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बेटे के लिए रखना था व्रत, खुद गंवा दी जान
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:36 PM IST
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accident
- फोटो : graphic
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खुखुंदू। बेटे की लंबी उम्र के लिए जिउतिया का व्रत रखने की तैयारी में जुटी मां की सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार की देर शाम दोघड़ा चौराहे के पास तेज रफ्तार बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दिया। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। खुखुंदू पुलिस घटना से बेखबर बनी हुई है।
थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव निवासी राजाराम मिश्र की पत्नी लीलावती देवी (58) सोमवार की शाम जिउतिया पर्व से संबंधी सामान खरीदने दोघड़ा चौराहे पर गई हुई थी। लौटते समय मगहरा की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसे चपेट में लिया। हादसे में महिला के सिर में गंभीर चोट आई। वह काफी देर तक सड़क पर ही छटपटाती रही। आस-पास के लोगों ने पुलिस को फोन किया, लेकिन थाने का सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। बाद में एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर पति राजाराम मिश्र बेसुध हैं। उन्होंने बताया कि इकलौता बेटा योगेंद्र परिवार के साथ बाहर रहता है। उसी की सलामती के लिए लीलावती जिउतिया का सामान खरीदने बाजार गई थी। रो-रोकर उनका बुरा है। जिला अस्पताल से सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बजती रही घंटी, नहीं उठा फोन
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुुताबिक हादसे के बाद घायल लीलावती देवी को तड़फड़ाता देख स्थानीय लोगों ने थाने के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया। आरोप है कि घंटी बजती रही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। घटना के दौरान एक होमगार्ड भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसने भी कई बार कॉल किया पर फोन नहीं उठा। करीब एक घंटे बाद महिला को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बाबत सीओ सलेमपुर शितांशु कुमार का कहना था कि अगर किन्हीं कारणों से सीयूजी नंबर नहीं उठा तो तत्काल कॉल बैक कर जानकारी लेनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ, जांच कराई जाएगी।
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थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव निवासी राजाराम मिश्र की पत्नी लीलावती देवी (58) सोमवार की शाम जिउतिया पर्व से संबंधी सामान खरीदने दोघड़ा चौराहे पर गई हुई थी। लौटते समय मगहरा की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसे चपेट में लिया। हादसे में महिला के सिर में गंभीर चोट आई। वह काफी देर तक सड़क पर ही छटपटाती रही। आस-पास के लोगों ने पुलिस को फोन किया, लेकिन थाने का सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। बाद में एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर पति राजाराम मिश्र बेसुध हैं। उन्होंने बताया कि इकलौता बेटा योगेंद्र परिवार के साथ बाहर रहता है। उसी की सलामती के लिए लीलावती जिउतिया का सामान खरीदने बाजार गई थी। रो-रोकर उनका बुरा है। जिला अस्पताल से सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बजती रही घंटी, नहीं उठा फोन
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुुताबिक हादसे के बाद घायल लीलावती देवी को तड़फड़ाता देख स्थानीय लोगों ने थाने के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया। आरोप है कि घंटी बजती रही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। घटना के दौरान एक होमगार्ड भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसने भी कई बार कॉल किया पर फोन नहीं उठा। करीब एक घंटे बाद महिला को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बाबत सीओ सलेमपुर शितांशु कुमार का कहना था कि अगर किन्हीं कारणों से सीयूजी नंबर नहीं उठा तो तत्काल कॉल बैक कर जानकारी लेनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ, जांच कराई जाएगी।
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