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Deoria News: अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य देकर मांगीं कुशलता
Tue, 28 Oct 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:25 AM IST
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हनुमान मंदिर पोखरे पर बनी छठ वेदी पर पूजा करतीं व्रती महिलाएं,
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। छठ महापर्व सोमवार को श्रद्धा व विश्वासपूर्वक मनाया गया। शहर, कस्बों से लेकर गांव तक लोग त्यौहार के उल्लास में डूबे रहे। ताल, पोखरों व नदी तट के घाटों पर भारी भीड़ रही। जिले भर के इन घाटों पर लाखों व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया और पुत्र की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना किया।
छठ व्रती महिलाओंं ने भोर में ही उठकर स्नान ध्यान किया। पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर छठ मईया को मन में स्मरण करते हुए पूजा का सामान दउरी में सहेजती रहीं। दिन में दो बजे से श्रद्धालु महिलाएं छठ घाट के लिए चल पड़ीं। घर के पुरुष व बच्चे व्रतियों के पीछे पूजन सामग्री से भरी दउरी सिर पर रखकर चल दिए।
व्रती महिलाएं और युवतियां छठ मइया के गीत गाते चलती रहीं। कुछ ही देर में शहर की सड़कें छठ मईया का आशीष पाने छठ घाट जा रहे श्रद्धालुओं से पट गईं। गली मोहल्लों से लेकर छठ घाट तक चारो ओर छठ पूजा का वैभव दिखाई देता रहा।
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व्रती महिलाएं छठ घाट पहुंचकर वेदी पर पूजन सामग्री सजाकर दीपक जलाया। अन्य दीप वेदी के चारों ओर सजाए। सुपेली में पूजन सामग्री रखकर छठ मईया की पूजा किया।
सूर्यास्त से ठीक पहले व्रती महिलाओं ने सुपेली में दीप जलाया और पोखरे के जल में घुटने तक खड़े होकर सूर्य देवता के अस्त होने का इंतजार करने लगीं। सूर्यदेव के अस्त होते समय दीये को घाट के किनारे पर रखकर अर्घ्य दिया और प्रणाम किया।
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देवरिया। छठ महापर्व सोमवार को श्रद्धा व विश्वासपूर्वक मनाया गया। शहर, कस्बों से लेकर गांव तक लोग त्यौहार के उल्लास में डूबे रहे। ताल, पोखरों व नदी तट के घाटों पर भारी भीड़ रही। जिले भर के इन घाटों पर लाखों व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया और पुत्र की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना किया।
छठ व्रती महिलाओंं ने भोर में ही उठकर स्नान ध्यान किया। पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर छठ मईया को मन में स्मरण करते हुए पूजा का सामान दउरी में सहेजती रहीं। दिन में दो बजे से श्रद्धालु महिलाएं छठ घाट के लिए चल पड़ीं। घर के पुरुष व बच्चे व्रतियों के पीछे पूजन सामग्री से भरी दउरी सिर पर रखकर चल दिए।
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व्रती महिलाएं और युवतियां छठ मइया के गीत गाते चलती रहीं। कुछ ही देर में शहर की सड़कें छठ मईया का आशीष पाने छठ घाट जा रहे श्रद्धालुओं से पट गईं। गली मोहल्लों से लेकर छठ घाट तक चारो ओर छठ पूजा का वैभव दिखाई देता रहा।
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व्रती महिलाएं छठ घाट पहुंचकर वेदी पर पूजन सामग्री सजाकर दीपक जलाया। अन्य दीप वेदी के चारों ओर सजाए। सुपेली में पूजन सामग्री रखकर छठ मईया की पूजा किया।
सूर्यास्त से ठीक पहले व्रती महिलाओं ने सुपेली में दीप जलाया और पोखरे के जल में घुटने तक खड़े होकर सूर्य देवता के अस्त होने का इंतजार करने लगीं। सूर्यदेव के अस्त होते समय दीये को घाट के किनारे पर रखकर अर्घ्य दिया और प्रणाम किया।
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