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Deoria News: लोकायुक्त की जांच में मिला 18 लाख से अधिक रुपये का गबन
Fri, 24 Feb 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 24 Feb 2023 11:29 PM IST
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मझौलीराज में ईओ, अध्यक्ष, अवर अभियंता व लेखा लिपिक पाए गए दोषी
पुलिस कर रही दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लोकायुक्त की दो सदस्यों की गठित टीम की जांच में मझौलीराज नगर पंचायत के चेयरमैन के साथ ईओ, अवर अभियंता और लिपिक भी घेरे में आ गए हैं। इन पर 18.61 लाख रुपये के गबन के आरोप पाए गए हैं। भाजपा नेता की ओर से करीब दो साल पहले नगर पंचायत मझौलीराज में नाली, सड़क व स्पीड ब्रेकर निर्माण में हुई अनियमितता को लेकर लोकायुक्त के पास शिकायत की गई थी।
गठित जांच टीम ने इन कार्यों में लाखों रुपये के गबन के मामले में ईओ ने तत्कालीन अध्यक्ष गौरी शंकर गुप्ता पर सलेमपुर कोतवाली में अक्तूबर 2021 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना करीब 16 माह में भी पूरी नहीं हो सकी है ।
भाजपा नेता रामध्यान पटेल ने वर्ष 2019 में 11 बिंदुओं पर लोकायुक्त से नगर पंचायत मझौलीराज में गबन की शिकायत की थी। इसके बाद लोक आयुक्त के आदेश पर तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर ने जिला स्तरीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई।
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इसमें केवल अध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता दोषी पाए गए थे। जिस पर ईओ पंकज कुमार ने अध्यक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा के बाद अब तक अध्यक्ष की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लोक आयुक्त की टीम ने पुन: जब इस गबन के मामले की गहन जांच की तो इस मामले में अध्यक्ष के साथ ईओ, अवर अभियंता व लेखा लिपिक 18 लाख 61 हजार 50 रुपये के गबन में संलिप्त पाए गए हैं।
इसमें ईओ पंकज कुमार पर 5.60 लाख, अध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता पर 5.60 लाख, अवर अभियंता विंध्याचल प्रसाद गुप्ता पर 3.28 लाख और लेखा लिपिक ओमप्रकाश पर पांच लाख 51 हजार रुपये के गबन का आरोप साबित हुआ है। इसको आधार बनाकर पुलिस ने विवेचना प्रारंभ कर दी है।
शिकायतकर्ता भाजपा नेता ने कहा कि अब तक इस मामले के विवेचना में जानबूझकर देर किया जा रहा है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में विवेचना की जा रही है। चेयरमैन के अलावा तीन अन्य लोग भी गबन के मामले में दोषी बताए जा रहे हैं।
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पुलिस कर रही दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लोकायुक्त की दो सदस्यों की गठित टीम की जांच में मझौलीराज नगर पंचायत के चेयरमैन के साथ ईओ, अवर अभियंता और लिपिक भी घेरे में आ गए हैं। इन पर 18.61 लाख रुपये के गबन के आरोप पाए गए हैं। भाजपा नेता की ओर से करीब दो साल पहले नगर पंचायत मझौलीराज में नाली, सड़क व स्पीड ब्रेकर निर्माण में हुई अनियमितता को लेकर लोकायुक्त के पास शिकायत की गई थी।
गठित जांच टीम ने इन कार्यों में लाखों रुपये के गबन के मामले में ईओ ने तत्कालीन अध्यक्ष गौरी शंकर गुप्ता पर सलेमपुर कोतवाली में अक्तूबर 2021 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना करीब 16 माह में भी पूरी नहीं हो सकी है ।
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भाजपा नेता रामध्यान पटेल ने वर्ष 2019 में 11 बिंदुओं पर लोकायुक्त से नगर पंचायत मझौलीराज में गबन की शिकायत की थी। इसके बाद लोक आयुक्त के आदेश पर तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर ने जिला स्तरीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई।
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इसमें केवल अध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता दोषी पाए गए थे। जिस पर ईओ पंकज कुमार ने अध्यक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा के बाद अब तक अध्यक्ष की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लोक आयुक्त की टीम ने पुन: जब इस गबन के मामले की गहन जांच की तो इस मामले में अध्यक्ष के साथ ईओ, अवर अभियंता व लेखा लिपिक 18 लाख 61 हजार 50 रुपये के गबन में संलिप्त पाए गए हैं।
इसमें ईओ पंकज कुमार पर 5.60 लाख, अध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता पर 5.60 लाख, अवर अभियंता विंध्याचल प्रसाद गुप्ता पर 3.28 लाख और लेखा लिपिक ओमप्रकाश पर पांच लाख 51 हजार रुपये के गबन का आरोप साबित हुआ है। इसको आधार बनाकर पुलिस ने विवेचना प्रारंभ कर दी है।
शिकायतकर्ता भाजपा नेता ने कहा कि अब तक इस मामले के विवेचना में जानबूझकर देर किया जा रहा है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में विवेचना की जा रही है। चेयरमैन के अलावा तीन अन्य लोग भी गबन के मामले में दोषी बताए जा रहे हैं।