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Deoria News: बड़े नाले पर नहीं हो सका बड़ा काम, डूबेंगे मोहल्ले और सरकारी दफ्तर
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देवरिया से खोराराम कुर्ना तक बन रहा बडा नाला अधूरा।संवाद
चौदह माह में केवल ढाई किलोमीटर भी पूरा निर्माण नहीं हो सका है, निर्माण की रफ्तार सुस्त होने से लोगों में फिर से जलभराव की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में बड़े नाले का निर्माण हो रहा है। चौदह माह में करीब 8.8 किलोमीटर में महज ढाई किलोमीटर आधा-अधूरा कार्य हो पाया है। सुस्त रफ्तार के कारण इस साल भी इसका फायदा मिलने वाला नहीं है। हर बरसात की तरह इस बार भी डीएम, एसपी के के दफ्तर और काॅलोनियों में भर जाएगा। इतना ही नहीं लोगों को चिंता भी सताने लगी है कि खोराराम- देवरिया मार्ग पर बरसात में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि नाला निर्माण से सड़क खराब हो चुकी है।
शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए 44 करोड़ की लागत से करीबन 8.8 किलोमीटर का बड़े नाले का निर्माण किया जा रहा है। नाला निर्माण से शहरवासियों को काफी उम्मीद थी कि इस साल कई मोहल्लों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन इसकी सुस्त रफ्तार से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, पंद्रह जून का समय नजदीक है। चौदह माह का समय गुजर गया, लेकिन महज ढाई किलोमीटर तक ही नाले का आधा-अधूरा निर्माण हो पाया है। जबकि बाकी बचे छह किलोमीटर नाला का निर्माण होना है। इसे पूरा तो 2024 तक होना है, लेकिन इस साल करीब पांच किलोमीटर पूरा हो जाना चाहिए था। पर नाला निर्माण की गति धीमी है। इतना ही नहीं गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो चुका है, पिछले साल हल्की बारिश में तीन बार नाला गिर गया था। जिसकी जांच हुई तो नाला निर्माण में अनियमितता की पुष्टि हुई थी। इसके दो जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित सात के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में बड़ी अनियमितता बरती गई है, हल्की बरसात में ही दीवार गिर गई तो इससे सवाल खड़ा हो रहा है। शहर से हर रोज निकलने वाला हजारों लीटर गंदा पानी यह नाला कैसे सह पाएगा। फिलहाल नाला निर्माण अभी तक कुरना से कतरारी मोड़ तक और पुलिस लाइंस से रामनाथ देवरिया मोड़ तक आधा-अधूरा किया गया। इसमें अधिकांश जगहों पर स्लैब तक नही पड़ा है।
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समय से काम होता तो इस बरसात में इन जगहों पर जलभराव नहीं होता
शहर में बरसात के दिनों में करीब दस ऐसे मोहल्ले हैं, जहां पानी भर जाता है। अगर नाला का निर्माण करीब पांच किलोमीटर हो गया होता तो इस साल बरसात में रामनाथ देवरिया, उमानगर, शिवपुरम, सीसी, वन विभाग काॅलोनी, पुलिस लाइंस, कलेक्ट्रेट परिसर, एसपी ऑफिस सहित कई सरकारी विभागों जलभराव नहीं होता। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस साल बारिश में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा।
कोट
इस साल जलभराव से निजात नहीं मिलने वाला है। काॅलोनी में उल्टा पानी नाला से जाएगा और फिर से बरसात में जलभराव होगा। बारिश के दिन में तो सड़क भी धंस जाएगी। मिट्टी जैसे तैसे भर दिया गया है। निर्माण की गति धीमी है। जिम्मेदार अफसरों को ध्यान देना चाहिए।
शेष नाथ तिवारी, व्यापारी, अमेठी चौराहा
कुरना नाला निर्माण का काम केवल कतरारी चौराहे तक बन पाया है। टेड़ा मेड़ा बनाया गया है, वह भी पूरा नही है। अमेठी नगरवासियों को लिए आफत बन गया है। इससे जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिलने वाली है। इस बार भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा। निर्माण में घटिया सामग्री भी लगाई गई है। जब नाला बारिश में गिर जा रहा है तो शहर का पानी कैसे झेल पाएगा।
रमाशंकर राजभर, पूर्व सांसद निवासी अमेठी नगर
वर्जन
