फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   boy burnt in hut

Deoria News: शाॅर्ट सर्किट से लगी आग, एक मासूम जिंदा जला, बड़े भाई ने भाग कर बचाई जान

Mon, 08 Apr 2024 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 08 Apr 2024 12:03 AM IST
विज्ञापन
boy burnt in hut
झोपडी में आग लगने से हुई बच्चे की मौत रोशन कुमार की फाइल फोटो
फोटो समाचार......
विज्ञापन

झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख, सिलिंडर का वाॅल जल जाने से गैस का हुआ रिसाव
रिसाव के बाद गैस समाप्त होने के चलते नहीं फट सका सिलिंडर, खाली छोटा सिलिंडर भी रखा था झोपड़ी में
सिलिंडर की सूचना पर भलुअनी के डुमरी कस्बे की घटना की याद हुई ताजा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बनकटा थाना क्षेत्र के पकड़ी नरहियां में शॉट सर्किट से एक झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में ननिहाल में रह रहा एक मासूम जिंदा जल गया। उसके बड़े भाई ने झोपड़ी से निकलकर अपनी जान बचाई।
बनकटा थाना क्षेत्र के पकड़ी नरहिया दलित बस्ती में दूधनाथ झोपड़ी में रहते हैं। रविवार की सुबह उठकर घर के सभी लोग गेहूं काटने चले गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि घर में दूधनाथ की बेटी भोजन बनाने की तैयारी में थी। उसी समय झोपड़ी में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। अभी ग्रामीण कुछ समझ पाते कि आग ने झोपड़ी को अपनी आगोश में ले लिया था। देखते ही देखते आग बेकाबू हो गई और तेज लपटें उठनी शुरू हो गईं।
विज्ञापन

बताया जाता है कि झोपड़ी में बिहार प्रांत के सिवान जिले के तरवारा मोड़ के रहने वाले दूधनाथ के दामाद राजेश प्रसाद के पुत्र रौशन (3) और उसका बड़ा भाई सो रहे थे। आग लगने के बाद रौशन के भाई की नींद खुल गई और वह भाग कर झोपड़ी से बाहर चला गया। रौशन की नींद खुली तो वह डर के मारे तख्त के नीचे छिप गया। आग की चपेट में आने से रौशन की जलकर मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, रौशन के अंदर होने की सूचना के बाद उसकी मां व भाई चिल्लाने लगे, लेकिन आग का विकराल रूप देखकर कोई बचा न सका। घटना की सूचना पर पहुंची दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद चारों तरफ सिर्फ राख ही राख दिखाई दे रही थी।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम हरिशंकर लाल, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, सीओ शिव प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की।

आंखों के सामने जल गया मासूम, मां को नहीं लगी भनक
पकड़ी नरहिया गांव निवासी दूधनाथ गांव के बाहर झोपड़ी डालकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। विगत छह माह से उनकी बेटी सरिता देवी अपने दो मासूम बेटे के साथ उनके साथ ही रह रही थी। रविवार की सुबह दूधनाथ के परिजन गेहूं की फसल काटने चले गए। झोपड़ी में दूधनाथ की बेटी के दो पुत्र सो रहे थे। दूधनाथ की बेटी खाना बनाने की तैयारी में जुटी हुई थी। वह झोपड़ी के बाहर कुछ आवश्यक कार्य निपटा रही थी। इसी बीच शाॅर्ट सर्किट की वजह से झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें देखकर दूधनाथ की बेटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। खेतों की तरफ गए ग्रामीण दौड़ कर मौके पर पहुंचे। इसी बीच वह अपने बेटों का नाम पुकारने लगी।

मलबे में देखा बेटे का शव तो अचेत हो गई सरिता
पकड़ी नरहिया गांव में दूधनाथ की झोपड़ी में जिस समय आग लगी उस समय उनकी बेटी सरिता के दोनों बेटे सोए हुए थे। आग की लपटें तेज हुईं तो दोनों जग गए। सरिता का बड़ा बेटा जो एक पैर से दिव्यांग है। वह भाई रौशन से भागने की बात कहकर दरवाजे से बाहर निकल गया और भागते हुए गांव की तरफ चला गया। उसने सोचा भाई भी निकल गया होगा। इसलिए पीछे नहीं देखा। इधर, बड़े बेटे को भीड़ के बीच देख सरिता भी आश्वस्त हो गई कि उसका छोटा बेटा भी निकल गया होगा। लेकिन आग की लपट देखकर रौशन तख्त के नीचे ही छिप गया। इससे आग की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। मलबे के बीच अपने छोटे बेटे का शव देखकर सरिता अचेत हो गई। वह बार-बार गश खाकर गिर जा रही थी। उपस्थित महिलाएं उसे संभालने में जुटी हुई थीं।

