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Deoria News: रंग खेलते समय बरतें सावधानी, हो सकती है परेशानी

Sun, 24 Mar 2024 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 24 Mar 2024 11:28 PM IST
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be alert in holi
त्वचा, आंख और एलर्जी से हो सकते हैं पीड़ित
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आपसी भाइचारे के त्योहार होली में रंग खेलते समय सावधानी बरतें। केमिकल युक्त रंग व गुलाल का प्रयोग करने से परहेज करें। इससे चेहरे पर लगने और आंख में जाने से दिक्कत हो सकती है। वहीं, सांस व अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। खान-पान पर भी ध्यान न देने से बीपी, शुगर बढ़ सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि होली सौहार्दपूर्ण तरीके से खेलें, ताकि किसी को परेशान हो। दिक्कत होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
होली को लेकर लोग तैयारी में जुटे हैं। लोग केमिकलयुक्त रंग और गुलाल का लोग प्रयोग करते हैं। इसमें लेड, क्रोमियम एफस्टस, सिलिकान तत्व मिले रहते हैं। ये लोगों को बीमार बना देते हैं। चेहरे पर लगाने से जलन, खुजली और लालीपन व दाने निकल आते हैं। चमड़ी भी सूख जाती है। कभी-कभी चकत्ते भी हो जाते हैं। जबकि आंख में जाने से खुजली, लगातार पानी आने, लालीपन हो जाता है और पुतली पर घाव होने से दिक्कत बढ़ सकती है। इसमें इलाज में लापरवाही से दिक्कत बढ़ सकती है।
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रंग खेलते समय केमिकलयुक्त रंग का प्रयोग न करें। वार्निश न लगाएं, यह त्वचा के लिए नुकसानदेय होता है। इसके लगने से एलर्जी कांटेक्ट डमेटाइटिस, इरिटेंट कांटेक्ट डमेटाइटिस से पीड़ित हो सकते हैं। चेहरे पर खुजली, जलन, दाने निकलने के अलावा अन्य दिक्कत हो सकती है। समय से इलाज न कराने पर चेहरे के दाने से पानी निकलने लगता है। ऐसे में चर्म रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर दवा कराएं। रंग खेलने के लिए पहले खूब पानी पीएं। शरीर पर नारियल तेल, मोस्चराइजर लगाकर निकलें। इससे तेल त्वचा और रंग के बीच बैरियर का काम करता है, जो पानी की कमी नहीं होने देगा और त्वचा को सूखने नहीं देगा।
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-डॉ. अजीत पाल, चर्म रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज


होली में हर्बल रंगों का प्रयोग करें। केमिकलयुक्त रंग का इस्तेमाल न करें। आंख में जाने से रंग, गुलाल नुकसान करता है। एलर्जी के मरीजों से आंख से लगातार पानी आने लगता है। खुजली और लालीपन आ जाता है। रंग व गुलाल के आंख में जाने से इनमें मिले तत्वों से कार्निया में खरोंच के कारण घाव हो जाता है। इलाज में लापरवाही से रोशनी भी जा सकती है। आंख में चुभन, पानी आने पर रगड़े नहीं। साफ पानी से धोना चाहिए। अपने मन से दवा और ड्राॅप का इस्तेमाल न करें, यह नुकसानदेय साबित हो सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर उनकी सलाह पर दवा लेना चाहिए। माता-पिता की देखरेख में ही बच्चे होली खेलें, ताकि उन्हें परेशानी न हो। -डॉ. प्रकाश कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज


होली नेचुरल कलर से खेलें। रंग के बजाय गुलाल का प्रयोग करें। भींगने से ठंड लगती है। इससे अस्थमा व सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है। वहीं, एलर्जी के मरीजों को नाक से पानी, छींक आने व सांस की समस्या हो जाती है। अत्यधिक रंग और गुलाल फेफड़े के लिए भी नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही खानपान का भी ध्यान देने की जरूरत है। पकवान अधिक खाने से पेट की दिक्कत हो सकती है। वहीं बीपी, शुगर के मरीजों को भी सतर्क रहना होगा। अधिक तली, भुनी चीजों का सेवन करने से बीपी और शुगर भी बढ़ने की आशंका रहती है। कोई परेशानी होने पर लापरवाही न करें। विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर दवा लें।
-डॉ. विजय कुमार गुप्ता, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज
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