बहुत जल्द नाला निर्माण का निरीक्षण करुंगा। काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। कतरारी मोड़ तक बन जाने की जानकारी है। खराब निर्माण पर कार्रवाई हो चुकी है।
रवींद्र कुमार, सीडीओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में बड़े नाले का निर्माण हो रहा है। चौदह माह में करीब 8.8 किलोमीटर में महज ढाई किलोमीटर आधा-अधूरा कार्य हो पाया है। सुस्त रफ्तार के कारण इस साल भी इसका फायदा मिलने वाला नहीं है। हर बरसात की तरह इस बार भी डीएम, एसपी के के दफ्तर और काॅलोनियों में भर जाएगा। इतना ही नहीं लोगों को चिंता भी सताने लगी है कि खोराराम- देवरिया मार्ग पर बरसात में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि नाला निर्माण से सड़क खराब हो चुकी है।
शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए 44 करोड़ की लागत से करीबन 8.8 किलोमीटर का बड़े नाले का निर्माण किया जा रहा है। नाला निर्माण से शहरवासियों को काफी उम्मीद थी कि इस साल कई मोहल्लों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन इसकी सुस्त रफ्तार से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, पंद्रह जून का समय नजदीक है। चौदह माह का समय गुजर गया, लेकिन महज ढाई किलोमीटर तक ही नाले का आधा-अधूरा निर्माण हो पाया है। जबकि बाकी बचे छह किलोमीटर नाला का निर्माण होना है। इसे पूरा तो 2024 तक होना है, लेकिन इस साल करीब पांच किलोमीटर पूरा हो जाना चाहिए था। पर नाला निर्माण की गति धीमी है। इतना ही नहीं गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो चुका है, पिछले साल हल्की बारिश में तीन बार नाला गिर गया था। जिसकी जांच हुई तो नाला निर्माण में अनियमितता की पुष्टि हुई थी। इसके दो जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित सात के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में बड़ी अनियमितता बरती गई है, हल्की बरसात में ही दीवार गिर गई तो इससे सवाल खड़ा हो रहा है। शहर से हर रोज निकलने वाला हजारों लीटर गंदा पानी यह नाला कैसे सह पाएगा। फिलहाल नाला निर्माण अभी तक कुरना से कतरारी मोड़ तक और पुलिस लाइंस से रामनाथ देवरिया मोड़ तक आधा-अधूरा किया गया। इसमें अधिकांश जगहों पर स्लैब तक नही पड़ा है।
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समय से काम होता तो इस बरसात में इन जगहों पर जलभराव नहीं होता
शहर में बरसात के दिनों में करीब दस ऐसे मोहल्ले हैं, जहां पानी भर जाता है। अगर नाला का निर्माण करीब पांच किलोमीटर हो गया होता तो इस साल बरसात में रामनाथ देवरिया, उमानगर, शिवपुरम, सीसी, वन विभाग काॅलोनी, पुलिस लाइंस, कलेक्ट्रेट परिसर, एसपी ऑफिस सहित कई सरकारी विभागों जलभराव नहीं होता। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस साल बारिश में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा।
कोट
इस साल जलभराव से निजात नहीं मिलने वाला है। काॅलोनी में उल्टा पानी नाला से जाएगा और फिर से बरसात में जलभराव होगा। बारिश के दिन में तो सड़क भी धंस जाएगी। मिट्टी जैसे तैसे भर दिया गया है। निर्माण की गति धीमी है। जिम्मेदार अफसरों को ध्यान देना चाहिए।
शेष नाथ तिवारी, व्यापारी, अमेठी चौराहा
कुरना नाला निर्माण का काम केवल कतरारी चौराहे तक बन पाया है। टेड़ा मेड़ा बनाया गया है, वह भी पूरा नही है। अमेठी नगरवासियों को लिए आफत बन गया है। इससे जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिलने वाली है। इस बार भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा। निर्माण में घटिया सामग्री भी लगाई गई है। जब नाला बारिश में गिर जा रहा है तो शहर का पानी कैसे झेल पाएगा।
रमाशंकर राजभर, पूर्व सांसद निवासी अमेठी नगर
वर्जन
बहुत जल्द नाला निर्माण का निरीक्षण करुंगा। काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। कतरारी मोड़ तक बन जाने की जानकारी है। खराब निर्माण पर कार्रवाई हो चुकी है।
रवींद्र कुमार, सीडीओ