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देवरिया 3
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:08 PM IST
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देवरिया 3
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मीडिया के सवालों में उलझे एसपी, अधूरे जवाब देकर खिसके
कहा, गायब नहीं लड़कियां, कोर्ट के आदेश पर सौंपा गया
सिर्फ दो लड़कियों के बारे में पता करना है बाकी
मान्यता स्थगन के बाद भी संस्था में लड़कियों को भेजने के सवाल पर साधी चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका में यौन उत्पीड़न व लड़कियों से अनैतिक कार्य कराने का पर्दाफाश करने वाली पुलिस बैकफुट पर आती दिख रही है। बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी रोहन पी कनय मीडिया के सवालों पर असहज दिखे। संस्था की मान्यता स्थगित होने के बावजूद पुलिस की ओर से लड़कियों को रखे जाने के सवालों पर चुप्पी साध गए। उन्होंने 18 लड़कियों के लापता होने से भी इन्कार किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता में एसपी ने बताया कि संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने चार जुलाई को डीएम के समक्ष 43 लड़कियों की सूची पेश की थी। पांच अगस्त को छापामारी के दौरान 24 लड़कियां और लड़के मिले। इसमें एक बच्ची बालगृह बालिका की कर्मचारी की थी, जिसे छोड़ दिया गया। बाकी 23 में से 18 लड़कियां व बच्चों का मिलान पुरानी लिस्ट से हुआ। पांच नई लड़कियां थीं, जिनका सूची में उल्लेख नहीं था। इस लिहाज से कुल 25 लड़कियों का पता करना था। छानबीन में पता चला कि 15 लड़कियों को पुलिस ने संस्था में रखा था और उन्हें पिछले एक माह में कोर्ट के आदेश पर परिजनों को सौंप दिया गया था। शेष दस में भी तीन लड़कियों का समायोजन अन्य केंद्रों पर कर दिया गया था। इसके बाद बची सात लड़कियों में पांच वह हैं, जो छापामारी के दौरान बालगृह बालिका में मिली थीं। उनका नाम-पता का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इस तरह से सिर्फ दो लड़कियां लापता हैं उनके बारे में कार्यालय रजिस्टर से जानकारी हो सकती है। लेकिन बालगृह बालिका से जुड़े सभी रिकॉर्ड सील हो जाने से इसमें दिक्कत हो रही है। जल्द ही कोर्ट के आदेश पर रजिस्टर को कब्जे में लेकर मिलान कराकर दोनों लड़कियों के बाबत पता किया जाएगा।
संस्था की मान्यता स्थगित होने के बाद भी पुलिस की ओर से लड़कियों को वहां रखे जाने के सवाल पर एसपी का कहना था कि यह मामला जांच के दायरे में है। कई अन्य सवालों को भी विवेचना का हिस्सा बताते हुए वह टाल गए। आलम यह रहा कि उन्हें वार्ता को शीघ्र खत्म करके जाना पड़ा। डीएम अमित किशोर ने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय कमेटी जांच कर रही है। सभी तथ्यों को कमेटी के संज्ञान में लाया गया है। उसने अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट दी है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। वार्ता में सीडीओ राजेश त्यागी, एडीएम सीताराम गुप्ता, एएसपी गणेश साहा, सुरेंद्र बहादुर, डीपीओ प्रभात कुमार मौजूद रहे।
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मीडिया के सवालों में उलझे एसपी, अधूरे जवाब देकर खिसके
कहा, गायब नहीं लड़कियां, कोर्ट के आदेश पर सौंपा गया
सिर्फ दो लड़कियों के बारे में पता करना है बाकी
मान्यता स्थगन के बाद भी संस्था में लड़कियों को भेजने के सवाल पर साधी चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका में यौन उत्पीड़न व लड़कियों से अनैतिक कार्य कराने का पर्दाफाश करने वाली पुलिस बैकफुट पर आती दिख रही है। बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी रोहन पी कनय मीडिया के सवालों पर असहज दिखे। संस्था की मान्यता स्थगित होने के बावजूद पुलिस की ओर से लड़कियों को रखे जाने के सवालों पर चुप्पी साध गए। उन्होंने 18 लड़कियों के लापता होने से भी इन्कार किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता में एसपी ने बताया कि संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने चार जुलाई को डीएम के समक्ष 43 लड़कियों की सूची पेश की थी। पांच अगस्त को छापामारी के दौरान 24 लड़कियां और लड़के मिले। इसमें एक बच्ची बालगृह बालिका की कर्मचारी की थी, जिसे छोड़ दिया गया। बाकी 23 में से 18 लड़कियां व बच्चों का मिलान पुरानी लिस्ट से हुआ। पांच नई लड़कियां थीं, जिनका सूची में उल्लेख नहीं था। इस लिहाज से कुल 25 लड़कियों का पता करना था। छानबीन में पता चला कि 15 लड़कियों को पुलिस ने संस्था में रखा था और उन्हें पिछले एक माह में कोर्ट के आदेश पर परिजनों को सौंप दिया गया था। शेष दस में भी तीन लड़कियों का समायोजन अन्य केंद्रों पर कर दिया गया था। इसके बाद बची सात लड़कियों में पांच वह हैं, जो छापामारी के दौरान बालगृह बालिका में मिली थीं। उनका नाम-पता का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इस तरह से सिर्फ दो लड़कियां लापता हैं उनके बारे में कार्यालय रजिस्टर से जानकारी हो सकती है। लेकिन बालगृह बालिका से जुड़े सभी रिकॉर्ड सील हो जाने से इसमें दिक्कत हो रही है। जल्द ही कोर्ट के आदेश पर रजिस्टर को कब्जे में लेकर मिलान कराकर दोनों लड़कियों के बाबत पता किया जाएगा।
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संस्था की मान्यता स्थगित होने के बाद भी पुलिस की ओर से लड़कियों को वहां रखे जाने के सवाल पर एसपी का कहना था कि यह मामला जांच के दायरे में है। कई अन्य सवालों को भी विवेचना का हिस्सा बताते हुए वह टाल गए। आलम यह रहा कि उन्हें वार्ता को शीघ्र खत्म करके जाना पड़ा। डीएम अमित किशोर ने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय कमेटी जांच कर रही है। सभी तथ्यों को कमेटी के संज्ञान में लाया गया है। उसने अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट दी है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। वार्ता में सीडीओ राजेश त्यागी, एडीएम सीताराम गुप्ता, एएसपी गणेश साहा, सुरेंद्र बहादुर, डीपीओ प्रभात कुमार मौजूद रहे।
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