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कप्तान साहब: इन्हें भी लगती है ठंड !
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कप्तान साहब! इन्हें भी लगती है ठंड
देवरिया। जिले के 302 सिपाहियों को आननफानन में थानों पर तैनात तो कर दिया गया, लेकिन हाड़ कंपा देने वाली ठंड में उनके रहने के इंतजाम नहीं हो सके हैं। थानों के बरामदे और गैरेज में पॉलिथीन से ढक कर उनके रहने का इंतजाम किया गया है। फिलहाल उन्हें अपनी व्यवस्था करने तक इसी तरह रहने का फरमान सुना दिया गया हैं। ऐसे में ठंड से वे कांप रहे हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कप्तान साहब ! ठंड इन्हें भी लगती हैं।
अमेठी जिले के सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग पूरी कर 302 सिपाही शनिवार को जिले में लौटे। हाड़ कंपा देने वाले सर्द मौसम में एक साथ इतने सिपाहियों के आने से रखने की व्यवस्था नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में पुलिस के जिम्मेदारों ने आननफानन में उनकी तैनाती जिले के सभी थानों पर कर दिया। शनिवार की शाम तक उन्हें थानों पर भेज भी दिया गया, लेकिन थानों में इनके रहने के इंतजाम नहीं हो सके। क्योंकि पहले से ही रह रहे सिपाही और दरोगा के लिए आवास पर्याप्त नहीं हैं। सदर कोतवाली में दरोगाओं के रहने वाले बैरक के बरामदे और गैरेज में उनके रहने के लिए इंतजाम किया गया। कुछ इसी तरह अन्य थानों के गैराज में जहां मच्छरों एवं गदंगी का डेरा है ठंड के मौसम में पॉलिथीन से घेरकर उनका बैरक बना दिया गया है। इससे नए सिपाही ठंड से न केवल काप रहे है बल्कि पुलिस अफसरों को कोस रहे हैं। वैसे आवास नहीं होने की वजह से उनकी यह दिक्कत जल्द दूर होने वाली भी नहीं है। ऐसे में व्यवस्थित तरीके से रहने के लिए उन्हें किराये पर मकान लेना मजबूरी होगी। कुछ सिपाही तो रविवार को निजी क्वार्टर भी खेजने लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिये। पुलिस अफसर भी यहीं चाहते है कि वह अपनी निजी इंतजाम ही कर लें। इस बाबत एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने बताया कि जल्द ही इनके लिए बैरक का इंतजाम किया जाएगा। अगर प्राइवेट क्वार्टर लेते है तो उन्हें हाउस रेंट भी दिया जाएगा।
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देवरिया। जिले के 302 सिपाहियों को आननफानन में थानों पर तैनात तो कर दिया गया, लेकिन हाड़ कंपा देने वाली ठंड में उनके रहने के इंतजाम नहीं हो सके हैं। थानों के बरामदे और गैरेज में पॉलिथीन से ढक कर उनके रहने का इंतजाम किया गया है। फिलहाल उन्हें अपनी व्यवस्था करने तक इसी तरह रहने का फरमान सुना दिया गया हैं। ऐसे में ठंड से वे कांप रहे हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कप्तान साहब ! ठंड इन्हें भी लगती हैं।
अमेठी जिले के सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग पूरी कर 302 सिपाही शनिवार को जिले में लौटे। हाड़ कंपा देने वाले सर्द मौसम में एक साथ इतने सिपाहियों के आने से रखने की व्यवस्था नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में पुलिस के जिम्मेदारों ने आननफानन में उनकी तैनाती जिले के सभी थानों पर कर दिया। शनिवार की शाम तक उन्हें थानों पर भेज भी दिया गया, लेकिन थानों में इनके रहने के इंतजाम नहीं हो सके। क्योंकि पहले से ही रह रहे सिपाही और दरोगा के लिए आवास पर्याप्त नहीं हैं। सदर कोतवाली में दरोगाओं के रहने वाले बैरक के बरामदे और गैरेज में उनके रहने के लिए इंतजाम किया गया। कुछ इसी तरह अन्य थानों के गैराज में जहां मच्छरों एवं गदंगी का डेरा है ठंड के मौसम में पॉलिथीन से घेरकर उनका बैरक बना दिया गया है। इससे नए सिपाही ठंड से न केवल काप रहे है बल्कि पुलिस अफसरों को कोस रहे हैं। वैसे आवास नहीं होने की वजह से उनकी यह दिक्कत जल्द दूर होने वाली भी नहीं है। ऐसे में व्यवस्थित तरीके से रहने के लिए उन्हें किराये पर मकान लेना मजबूरी होगी। कुछ सिपाही तो रविवार को निजी क्वार्टर भी खेजने लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिये। पुलिस अफसर भी यहीं चाहते है कि वह अपनी निजी इंतजाम ही कर लें। इस बाबत एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने बताया कि जल्द ही इनके लिए बैरक का इंतजाम किया जाएगा। अगर प्राइवेट क्वार्टर लेते है तो उन्हें हाउस रेंट भी दिया जाएगा।
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