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पूर्वांचल के विकास की विरोधी हैं सरकारें : रालोद
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:48 PM IST
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पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने भूख हड़ताल की। उनका कहना था कि केंद्र और प्रदेश सरकार पूर्वांचल की विरोधी हैं। पूंजीपतियों के हितों का ख्याल रखा जा रहा है। शुगर मिल बंद होने से बेरोजगारी बढ़ रही है। सरकार और फैक्टरी मालिकों की सांठगांठ से कम तनख्वाह पर मजदूर मिल रहे हैं।
राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर मेें 11 बजे से भूख हड़ताल शुरू की। प्रदेश महासचिव वासुदेव यादव ने कहा कि शुगर मिल बंद होने से गन्ना की खेती लगभग बंद हो चुकी है। इसके चलते किसानों की स्थिति खराब होती जा रही है। किसानों की भलाई के लिए सरकार काम नहीं कर रही है।
इलाके में युवाओं को रोजगार के संसाधन खत्म हो गए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार पूर्वांचल के खिलाफ एक साजिश के तहत काम कर रही है। किसान नेता शिवाजी राय ने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाए। इसके साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश एक साजिश के तहत चीनी मिलों को बंद कराया गया है।
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उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के हितों का ख्याल रख कर सरकार नियम बना रही है। शुगर मिल बंद होने से किसान और युवा बेकार हो गए हैं। इसके चलते फैक्टरी मालिकों को आसानी से मजदूर मिल जा रहे हैं और यहां के बेरोजगार युवा बड़े शहरों में कम तनख्वाह पर मजदूरी कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष (किसान) चंद्रिका मिश्र ने कहा कि फसल नुकसान का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। कार्यक्रम को कृष्णा यादव, रामप्रकाश यादव, जंगबहादुर, सुनील यादव, रमाशंकर प्रसाद, श्याम बदन यादव, उमेश राय, कौशल किशोर पांडेय, रामनगीना प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
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राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर मेें 11 बजे से भूख हड़ताल शुरू की। प्रदेश महासचिव वासुदेव यादव ने कहा कि शुगर मिल बंद होने से गन्ना की खेती लगभग बंद हो चुकी है। इसके चलते किसानों की स्थिति खराब होती जा रही है। किसानों की भलाई के लिए सरकार काम नहीं कर रही है।
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इलाके में युवाओं को रोजगार के संसाधन खत्म हो गए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार पूर्वांचल के खिलाफ एक साजिश के तहत काम कर रही है। किसान नेता शिवाजी राय ने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाए। इसके साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश एक साजिश के तहत चीनी मिलों को बंद कराया गया है।
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उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के हितों का ख्याल रख कर सरकार नियम बना रही है। शुगर मिल बंद होने से किसान और युवा बेकार हो गए हैं। इसके चलते फैक्टरी मालिकों को आसानी से मजदूर मिल जा रहे हैं और यहां के बेरोजगार युवा बड़े शहरों में कम तनख्वाह पर मजदूरी कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष (किसान) चंद्रिका मिश्र ने कहा कि फसल नुकसान का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। कार्यक्रम को कृष्णा यादव, रामप्रकाश यादव, जंगबहादुर, सुनील यादव, रमाशंकर प्रसाद, श्याम बदन यादव, उमेश राय, कौशल किशोर पांडेय, रामनगीना प्रसाद आदि ने संबोधित किया।