{"_id":"64779c040915961f6404adc8","slug":"confirmation-of-breach-in-construction-of-44-crores-drain-assistant-engineer-suspended-deoria-news-c-7-1-188958-2023-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: 44 करोड़ के बड़े नाला निर्माण में गोलमाल की पुष्टि, सहायक अभियंता निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: 44 करोड़ के बड़े नाला निर्माण में गोलमाल की पुष्टि, सहायक अभियंता निलंबित
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट में मानक के विपरीत कार्य पाए जाने पर मुख्य अभियंता जल निगम नगरीय अरुण कुमार ने की कार्रवाई
21 मई 2023 का पीडीएफ लगाएं- शीर्षक ऐसे रेंगता रहा बड़े नाले का निर्माण तो डूबेंगे मोहल्ले
22 सितंबर 2022 का पीडीएफ लगाएं - शीर्षक नाले की जांच रिपोर्ट आई नहीं फिर गिरी दीवार
पुराना फोटो भी लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। 44 करोड़ की लागत से बन रहे बड़े नाला के निर्माण में अनियमितता पाई गई है। सितंबर माह में करीब दो बार नाला बारिश के दौरान गिर गया था। इस मामले की जांच गोरखपुर नगर निगम के मुख्य अभियंता की अगुवाई में की गई थी। जांच रिपोर्ट में मानक के विपरीत कार्य पाए जाने पर मुख्य अभियंता जल निगम नगरीय अरुण कुमार ने सहायक अभियंता अविनाश यादव को निलंबित कर दिया है।
शहर के खोराराम स्थित कुर्ना से करीब 8.8 किलोमीटर बड़े नाला का निर्माण आरसीसी स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत किया जा रहा है। पिछले साल मार्च माह से काम शुरू है। काम की गति भी धीमी है। सांप की तरह टेढ़ा-मेढ़ा डिजाइन और सामग्री ठीक न होने पर यह नाला बारिश में गिर गया था। इसकी शिकायत शासन स्तर पर पहुंची तो एडीएम ने जांच कमेटी गठित की, जिसमें मुख्य अभियंता नगर निगम संजय सिंह चौहान को जांच का निर्देश दिया गया। कमेटी ने जनवरी माह में अपनी रिपोर्ट सौंप दी। अनियमितता की पुष्टि होने पर सहायक अभियंता अविनाश यादव को निलंबित किया गया है। उन पर लगे आरोपों की जांच मुख्य अभियंता जल निगम प्रयागराज करेंगे।
-- -- -- -- -- -- -
नाला निर्माण की अनियमितता की खबरें प्रमुखता से हुईं प्रकाशित तो अफसर हुए गंभीर
नाला निर्माण का शुभारंभ होने के बाद से ही निर्माण सामग्री पर सवाल खड़े होने लगे थे। इसे लेकर अमर उजाला ने विभिन्न तिथियों में खबरें प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए शासन को लिखा था। 22 सितंबर 2022 को खबर प्रकाशित हुई थी कि नाले की जांच रिपोर्ट आई नहीं कि फिर गिरी दीवार, 21 मई 2023 को खबर प्रकाशित हुई थी कि ऐसे ही रेंगता रहेगा कुर्ना नाला तो डूबेगा मोहल्ला, क्योंकि नाला निर्माण की गति धीमी है। इस कारण इसका फायदा इस साल भी शहरवासियों को मिलने वाला नहीं है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
विज्ञापन
21 मई 2023 का पीडीएफ लगाएं- शीर्षक ऐसे रेंगता रहा बड़े नाले का निर्माण तो डूबेंगे मोहल्ले
22 सितंबर 2022 का पीडीएफ लगाएं - शीर्षक नाले की जांच रिपोर्ट आई नहीं फिर गिरी दीवार
पुराना फोटो भी लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। 44 करोड़ की लागत से बन रहे बड़े नाला के निर्माण में अनियमितता पाई गई है। सितंबर माह में करीब दो बार नाला बारिश के दौरान गिर गया था। इस मामले की जांच गोरखपुर नगर निगम के मुख्य अभियंता की अगुवाई में की गई थी। जांच रिपोर्ट में मानक के विपरीत कार्य पाए जाने पर मुख्य अभियंता जल निगम नगरीय अरुण कुमार ने सहायक अभियंता अविनाश यादव को निलंबित कर दिया है।
शहर के खोराराम स्थित कुर्ना से करीब 8.8 किलोमीटर बड़े नाला का निर्माण आरसीसी स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत किया जा रहा है। पिछले साल मार्च माह से काम शुरू है। काम की गति भी धीमी है। सांप की तरह टेढ़ा-मेढ़ा डिजाइन और सामग्री ठीक न होने पर यह नाला बारिश में गिर गया था। इसकी शिकायत शासन स्तर पर पहुंची तो एडीएम ने जांच कमेटी गठित की, जिसमें मुख्य अभियंता नगर निगम संजय सिंह चौहान को जांच का निर्देश दिया गया। कमेटी ने जनवरी माह में अपनी रिपोर्ट सौंप दी। अनियमितता की पुष्टि होने पर सहायक अभियंता अविनाश यादव को निलंबित किया गया है। उन पर लगे आरोपों की जांच मुख्य अभियंता जल निगम प्रयागराज करेंगे।
विज्ञापन
नाला निर्माण की अनियमितता की खबरें प्रमुखता से हुईं प्रकाशित तो अफसर हुए गंभीर
नाला निर्माण का शुभारंभ होने के बाद से ही निर्माण सामग्री पर सवाल खड़े होने लगे थे। इसे लेकर अमर उजाला ने विभिन्न तिथियों में खबरें प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए शासन को लिखा था। 22 सितंबर 2022 को खबर प्रकाशित हुई थी कि नाले की जांच रिपोर्ट आई नहीं कि फिर गिरी दीवार, 21 मई 2023 को खबर प्रकाशित हुई थी कि ऐसे ही रेंगता रहेगा कुर्ना नाला तो डूबेगा मोहल्ला, क्योंकि नाला निर्माण की गति धीमी है। इस कारण इसका फायदा इस साल भी शहरवासियों को मिलने वाला नहीं है।
विज्ञापन