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Deoria News: कोर्ट के आदेश पर सात पर केस दर्ज करने का आदेश
Wed, 21 Feb 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:40 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 17 की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी मुकदमा दर्ज किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सोंदा निवासी तारकेश्वर तिवारी के तीन छोटे भाई हैं। इन लोगों की मां बादामी देवी का मायका सोंदा था, जिनके कोई भाई नहीं थे। उनकी संपूर्ण संपत्ति माता के नाम हो गई। तीनों भाइयों ने माता को बहला-फुसलाकर अपनी अपनी पत्नियों के नाम करा दिया। ममता तिवारी पत्नी श्याम तिवारी, रीना तिवारी पत्नी सुधीर कुमार तिवारी व सुमन तिवारी पत्नी सुनील कुमार तिवारी के नाम एक कथित वसीयतनामा 12 अप्रैल 2021 को करा लिया, जिसकी मंसूखी व ईम्तनाई का वाद दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में तीनों भाइयों ने अपनी-अपनी पत्नियों की तरफ से एक दूसरा नामांतरण वाद 10 अगस्त 2022 को फर्जी रूप से दाखिल कर दिया। तहसीलदार देवरिया को धोखे में रखकर 4 फरवरी 2023 को एक पक्षीय तौर पर नामांतरण आदेश पारित करा लिया।
जानकारी होने पर चार फरवरी 2023 को वादी कायमी प्रार्थना पत्र दिया। जिसे तहसीलदार न्यायालय 11 अप्रैल 2023 को फर्जी रूप से पारित आदेश 4 फरवरी 2023 को निरस्त कर दिया। अदालत ने तथ्यों का अवलोकन करने के बाद स्थानीय थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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देवरिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 17 की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी मुकदमा दर्ज किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सोंदा निवासी तारकेश्वर तिवारी के तीन छोटे भाई हैं। इन लोगों की मां बादामी देवी का मायका सोंदा था, जिनके कोई भाई नहीं थे। उनकी संपूर्ण संपत्ति माता के नाम हो गई। तीनों भाइयों ने माता को बहला-फुसलाकर अपनी अपनी पत्नियों के नाम करा दिया। ममता तिवारी पत्नी श्याम तिवारी, रीना तिवारी पत्नी सुधीर कुमार तिवारी व सुमन तिवारी पत्नी सुनील कुमार तिवारी के नाम एक कथित वसीयतनामा 12 अप्रैल 2021 को करा लिया, जिसकी मंसूखी व ईम्तनाई का वाद दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में तीनों भाइयों ने अपनी-अपनी पत्नियों की तरफ से एक दूसरा नामांतरण वाद 10 अगस्त 2022 को फर्जी रूप से दाखिल कर दिया। तहसीलदार देवरिया को धोखे में रखकर 4 फरवरी 2023 को एक पक्षीय तौर पर नामांतरण आदेश पारित करा लिया।
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जानकारी होने पर चार फरवरी 2023 को वादी कायमी प्रार्थना पत्र दिया। जिसे तहसीलदार न्यायालय 11 अप्रैल 2023 को फर्जी रूप से पारित आदेश 4 फरवरी 2023 को निरस्त कर दिया। अदालत ने तथ्यों का अवलोकन करने के बाद स्थानीय थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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