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सीएचसी में नसबंदी नहीं होने पर महिलाओं का हंगामा
देवरिया
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:02 PM IST
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सलेमपुर सीएचसी के कार्यालय में बाबू को घेरकर हंगामा करतीं नसबंदी करवाने आईं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर। नसबंदी नहीं होने से नाराज महिलाओं ने सीएचसी में हंगामा किया। इससे कार्यालय में अफरातफरी मच गई। बाद में लोगों ने समझाकर महिलाओं को शांत कराया। कार्यालय में तैनात एक बाबू पर नसबंदी के लिए रकम मांगने का आरोप महिलाओं ने लगाया। सीएचसी पर सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को नसबंदी कैंप लगता है।
बेड की कमी के कारण सिर्फ 30 महिलाओं का एक कैंप में नसबंदी की जाती है। छुट्टी और पल्स पोलियो की वजह से पिछले दो सप्ताह से नसबंदी का कैंप नहीं लग सका। नसबंदी के लिए मझौलीराज की बिंदा देवी, कोल्हुआ की ध्यांती देवी, शशिकला, बेबी, सुनीता देवी समेत पचास से अधिक महिलाएं नसबंदी के लिए सीएचसी पर सुबह पहुंची। कार्यालय में तैनात बाबू ने नसबंदी के लिए पहले से 30 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन होने की बात कही।
इस पर महिलाएं नाराज हो गई और कार्यालय में हंगामा करने लगीं। महिलाओं का आरोप है कि कार्यालय में तैनात बाबू 100 से 50 रुपये लेकर महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया है। रकम नहीं देने पर हम लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दो सप्ताह से नसबंदी नहीं होने के कारण इस बार भीड़ अधिक हो गई। बेड के हिसाब से मात्र 30 लोगों का ही एक दिन में नसबंदी हो सकता है। इसलिए महिलाएं नाराज हुईं थीं।
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बेड की कमी के कारण सिर्फ 30 महिलाओं का एक कैंप में नसबंदी की जाती है। छुट्टी और पल्स पोलियो की वजह से पिछले दो सप्ताह से नसबंदी का कैंप नहीं लग सका। नसबंदी के लिए मझौलीराज की बिंदा देवी, कोल्हुआ की ध्यांती देवी, शशिकला, बेबी, सुनीता देवी समेत पचास से अधिक महिलाएं नसबंदी के लिए सीएचसी पर सुबह पहुंची। कार्यालय में तैनात बाबू ने नसबंदी के लिए पहले से 30 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन होने की बात कही।
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इस पर महिलाएं नाराज हो गई और कार्यालय में हंगामा करने लगीं। महिलाओं का आरोप है कि कार्यालय में तैनात बाबू 100 से 50 रुपये लेकर महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया है। रकम नहीं देने पर हम लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दो सप्ताह से नसबंदी नहीं होने के कारण इस बार भीड़ अधिक हो गई। बेड के हिसाब से मात्र 30 लोगों का ही एक दिन में नसबंदी हो सकता है। इसलिए महिलाएं नाराज हुईं थीं।
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