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टैक्टर से बाइक की टक्कर दो दोस्तों की मौत

Thu, 20 Jun 2019 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2019 11:30 PM IST
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टैक्टर से बाइक की टक्कर दो दोस्तों की मौत
चूड़ा गली में शव पहुंचने पर रोते विलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

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भटनी में शोक में बंद रहा बाजार, व्यापारियों ने दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
भटनी (देवरिया)। भरथुआ-भटनी मार्ग पर साहोपार गांव के समीप बुधवार की देर रात ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत हो गई। शोक में बृहस्पतिवार को व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। युवा दोस्तों की मौत से उनके घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भटनीनगर के हरिकीर्तन मुहल्ला निवासी राजन वर्मा (22) और चूड़ा गली निवासी सूरज वर्मा (23) जिगरी दोस्त थे। बुधवार की रात दोनों एक ही बाइक से चांदपार चौराहे पर किसी काम से गए थे। लौटते समय रात करीब साढ़े नौ बजे साहोपार गांव के सामने ट्रैक्टर की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें पीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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दम तोड़ दिया पर दोस्तों ने साथ नहीं छोड़ा
भटनी। हर वक्त साथ रहने वाले जिगरी दोस्त सूरज और राजन की मौत भी एक साथ ही हुई। दोनों ने दम तोड़ दिया लेकिन एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। घटनास्थल पर जब लोग पहुंचे तो दोनों एक-दूसरे के गले में हाथ डाले पड़े थे। यह मंजर देख हर किसी की आंखों से बरबस आंसू फूट पड़े।
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बाइक सवार दोनों युवकों की दोस्ती की चर्चा पूरे दिन होती रही। दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ ही नजर आते थे। राजन कॉस्मेटिक की दुकान चलाता था, लेकिन अपने दोस्त सूरज का ज्वेलर्स की ओर झुकाव देख अपने स्वर्ण व्यवसायी भाई सोनू से उसे ज्वेलरी की कारीगरी भी सिखवा रहा था। सूरज भी अपने दोस्त के व्यवसाय को मजबूती देने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटा रहता था। कुछ दिन पहले ही दोनों ने रकम जुटाकर बाइक खरीदी थी। दोनों उसी से घूमते थे। करीब दो माह पहले दोनों ने एक साथ मां वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन यात्रा तिथि से पांच दिन पहले किसी कारण राजन ने टिकट कैंसिल करा दिया।
इधर, दर्शन के बाद सूरज बुधवार की शाम ही शहीद एक्सप्रेस से घर पहुंचा था। कुछ देर देर आराम करने के बाद वह राजन से मिलने पहुंच गया। दोनों बाइक से घूमने निकले, लेकिन उन्हें क्या पता कि इस बार वो जिस सैर पर जा रहे हैं, वहां से वापसी संभव नहीं है। दोनों की मौत तो मौके पर ही हो चुकी थी, लेकिन आत्मसंतुष्टि के लिए जब लोग उन्हें घटनास्थल से उठाकर अस्पताल ले जाने लगे तो दोनों एक-दूसरे के गले में हाथ डाले हुए थे।

दोनों का एक साथ हुआ दाह संस्कार
भटनी। सड़क हादसे के शिकार राजन और सूरज का छोटी गंडक के किनारे गुरुवार की शाम एक साथ दाह संस्कार किया गया। अपने चहेते के अंतिम दर्शन को भारी संख्या में नगरवासी जुटे थे। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान चेयरमैन डॉ. बलराम जायसवाल, विजय गुप्त, रमेश चंद्र वर्मा, मोहनलाल गुप्त, अशोक गुप्त, विजय शंकर मद्देशिया आदि उपस्थित रहे।

हेलमेट पहना होता तो बच सकती थी जान
भटनी। सड़क हादसे में राजन और सूरज के सिर में गंभीर चोट लगी थी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर दोनों ने हेलमेट पहन रखा होता तो तो उनकी जिंदगी बच सकती थी। दोनों के सिर के अलावा हाथ और पैर में मामूली चोटें आई थीं।

घर वाले रो-रोकर बेहाल
राजन पांच भाइयों और एक बहन में चौथे नंबर का था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां कुसमावती देवी बदहवास हो गईं, जबकि भाई सोनू, प्रदीप, गोलू, विक्की और बहन पूजा का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, दूसरी ओर सूरज ज्वेलरी का कारीगर था। उसका बड़े भाई धीरज चाय की दुकान चलाता है। उसकी शादी नवंबर में तय है। दोनों दोस्त अभी से शादी की तैयारी में लगे थे। देवरिया में एक टेलर को शेरवानी सिलने को दी थी, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सूरज की मौत पर पिता ओमप्रकाश, भाई धीरज के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। माता गुड्डी देवी बेटे का नाम लेकर बार-बार अचेत हो जा रही हैं।


शोक में दुकानें बंद रहीं
भटनी। भरथुआ-भटनी मार्ग पर साहोपार गांव के समीप बुधवार की देर रात ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत पर बृहस्पतिवार को व्यापार मंडल ने दुकानें बंद रखीं और गांधी चौक पर शोक सभा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। शोकसभा में व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा, मोहन लाल गुप्त, नवीन गुप्त, विजय कुमार गुप्त, रमेश चंद्र वर्मा, विजय शंकर मद्धेशिया, दीपक वर्मा, क्रांति मद्धेशिया, अशोक गुप्त, श्रीप्रकाश वर्मा, झुल्लु बरनवाल आदि मौजूद रहे।
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