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Lalitpur News: कोर्ट के आदेश पर चकबंदी व राजस्व विभाग के चार कर्मियों समेत छह पर रिपोर्ट
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ललितपुर। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से निर्धारित हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा कराने और बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के खड़ी फसल में पैमाइश कराने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें सहायक चकबंदी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व लेखपाल और चकबंदी लेखपाल भी शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मसौरा कलां निवासी जयप्रकाश तिवारी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव में उसकी आराजी है, जिसमें वह मालिक और काबिज काश्तकार है। यह जमीन उसके भाई कृपाशंकर, राकेश कुमार, सरोज देवी, हिमांशु और सुधांशु के नाम भी दर्ज है। जमीन का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत किया गया था। राजस्व अभिलेखों में राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम नामांतरण नहीं होने के कारण वर्तमान में पूरा रकबा इन्हीं सह-काश्तकारों के नाम दर्ज है।
आरोप है कि राकेश कुमार को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने 0.316 हेक्टेयर में से 0.101 हेक्टेयर जमीन का विक्रय पत्र निर्मल कुमार जैन और सनत कुमार जैन निवासी लक्ष्मीपुरा के पक्ष में कर दिया। जबकि उक्त आराजी में राकेश का मात्र 11 डिसमिल हिस्सा ही शेष था। इसके बाद करीब 59 डिसमिल जमीन का भी बैनामा कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए बैनामा निरस्त कराने की मांग की, लेकिन आरोपियों ने ध्यान नहीं दिया।
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बिना आदेश खड़ी फसल में कर दी पैमाइश
शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन खरीदने वाले निर्मल कुमार जैन ने विक्रय पत्र के आधार पर मौके पर जांच कराने के लिए एसडीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर संयुक्त टीम गठित की गई। इसमें सहायक चकबंदी अधिकारी बिरारी जन्मेजय सक्सेना, राजस्व निरीक्षक जाखलौन अनिल श्रीवास्तव, राजस्व लेखपाल दीनदयाल मिश्रा और चकबंदी लेखपाल आशीष शर्मा शामिल थे। आरोप है कि 14 नवंबर 2025 को टीम मौके पर पहुंची और खड़ी फसल में जरीब डालकर पैमाइश करने के साथ चूना डाला। शिकायतकर्ता के भतीजों हिमांशु और सुधांशु ने इसका विरोध किया तो टीम ने एसडीएम का आदेश होने की बात कही और विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी दी।
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स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच का था आदेश
जयप्रकाश तिवारी का आरोप है कि एसडीएम का आदेश मौके का स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय परीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराने के संबंध में था। इसके बावजूद टीम ने बिना सक्षम अधिकारी के स्पष्ट आदेश के जमीन की पैमाइश कर दी। आरोप है कि राकेश कुमार, निर्मल कुमार और राजस्व व चकबंदी टीम ने मिलीभगत कर जमीन हड़पने का प्रयास किया और विरोध करने पर दबाव बनाया।
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कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मसौरा कलां निवासी जयप्रकाश तिवारी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव में उसकी आराजी है, जिसमें वह मालिक और काबिज काश्तकार है। यह जमीन उसके भाई कृपाशंकर, राकेश कुमार, सरोज देवी, हिमांशु और सुधांशु के नाम भी दर्ज है। जमीन का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत किया गया था। राजस्व अभिलेखों में राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम नामांतरण नहीं होने के कारण वर्तमान में पूरा रकबा इन्हीं सह-काश्तकारों के नाम दर्ज है।
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आरोप है कि राकेश कुमार को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने 0.316 हेक्टेयर में से 0.101 हेक्टेयर जमीन का विक्रय पत्र निर्मल कुमार जैन और सनत कुमार जैन निवासी लक्ष्मीपुरा के पक्ष में कर दिया। जबकि उक्त आराजी में राकेश का मात्र 11 डिसमिल हिस्सा ही शेष था। इसके बाद करीब 59 डिसमिल जमीन का भी बैनामा कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए बैनामा निरस्त कराने की मांग की, लेकिन आरोपियों ने ध्यान नहीं दिया।
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बिना आदेश खड़ी फसल में कर दी पैमाइश
शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन खरीदने वाले निर्मल कुमार जैन ने विक्रय पत्र के आधार पर मौके पर जांच कराने के लिए एसडीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर संयुक्त टीम गठित की गई। इसमें सहायक चकबंदी अधिकारी बिरारी जन्मेजय सक्सेना, राजस्व निरीक्षक जाखलौन अनिल श्रीवास्तव, राजस्व लेखपाल दीनदयाल मिश्रा और चकबंदी लेखपाल आशीष शर्मा शामिल थे। आरोप है कि 14 नवंबर 2025 को टीम मौके पर पहुंची और खड़ी फसल में जरीब डालकर पैमाइश करने के साथ चूना डाला। शिकायतकर्ता के भतीजों हिमांशु और सुधांशु ने इसका विरोध किया तो टीम ने एसडीएम का आदेश होने की बात कही और विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी दी।
स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच का था आदेश
जयप्रकाश तिवारी का आरोप है कि एसडीएम का आदेश मौके का स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय परीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराने के संबंध में था। इसके बावजूद टीम ने बिना सक्षम अधिकारी के स्पष्ट आदेश के जमीन की पैमाइश कर दी। आरोप है कि राकेश कुमार, निर्मल कुमार और राजस्व व चकबंदी टीम ने मिलीभगत कर जमीन हड़पने का प्रयास किया और विरोध करने पर दबाव बनाया।