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Deoria News: धंधेबाजों ने छीनी ताकत...दही भी अब फायदेमंद नहीं
Wed, 11 Jun 2025 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 11 Jun 2025 11:44 PM IST
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देवरिया। जिले में दही में भी धंधेबाजों ने मिलावट का खेल शुरू कर दिया। पनीर, दूध, खोआ, दाल में तो मिलावट को लेकर कार्रवाई चल रही है, वहीं अब अब सेहत के लिए फायदेमंद माना जाने वाला दही भी इससे अछूता नहीं रह गया है।
ऐसे में लोगों को खुद सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी अनदेखी की सेहत पर भारी पड़ सकती है। खाद्य टीम ने पिछले दिनों दही का एक नमूना लिया था जो सब स्टैंडर्ड पाया गया था। इसमें फैट नहीं मिला, जबकि इसे पाउडर से बनाया गया था। जिले में गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर सहित अन्य जगहों से दही मंगाया जा रहा है।
मिलावट के धंधेबाज ने मुनाफे के लिए खाने-पीने की हर चीज को जहरीला बना दिया है। पनीर-खोआ के साथ ही दही भी पाउडर से ही बनाकर बेचा जा रहा है।
गर्मी के इस मौसम में बाजार में लस्सी, छाछ आदि की बिक्री खूब हो रही है। स्वाद के शौकीन भोजन के साथ भी राेजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। लोगों का मानना है कि गर्मी के दिनों में दही खाने से सेहत ठीक रहती है। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में दही की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
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कृषि के जानकार डॉ. मानधाता सिंह बताते हैं कि इन दिनों हरे चारे की दिक्कत हो जाती है, इसलिए पशु का दूध गर्मी में 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
यही वजह है कि गर्मी में डेयरी और हलवाई की दुकानों पर दही हाथो-हाथ बिक रही है। इधर, बाजार में पैकेट बंद, डिब्बाबंद दही की भी बाजार में खूब मांग है, लेकिन दही खाने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि वह खाने लायक है भी या नहीं।
पिछले साल खाद्य विभाग की टीम ने दही के कई नमूने लिए थे, इसमें दो का सैंपल फेल आया हैं। प्रयोगशाला की जांच में वह अधोमानक पाया गया है।
मसाला, नमकीन, पनीर, दूध और इससे बनी मिठाई के अलावा 25 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट में अधोमानक होने की पुष्टि हुई है।
जिले के डेयरी संचालक भी लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दूध की कमी को पूरा करने के लिए मिलावट की जाने लगी है। मिलावटी दूध से दही तैयार किया जा रहा है। मिलावटखोर दही में हाइड्रोजेनेटेड ऑयल मिला रहे हैं, जिसमें ट्रांस फैटी एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा है।
इससे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बनता है। सूत्रों ने बताया कि दही को मीठा-गाढ़ा बनाने के लिए हानिकारक तत्वों की मिलावट की जाती है। इसमें धंधेबाज वनस्पति तेल की मिलावट भी करते हैं। शहर के हनुमान मंदिर रोड पर दूध, दही और पनीर के व्यापारी पवन मद्धेशिया ने बताया कि पैकेट बंद दूध और दही गोरखपुर, कानपुर से मंगाया जाता है। सामान्य दिनों में शहर में करीब 200 क्विंटल दही की बिक्री होती है जबकि सहालग में इसकी बिक्री और अधिक हो जाती है।
शुद्ध दही से बढ़ती है इम्युनिटी : आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने बताया कि दही में प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम व कई सारे विटामिन होते हैं।
इससे हड्डियों को मजबूती मिलने के साथ इम्युनिटी बढ़ती है। साथ ही यह पाचन बढ़ाने, भोजन को पचाने और दिल को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।
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ऐसे में लोगों को खुद सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी अनदेखी की सेहत पर भारी पड़ सकती है। खाद्य टीम ने पिछले दिनों दही का एक नमूना लिया था जो सब स्टैंडर्ड पाया गया था। इसमें फैट नहीं मिला, जबकि इसे पाउडर से बनाया गया था। जिले में गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर सहित अन्य जगहों से दही मंगाया जा रहा है।
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मिलावट के धंधेबाज ने मुनाफे के लिए खाने-पीने की हर चीज को जहरीला बना दिया है। पनीर-खोआ के साथ ही दही भी पाउडर से ही बनाकर बेचा जा रहा है।
गर्मी के इस मौसम में बाजार में लस्सी, छाछ आदि की बिक्री खूब हो रही है। स्वाद के शौकीन भोजन के साथ भी राेजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। लोगों का मानना है कि गर्मी के दिनों में दही खाने से सेहत ठीक रहती है। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में दही की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
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कृषि के जानकार डॉ. मानधाता सिंह बताते हैं कि इन दिनों हरे चारे की दिक्कत हो जाती है, इसलिए पशु का दूध गर्मी में 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
यही वजह है कि गर्मी में डेयरी और हलवाई की दुकानों पर दही हाथो-हाथ बिक रही है। इधर, बाजार में पैकेट बंद, डिब्बाबंद दही की भी बाजार में खूब मांग है, लेकिन दही खाने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि वह खाने लायक है भी या नहीं।
पिछले साल खाद्य विभाग की टीम ने दही के कई नमूने लिए थे, इसमें दो का सैंपल फेल आया हैं। प्रयोगशाला की जांच में वह अधोमानक पाया गया है।
मसाला, नमकीन, पनीर, दूध और इससे बनी मिठाई के अलावा 25 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट में अधोमानक होने की पुष्टि हुई है।
जिले के डेयरी संचालक भी लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दूध की कमी को पूरा करने के लिए मिलावट की जाने लगी है। मिलावटी दूध से दही तैयार किया जा रहा है। मिलावटखोर दही में हाइड्रोजेनेटेड ऑयल मिला रहे हैं, जिसमें ट्रांस फैटी एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा है।
इससे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बनता है। सूत्रों ने बताया कि दही को मीठा-गाढ़ा बनाने के लिए हानिकारक तत्वों की मिलावट की जाती है। इसमें धंधेबाज वनस्पति तेल की मिलावट भी करते हैं। शहर के हनुमान मंदिर रोड पर दूध, दही और पनीर के व्यापारी पवन मद्धेशिया ने बताया कि पैकेट बंद दूध और दही गोरखपुर, कानपुर से मंगाया जाता है। सामान्य दिनों में शहर में करीब 200 क्विंटल दही की बिक्री होती है जबकि सहालग में इसकी बिक्री और अधिक हो जाती है।
शुद्ध दही से बढ़ती है इम्युनिटी : आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने बताया कि दही में प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम व कई सारे विटामिन होते हैं।
इससे हड्डियों को मजबूती मिलने के साथ इम्युनिटी बढ़ती है। साथ ही यह पाचन बढ़ाने, भोजन को पचाने और दिल को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।