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बिना पोस्टमार्टम के ही पुलिस ने करा दिया दाह संस्कार
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बिना पोस्टमार्टम के ही पुलिस ने करा दिया दाह संस्कार
देसही देवरिया। महुआडीह थाने के हेतिमपुर पुलिस चौकी के सिपाही ने लावारिस शव का बिना पोस्टमार्टम दाह-संस्कार के लिए ग्रामीणों को शव सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि मानसिक दिव्यांग युवक का कोई वारिस नहीं है। जबकि चौकी प्रभारी शव को मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन थाना प्रभारी मामले से अनभिज्ञता जताई।
थाना क्षेत्र के हेतिमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के हाइवे मार्ग के पास मंगलवार सुबह राहगीरों ने युवक का शव देखा। इसी बीच किसी ने हेतिमपुर चौकी को जानकारी दी। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई करने की जगह पुलिस ने पंचनामा कर स्थानीय लोगों को शव को सौंप दिया। आसपास के लोगों के अनुसार, युवक इधर कई दिनों से देखा जा रहा था। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। महुआडीह थाना प्रभारी विपिन मलिक ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। हेतिमपुर चौकी इंचार्ज अश्वनी प्रधान ने बताया कि युवक मानसिक दिव्यांग था। उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। शव स्थानीय लोगों को दाह संस्कार के लिए दे दिया गया।
शव की पहचान कराने की है यह प्रक्रिया
अज्ञात शव मिलने पर पुलिस शव को मोर्चरी में रखे और 72 घंटे तक उसकी पहचान का प्रयास करे। थाने से शव के फोटो और हुलिया पर्चों पर ‘गुमशुदा की तलाश’ लिखवाकर सभी थानों में भिजवाए और थाने के सूचना बोर्ड पर चस्पा करे। अब नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के जरिए जिपनेट पर अज्ञात शव की फोटो डाउनलोड कर दूसरे जिलों और प्रदेशों को भी भेजा जाता है। इसके बाद ही अंतिम संस्कार कराया जाता है।
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कोट:
मुझे ऐसी जानकारी किसी ने नहीं दी है। अगर ऐसा है तो मामला गंभीर है। इसकी जानकारी कर संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी
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देसही देवरिया। महुआडीह थाने के हेतिमपुर पुलिस चौकी के सिपाही ने लावारिस शव का बिना पोस्टमार्टम दाह-संस्कार के लिए ग्रामीणों को शव सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि मानसिक दिव्यांग युवक का कोई वारिस नहीं है। जबकि चौकी प्रभारी शव को मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन थाना प्रभारी मामले से अनभिज्ञता जताई।
थाना क्षेत्र के हेतिमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के हाइवे मार्ग के पास मंगलवार सुबह राहगीरों ने युवक का शव देखा। इसी बीच किसी ने हेतिमपुर चौकी को जानकारी दी। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई करने की जगह पुलिस ने पंचनामा कर स्थानीय लोगों को शव को सौंप दिया। आसपास के लोगों के अनुसार, युवक इधर कई दिनों से देखा जा रहा था। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। महुआडीह थाना प्रभारी विपिन मलिक ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। हेतिमपुर चौकी इंचार्ज अश्वनी प्रधान ने बताया कि युवक मानसिक दिव्यांग था। उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। शव स्थानीय लोगों को दाह संस्कार के लिए दे दिया गया।
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शव की पहचान कराने की है यह प्रक्रिया
अज्ञात शव मिलने पर पुलिस शव को मोर्चरी में रखे और 72 घंटे तक उसकी पहचान का प्रयास करे। थाने से शव के फोटो और हुलिया पर्चों पर ‘गुमशुदा की तलाश’ लिखवाकर सभी थानों में भिजवाए और थाने के सूचना बोर्ड पर चस्पा करे। अब नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के जरिए जिपनेट पर अज्ञात शव की फोटो डाउनलोड कर दूसरे जिलों और प्रदेशों को भी भेजा जाता है। इसके बाद ही अंतिम संस्कार कराया जाता है।
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कोट:
मुझे ऐसी जानकारी किसी ने नहीं दी है। अगर ऐसा है तो मामला गंभीर है। इसकी जानकारी कर संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी