्यालय में शाम तक रहे। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान से जुड़े दस्तावेज की गहनता से जांच की। बालगृह बालिका की मान्यता स्थगित होने के बाद प्रोबेशन कार्यालय की ओर से किए गए पत्राचार से जुड़ी जानकारी ली। बीच-बीच में बालिका संरक्षण गृह बंद कराने के लिए की गई कोशिश के बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार से पूछा। सूत्रों की मानें तो टीम के सदस्य विभागीय जांच करने आए थे। दोनों सदस्य संस्था से जुड़े करीब 200 पन्ने से अधिक के अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति अपने साथ ले गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि जांच से जुड़े कागजात टीम को उपलब्ध करा दिए गए। कार्रवाई से जुड़ी जो भी जानकारी थी। उसे बताया गया।
अस्थायी बालिका गृह बनाने के दिए निर्देश
देवरिया। डिप्टी डायरेक्टर सर्वेश पांडेय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को अस्थायी तौर पर महिला हेल्पलाइन 1090 की देख-रेख में एक बालिका गृह अस्थायी तौर पर बनाने के निर्देश दिए ताकि पुलिस जिन बालिकाओं को लेकर आए उन्हें मेडिकल जांच या गोपनीय बयान दर्ज होने तक वहां रखा जा सके।
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बालगृह बालिका कांड की चल रही जांच में कई खामियां सामने आ रही हैं। जांच टीमें पुराने अभिलेख भी खंगाल रही हैं। जिला प्रोबेशन कार्यालय रविवार को पूरे दिन खुला रहा। दोपहर में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी लखनऊ सर्वेश पांडेय और फैजाबाद की आकांक्षा अग्रवाल पहुंचीं। दोनों अफसर कार्यालय में शाम तक रहे। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान से जुड़े दस्तावेज की गहनता से जांच की। बालगृह बालिका की मान्यता स्थगित होने के बाद प्रोबेशन कार्यालय की ओर से किए गए पत्राचार से जुड़ी जानकारी ली। बीच-बीच में बालिका संरक्षण गृह बंद कराने के लिए की गई कोशिश के बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार से पूछा। सूत्रों की मानें तो टीम के सदस्य विभागीय जांच करने आए थे। दोनों सदस्य संस्था से जुड़े करीब 200 पन्ने से अधिक के अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति अपने साथ ले गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि जांच से जुड़े कागजात टीम को उपलब्ध करा दिए गए। कार्रवाई से जुड़ी जो भी जानकारी थी। उसे बताया गया।
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अस्थायी बालिका गृह बनाने के दिए निर्देश
देवरिया। डिप्टी डायरेक्टर सर्वेश पांडेय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को अस्थायी तौर पर महिला हेल्पलाइन 1090 की देख-रेख में एक बालिका गृह अस्थायी तौर पर बनाने के निर्देश दिए ताकि पुलिस जिन बालिकाओं को लेकर आए उन्हें मेडिकल जांच या गोपनीय बयान दर्ज होने तक वहां रखा जा सके।
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