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Deoria News: साइबर ठगी की रकम यूएसडीटी में खपाने के आरोपी की जमानत खारिज
Sun, 04 Oct 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:37 AM IST
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देवरिया। साइबर ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलकर खपाने और म्यूल बैंक खातों के जरिए लेनदेन करने के आरोपी चंदन यादव को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने अदालत ने 30 सितंबर को उसकी पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन के अनुसार, जांच में अब तक 28 आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है और करीब चार करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी 22 वर्षीय चंदन यादव पर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
गौरी बाजार थाने में छह अगस्त को दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान पुलिस को कथित साइबर नेटवर्क की जानकारी मिली थी। आरोप है कि आधार, पैन कार्ड, सिम और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर विभिन्न एप पर खाते बनाए जाते थे। इसके बाद ठगी की रकम से यूएसडीटी की खरीद-फरोख्त की जाती थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो पीओएस टर्मिनल, एटीएम कार्ड, बैंक की मुहर, सिम कार्ड और 52 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामान बरामद किए थे।
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बचाव पक्ष ने कहा कि चंदन जिला पंचायत के सामने स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर मैनेजर है और प्राथमिकी में नामजद नहीं था। पीओएस से होने वाले भुगतान की रकम के स्रोत की जानकारी उसे नहीं होती। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
अभियोजन ने फर्जी पहचान, म्यूल खातों और क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन का आरोप लगाते हुए जमानत का विरोध किया। अदालत ने अभिलेखों के आधार पर मामला गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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अभियोजन के अनुसार, जांच में अब तक 28 आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है और करीब चार करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी 22 वर्षीय चंदन यादव पर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
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गौरी बाजार थाने में छह अगस्त को दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान पुलिस को कथित साइबर नेटवर्क की जानकारी मिली थी। आरोप है कि आधार, पैन कार्ड, सिम और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर विभिन्न एप पर खाते बनाए जाते थे। इसके बाद ठगी की रकम से यूएसडीटी की खरीद-फरोख्त की जाती थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो पीओएस टर्मिनल, एटीएम कार्ड, बैंक की मुहर, सिम कार्ड और 52 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामान बरामद किए थे।
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बचाव पक्ष ने कहा कि चंदन जिला पंचायत के सामने स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर मैनेजर है और प्राथमिकी में नामजद नहीं था। पीओएस से होने वाले भुगतान की रकम के स्रोत की जानकारी उसे नहीं होती। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
अभियोजन ने फर्जी पहचान, म्यूल खातों और क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन का आरोप लगाते हुए जमानत का विरोध किया। अदालत ने अभिलेखों के आधार पर मामला गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।