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Deoria News: गले में खराश, दर्द हो रहा है तो हो जाएं सतर्क
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- एलर्जी वालों को होती अधिक दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम बदलने पर गले की बीमारी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। एलर्जी से पीड़ित लोगों को अधिक दिक्कत होती है। खराश और दर्द हो रहा है तो सतर्क होने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीज बढ़े हैं। ईएनटी विभाग में रोजाना 40 से 50 मरीज गले की खराश से पीड़ित आ रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम के बार-बार बदलने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। इस मौसम में बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसकी वजह से गले में दिक्कत भी होती है। कई लोगों को गले में खराश और दर्द हो रहा है। गले में दर्द के साथ थूक निगलने में दिक्कत हो रही है। बुखार से लोग पीड़ित हो जा रहे हैं, और कमजोरी महसूस करते हैं। कुछ लोगों को ठंड लगने के साथ भी बुखार हो जा रहा है। इलाज में लापरवाही से दिक्कत बढ़ सकती है। इन दिनों गले के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की कतार लग रही है। डॉक्टर जांच करने के बाद दवा देने के साथ सजगता बरतने की सलाह भी दे रहे हैं।
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मौसम बदलने से स्टेक्टोफोकस निमोनी बैक्टीरिया ग्रोथ करता था, जिससे संक्रमण बढ़ता है। इसकी वजह से गले में दिक्कत आती है। वातावरण में नमी के कारण गले में खरास, भारीपन, कुछ फंसा होने की शिकायत लेकर लोग आते हैं। थायराइड व शुगर के मरीजों को भी मुंह सूखा, गले में फंसने की शिकायत होती है। इसके अलावा टांसिल में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। जिनका टांसिल बड़ा होता है उनके छोटे-छोटे छेद में खाना फंसने और मुंह साफ न रहने से बैक्टीरिया के संक्रमण से पस बन जाता है। इसकी वजह से खाना निगलने, थूक निगलने में दर्द, बुखार, कमजोरी महसूस होती है। कभी-कभी ठंड के साथ बुखार हो जाता है। गले में दिक्कत होने पर लापरवाही न करें, विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं।
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-डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, ईएनटी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज
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यह बरतें सावधानी
- गले में दिक्कत होने पर गलाला करें।
- ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- फ्रीज का ठंडा पानी न पीएं।
- मुंह को साफ रखें, भोजन करने के बाद भी साफ करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम बदलने पर गले की बीमारी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। एलर्जी से पीड़ित लोगों को अधिक दिक्कत होती है। खराश और दर्द हो रहा है तो सतर्क होने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीज बढ़े हैं। ईएनटी विभाग में रोजाना 40 से 50 मरीज गले की खराश से पीड़ित आ रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम के बार-बार बदलने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। इस मौसम में बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसकी वजह से गले में दिक्कत भी होती है। कई लोगों को गले में खराश और दर्द हो रहा है। गले में दर्द के साथ थूक निगलने में दिक्कत हो रही है। बुखार से लोग पीड़ित हो जा रहे हैं, और कमजोरी महसूस करते हैं। कुछ लोगों को ठंड लगने के साथ भी बुखार हो जा रहा है। इलाज में लापरवाही से दिक्कत बढ़ सकती है। इन दिनों गले के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की कतार लग रही है। डॉक्टर जांच करने के बाद दवा देने के साथ सजगता बरतने की सलाह भी दे रहे हैं।
मौसम बदलने से स्टेक्टोफोकस निमोनी बैक्टीरिया ग्रोथ करता था, जिससे संक्रमण बढ़ता है। इसकी वजह से गले में दिक्कत आती है। वातावरण में नमी के कारण गले में खरास, भारीपन, कुछ फंसा होने की शिकायत लेकर लोग आते हैं। थायराइड व शुगर के मरीजों को भी मुंह सूखा, गले में फंसने की शिकायत होती है। इसके अलावा टांसिल में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। जिनका टांसिल बड़ा होता है उनके छोटे-छोटे छेद में खाना फंसने और मुंह साफ न रहने से बैक्टीरिया के संक्रमण से पस बन जाता है। इसकी वजह से खाना निगलने, थूक निगलने में दर्द, बुखार, कमजोरी महसूस होती है। कभी-कभी ठंड के साथ बुखार हो जाता है। गले में दिक्कत होने पर लापरवाही न करें, विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं।
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-डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, ईएनटी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज
यह बरतें सावधानी
- गले में दिक्कत होने पर गलाला करें।
- ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- फ्रीज का ठंडा पानी न पीएं।
- मुंह को साफ रखें, भोजन करने के बाद भी साफ करें।