गेहूं की फसल बचाने के चक्कर में झोपड़ी में लगी आग
दूधनाथ की झोपड़ी गांव से बाहर है। वहां से खेत शुरू हो जा रहे हैं। इस समय गेहूं की फसल तैयार है। दूधनाथ की झोपड़ी में जिस समय आग लगी, उस समय ग्रामीण भागते हुए पहुंचे और बुझाने का प्रयास करने लगे। ग्रामीण झोपड़ी में किसी के नहीं होने की सूचना के बाद आश्वस्त हो गए। इसके बाद ग्रामीण सबसे पहले पूरब दिशा से आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे कि आग गेहूं की फसल को अपने आगोश में न लें। इसके बाद झोपड़ी की आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने जब मलबे में सरिता के मासूम बेटे का शव देखा तो उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। उनका कहना था कि झोपड़ी में मासूम के रहने का पता होता तो पहले झोपड़ी की आग को बुझाकर मासूम को बचा लिए होते।
झोपड़ी के अंदर सिलिंडर होने की सूचना पर हुए खौफजदा
किसी ने झोपड़ी में गैस सिलिंडर होने की बात कही तो ग्रामीण ब्लास्ट के डर से पीछे हट गए। उनके जेहन में हाल ही में हुई भलुअनी के डुमरी कस्बे की याद ताजा हो गई। ग्रामीणों को डर था कि गैस सिलिंडर ब्लास्ट हो जाएगा, लेकिन सिलिंडर ब्लास्ट नहीं हुआ। गैस नहीं होने की वजह से एक बड़ी घटना होने से बच गई। बड़े सिलिंडर के साथ एक छोटा सिलिंडर भी मलबे से बरामद किया गया। झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया था। कुछ भी नहीं बचा था। दूधनाथ के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पकड़ी नरहियां गांव के दूधनाथ को कोई बेटा नहीं है। उनकी विवाहित पुत्री अपने दोनों बेटों के साथ उनकी देखरेख के लिए आई थी। दूधनाथ प्लंबर और बोरिंग का काम करते हैं। गांव के बाहर घोठे पर झोपड़ी डालकर रहते हैं। वहीं पानी का पंप भी लगाए हैं। शाॅर्ट सर्किट से पंप के तार से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इसमें ननिहाल आए सरिता के छोटे बेटे रौशन की मौत हो गई। गांव वालों ने फोनकर बिजली कटवाई और आग बुझाई। इसके बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष बनकटा अमित राय ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

आग की सूचना पर पहुंची दो प्रदेश की दमकल की गाड़ियां
पकड़ी नरहियां गांव में आग की सूचना मिलने के बाद भाटपार रानी के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के मैरवा थाने की पुलिस दमकल की गाड़ियां लेकर पहुंच गई। हालांकि, आग कुछ ही क्षण में बिहार की सीमा में प्रवेश कर जाती, तब तक ग्रामीणों द्वारा भटवलिया के रहने वाले बंटी पांडेय के खेत में लगे गेहूं को जोतकर आग को आगे बढ़ाने से रोक दिया गया। ग्रामीणों द्वारा समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो पकड़ी नरहिया के बाद मैरवा के करजनिया, बड़गांव कविता सहित अन्य गांव की फसल जल जाती।
पूर्व सांसद ने लिया जायजा, दी सांत्वना
पकड़ी नरहियां में आगलगी की घटना में भी मासूम की मौत की सूचना के बाद सपा नेता व पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद मासूम के परिजनों से मिलकर आर्थिक सहायता देते हुए सांत्वना दी। इस दौरान गुड्डू जायसवाल, आकाश वर्मा, शैलेश त्रिपाठी, बब्बन यादव, रामचंद्र आदि मौजूद रहे।


बेघर हुआ दूधनाथ का परिवार
आग लगने के बाद दूधनाथ का परिवार बेघर हो गया। परिवार के सदस्य खुले में जीवन यापन करने को मजबूर हो गए। मौके की जांच करने पहुंचे उप जिलाधिकारी भाटपार रानी हरिशंकर लाल ने अपने पास से टीन शेड और पाइप मंगवाकर परिवार को रहने के लिए उपलब्ध करा दिया। कोटेदार से बोलकर दो बोरी राशन दिलवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed