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Deoria News: चार महीने बाद शुरू हुआ मोतियाबिंद का ऑपरेशन

Tue, 16 Jul 2024 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 16 Jul 2024 11:53 PM IST
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Cataract operation started after four months
मेडिकल कॉलेज को मिले 400 लेंस, भटक रहे थे मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग को 400 लेंस मिले हैं। इस वजह से करीब चार माह से ऑपरेशन ठप था। सोमवार को आठ मरीजों का ऑपरेशन किया गया। बुधवार को सात लोगों को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
मेडिकल कॉलेज में नेत्र सर्जन मरीजों के आंखों की जांच करते हैं और चिह्नित मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर रोशनी लौटाने का काम करते हैं। रोज औसतन 20 मरीजों का ऑपरेशन होता था। पर लेंस, दवा, चश्मा के अभाव में ऑपरेशन कार्य करीब चार माह से बंद था। उससे पहले मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने आपस में चंदा लगाकर करीब 300 लेंस खरीने थे। इससे कुछ दिनों तक काम चला।
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सीएमओ की ओर से बीच में भी कुछ लेंस उपलब्ध कराए थे, लेकिन वह तीन से चार दिन में ही खत्म हो गए थे। इन दिनों 15 से 20 मोतियाबिंद के मरीज आ रहे थे, लेकिन ऑपरेशन नहीं किया जा रहा था। यह देख सीएमओ डॉ. राजेश कुमार झा ने करीब एक हजार लेंस मंगाए हैं। इसमें 400 लेंस मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराए गए हैं।
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जिले के चार सीएचसी में भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा है। इसमें बरहज, तरकुलवा, गौरीबाजार, सलेमपुर शामिल हैं। इन केंद्रों पर नेत्र सर्जन सहित अन्य स्टाफ तैनात हैं। इन केंद्रों को भी 150-150 लेंस उपलब्ध कराए गए हैं। अब इन केंद्रों पर भी ऑपरेशन शुरू हो जाएगा।
नेत्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. कन्हैया प्रसाद ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 400 लेंस उपलब्ध कराए गए हैं। लेंस के अभाव में मोतियाबिंद ऑपरेशन ठप था। केवल आयुष्मान कार्डधारकों का ही ऑपरेशन किया जा रहा था। अब ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बुधवार को सात लोगों को बुलाया गया है।

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दवा की है कमी
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों को माक्सीडेक्सा, फ्लूवीप्रोफेन, ट्रोपिकामाइड ड्राप की आवश्यकता होती है, जिसे मरीज की आंख में डाला जाता है। ड्राॅप के अलावा काला चश्मा नहीं मुहैया कराया गया है। ऐसे में किसी तरह काम चलाया जा रहा है। डॉक्टर कुछ को अपने पास से दे रहे हैं तो सक्षम लोगों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।

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कोट
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए लेंस मंगाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज को 400 लेंस दिए गए हैं। इसके अलावा जिले के चार सीएचसी में भी ऑपरेशन की सुविधा है, वहां भी 150-150 लेंस उपलब्ध कराए गए हैं। ऑपरेशन शुरू हो गया है। जरूरत के मुताबिक और लेंस उपलब्ध कराए जाएंगे।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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